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रामपुर किले पर अफसरों ने जवाब को मांगा समय
Rampur
Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। रामपुर किले का मूल स्वरूप बिगाड़े जाने के मामले में अफसर कोर्ट में अपना जवाब दाखिल नहीं कर पाए,जिस पर कोर्ट में उन्होंने अपने अधिवक्ता के जरिए जवाब देने के लिए वक्त मांगा है। कोर्ट ने अफसरों को 16 मई तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले की सुनवाई अब 16 मई को होगी।
कांग्रेस विधायक नवेद मियां और उनकी मां बेगम नूरबानो ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) सीताराम की अदालत में याचिका दायर की थी,जिसमें कहा था कि रामपुर का किला सौ से अधिक साल पुराना है। यह भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षित भवन की श्रेणी में आता है। इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ ना की जाए। याचिकाकताओं का कहना था कि प्रशासन किले की दीवारों के साथ छेड़छाड़़ कर उसके मूल स्वरूप को समाप्त करना चाहता है। इस मामले में यूपी सरकार, जिलाधिकारी रामपुर, नगरपालिका के ईओ निहाल चंद्र, लोकनिर्माण के अधिशासी अभियंता साहब सिंह वर्मा और आरडीए के सचिव को पक्षकार बनाया गया है। एक मई को कोर्ट ने छह अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए उनको नोटिस जारी किया था । उनसे दस मई तक जवाब मांगा था। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई शुरू हुई,जिसमें अफसरों की ओर से जवाब उनकेअधिवक्ता ने जवाब दाखिल नहीं किया। इसके लिए अधिवक्ता ने समय देने की मांग की। साथ ही अमीन की ओर से कमीशन रिपोर्ट देने का वक्त मांगा गया। कोर्ट ने दोनों के प्रार्थना पत्र स्वीकारते हुए सुनवाई के लिए 16 मई की तारीख मुकर्रर की है।
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कांग्रेस विधायक नवेद मियां और उनकी मां बेगम नूरबानो ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) सीताराम की अदालत में याचिका दायर की थी,जिसमें कहा था कि रामपुर का किला सौ से अधिक साल पुराना है। यह भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षित भवन की श्रेणी में आता है। इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ ना की जाए। याचिकाकताओं का कहना था कि प्रशासन किले की दीवारों के साथ छेड़छाड़़ कर उसके मूल स्वरूप को समाप्त करना चाहता है। इस मामले में यूपी सरकार, जिलाधिकारी रामपुर, नगरपालिका के ईओ निहाल चंद्र, लोकनिर्माण के अधिशासी अभियंता साहब सिंह वर्मा और आरडीए के सचिव को पक्षकार बनाया गया है। एक मई को कोर्ट ने छह अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए उनको नोटिस जारी किया था । उनसे दस मई तक जवाब मांगा था। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई शुरू हुई,जिसमें अफसरों की ओर से जवाब उनकेअधिवक्ता ने जवाब दाखिल नहीं किया। इसके लिए अधिवक्ता ने समय देने की मांग की। साथ ही अमीन की ओर से कमीशन रिपोर्ट देने का वक्त मांगा गया। कोर्ट ने दोनों के प्रार्थना पत्र स्वीकारते हुए सुनवाई के लिए 16 मई की तारीख मुकर्रर की है।
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