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बोर्ड भंग करने की रची जा रही साजिश: अहसान
Rampur
Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। डीसीडीएफ के चेयरमैन मुहम्मद अहसान ने सहकारिता विभाग की जांच पर सवाल उठाए हैं। सहकारिता विभाग सत्ता पक्ष के दबाव में बोर्ड भंग करने के लिए उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। पूर्व बोर्ड के कार्यकाल में डीसीडीएफ की सारी संपत्ति पर अवैध कब्जे कर लिए गए।
सहकारिता विभाग की जांच में चेयरमैैन को डीसीडीएफ संपत्ति को खुर्दबुर्द करने का दोषी पाया है। चेयरमैन मुहम्मद अहसान ने मीडिया वालों के सामने पलटवार करते हुए कहा कि डीसीडीएफ की जमीन और संपत्ति पर पूर्व बोर्ड के दौरान ही कब्जे कर लिए गए। उन्होंने चेयरमैन पद की शपथ लेने के बाद बोर्ड की बैठक बुलाई और उसमें अवैध कब्जा करने वालों की जांच कराने का प्रस्ताव पास किया था। चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने ही डीसीडीएफ की सारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का मामला शासन में उठाया था। तत्कालीन डीएम ने जांच कमेटी बनाई थी। लेकिन कमेटी ने अभी तक जांच पूरी नहीं की है। कई लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि 1990 से 2007 तक जितनी भी गलत तरीके से रजिस्ट्री कराई थीं वह निकलवा ली गई हैं। उनकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। चेयरमैन ने कहा कि सहकारिता विभाग सत्ता पक्ष के दबाव में उन पर गलत आरोप लगा रहा है। विभाग बोर्ड भंग करने का षडयंत्र रच रहा है। उनका दामन साफ है। उन्होंने कहा विभाग बोर्ड भंग कर दे पर उनके गलत इल्जाम न लगाए।
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सहकारिता विभाग की जांच में चेयरमैैन को डीसीडीएफ संपत्ति को खुर्दबुर्द करने का दोषी पाया है। चेयरमैन मुहम्मद अहसान ने मीडिया वालों के सामने पलटवार करते हुए कहा कि डीसीडीएफ की जमीन और संपत्ति पर पूर्व बोर्ड के दौरान ही कब्जे कर लिए गए। उन्होंने चेयरमैन पद की शपथ लेने के बाद बोर्ड की बैठक बुलाई और उसमें अवैध कब्जा करने वालों की जांच कराने का प्रस्ताव पास किया था। चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने ही डीसीडीएफ की सारी संपत्ति पर अवैध कब्जे का मामला शासन में उठाया था। तत्कालीन डीएम ने जांच कमेटी बनाई थी। लेकिन कमेटी ने अभी तक जांच पूरी नहीं की है। कई लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि 1990 से 2007 तक जितनी भी गलत तरीके से रजिस्ट्री कराई थीं वह निकलवा ली गई हैं। उनकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। चेयरमैन ने कहा कि सहकारिता विभाग सत्ता पक्ष के दबाव में उन पर गलत आरोप लगा रहा है। विभाग बोर्ड भंग करने का षडयंत्र रच रहा है। उनका दामन साफ है। उन्होंने कहा विभाग बोर्ड भंग कर दे पर उनके गलत इल्जाम न लगाए।
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