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सीजी: रात में प्रेमिका से फोन पर बात, 2:30 बजे मिलने पहुंचा अमित; भाई ने देख लिया और फिर फावड़े से कर दी हत्या

Wed, 09 Sep 2026 05:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जांजगीर चाम्पा

जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में करीब दो महीने से पुलिस के लिए पहेली बने अमित भंडारी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग मुख्य वजह सामने आई है। मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों बजरंग सिंह क्षत्रिय, पप्पू सिंह क्षत्रिय और संतोषी सिंह क्षत्रिय को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ फॉरेंसिक जांच का सहारा लिया। जांच में 200 से अधिक टावर डंप, सीडीआर, आईपीडीआर, जीपीएस और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। इसके अलावा घटना का री-क्रिएशन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पुनर्विश्लेषण और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं की भी मदद ली गई। बिलासपुर से आई प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग विमला की भूमिका भी जांच में अहम रही।

पुलिस के मुताबिक मृतक अमित भंडारी का गांव की ही संतोषी सिंह से पहले से प्रेम प्रसंग था। शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी थी। घटना वाली रात भी दोनों के बीच करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद करीब 2:30 बजे अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म कर घर लौटा। घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा और अपनी बहन के साथ अमित को देखकर विवाद करने लगा।

पुलिस के अनुसार विवाद के दौरान दोनों के बीच मारपीट हुई। इसी दौरान अमित का सिर पीछे की दीवार से टकराया, जिससे वहां खून के निशान मिले। इसके बाद अमित जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान बजरंग सिंह ने पास पड़े छोटे फावड़े/रापा से अमित के सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौत हो गई।

हत्या के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी में झुरमुट के नीचे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार उसी रात गांव में चोरी की सूचना के कारण डायल-112 की टीम भी मौजूद थी और बड़ी संख्या में लोगों के जागे होने की वजह से आरोपी शव को तत्काल दूसरी जगह नहीं ले जा सके। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार संतोषी ने पूरी घटना देखी और शव छिपाने में बजरंग की मदद की। अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह के गांव लौटने पर उसे घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों ने अमित को तलाशने का नाटक किया और उसके परिजनों के साथ मुलमुला थाना पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी शामिल हुए।

पुलिस के मुताबिक 28 जून की मध्यरात्रि करीब 12 बजे मौका देखकर दोनों ने अमित के शव को गांव के बीच स्थित एक दूसरे स्थान पर पहुंचाकर रख दिया, ताकि हत्या का शक उन पर न जाए। अगले दिन 29 जून को शव बरामद होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

तकनीकी जांच में खुलती गईं परतें
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन, सीडीआर, आईपीडीआर, जीपीएस और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान संदिग्धों के बयानों में लगातार बदलाव सामने आया। जांच में बिलासपुर से आई प्रशिक्षित ट्रैकर डॉग विमला की मदद भी ली गई। तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और अन्य परीक्षणों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों से दोबारा पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में तीनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल छोटा फावड़ा/रापा और शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी बरामद की है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि बजरंग सिंह का पुलिस रिमांड लिया गया है। पुलिस के अनुसार बजरंग से आगे फॉरेंसिक जांच और आधुनिक तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा।

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