कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में हाथियों के उत्पात से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर उतर आया। फसलों की बर्बादी और सुरक्षा की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पसान बस स्टैंड चौक पर चक्काजाम कर दिया। इससे पेंड्रा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर घंटों यातायात बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले डेढ़ महीने से 60 हाथियों का दल पसान क्षेत्र में एक ही जगह पर डेरा जमाए हुए है। हाथी लगातार खेतों में घुसकर धान की फसलों को रौंद रहे हैं, घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि ग्रामीणों को रात-रात भर जागकर अपने घर और खेत की रखवाली करनी पड़ रही है। दहशत के कारण स्कूल और आंगनबाड़ी तक प्रभावित हो रहे हैं।
लगातार बढ़ती समस्या से नाराज होकर ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच विनीता देवी और महिला नेत्री सरोज अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में पसान के साथ-साथ तेलियामार सहित आसपास के कई प्रभावित गांवों के लोग शामिल हुए और सड़क पर बैठ गए। ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाई जाए, पहाड़ से लगे क्षेत्रों में झटका वाला फेंसिंग तार लगाया जाए, हाथियों की निगरानी के लिए ड्रोन और टीम बढ़ाई जाए और प्रभावित परिवारों को सुरक्षा सामग्री दी जाए। साथ ही फसल नुकसान का सर्वे कर जल्द मुआवजा दिया जाए।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम, तहसीलदार और पसान पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी और समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ और पुलिस ने यातायात बहाल कराया।
बताया जा रहा है कि वन विभाग हाथियों के झुंड को घने जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास में जुटा है। सड़क पार कराने के लिए दोनों तरफ कर्मचारी तैनात किए गए हैं और गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
इधर हाथी प्रभावित तेलियामार गांव में छात्रावास परिसर के बगीचे को हाथियों द्वारा तहस-नहस करने के बाद 160 बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो फिर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।