जिला मुख्यालय के बहादुरपुर में लोजपा (रामविलास) नेता और सिने कारोबारी रोहित कुमार उर्फ अंटू ईस्सर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग और इसके बाद वैशाली के गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में कार से युवक का शव मिलने के चर्चित मामले में पुलिस ने मंगलवार देर शाम बड़ा एक्शन लिया। समस्तीपुर पुलिस ने अंटू ईस्सर को बहादुरपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई में नगर थाना पुलिस के साथ जिला पुलिस की डीआईयू और एसटीएफ की टीम भी शामिल रही। अंटू ईस्सर की गिरफ्तारी के बाद बहादुरपुर गोलीकांड की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब गोलीबारी, दोनों पक्षों की भूमिका, हमलावरों के आपसी संबंध और गंगा ब्रिज में मिले शव की कड़ियों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की जांच आगे बढ़ा रही है। अंटू ईस्सर पर चली थीं ताबड़तोड़ गोलियां, साथी को लगी थी गोली दरअसल, 17 फरवरी 2026 की देर शाम नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में अंटू ईस्सर को निशाना बनाकर कुछ बदमाशों ने फायरिंग की थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बदमाश कार और बाइक से पहुंचे थे और अंटू ईस्सर पर कई राउंड गोलियां चलाई थीं। इस हमले में अंटू ईस्सर बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनके साथ मौजूद शुभम सिंह उर्फ ईशू को गोली लगी थी। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे। घटना को लेकर अंटू ईस्सर के आवेदन पर कई लोगों को नामजद करते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अलग-अलग बिंदुओं पर आरोपियों की तलाश में कार्रवाई की। फायरिंग के दो दिन बाद गंगा ब्रिज में कार से मिला था शव बहादुरपुर में गोलीबारी की घटना के दो दिन बाद वैशाली के गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में गांधी सेतु के पास एक कार से युवक का शव बरामद हुआ था। पुलिस की जांच में मृतक की पहचान जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र निवासी भानु कुमार के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस के सामने यह बात आई कि भानु कुमार उन लोगों में शामिल था, जो अंटू ईस्सर पर हमला करने के लिए समस्तीपुर पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, बहादुरपुर में हुई गोलीबारी के दौरान भानु घायल हो गया था। इसके बाद उसे इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। आरोप है कि मौत के बाद उसके साथी शव को कार में छोड़कर फरार हो गए थे। 10 लाख रुपये की कथित सुपारी का भी सामने आया था एंगल गंगा ब्रिज थाना पुलिस की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया था कि अंटू ईस्सर की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की कथित सुपारी दी गई थी। जांच में आरोपियों के समस्तीपुर पहुंचने और बहादुरपुर में अंटू ईस्सर पर हमला करने की बात भी सामने आने का पुलिस ने दावा किया था। इसके बाद समस्तीपुर और वैशाली पुलिस की जांच में इस मामले से जुड़ी कई अहम कड़ियां सामने आती गईं। इस मामले में लक्की खान, राहुल कुमार उर्फ चुसनी, अभिषेक पासवान और मनीराम उर्फ मनिया समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अगस्त में मनीराम की गिरफ्तारी भी डीआईयू और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में हुई थी। अंटू ईस्सर की गिरफ्तारी के बाद कई सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस अब अंटू ईस्सर की गिरफ्तारी को बहादुरपुर गोलीकांड की जांच में अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि पूरी गोलीबारी की घटना में किसकी क्या भूमिका थी, फायरिंग की असली वजह क्या थी और गंगा ब्रिज में युवक का शव मिलने की घटना का बहादुरपुर गोलीकांड से क्या पूरा संबंध है। हालांकि, फिलहाल पुलिस की ओर से अंटू ईस्सर की गिरफ्तारी की विस्तृत वजह और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद बहादुरपुर गोलीकांड से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।