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Hindi News ›   World ›   Zubeen Garg case Singapore court opens coroner inquiry into Garg's death on January 14

जुबीन गर्ग की मौत मामले में बड़ा अपडेट, सिंगापुर कोर्ट 14 जनवरी से शुरू करेगा कोरोनर इंक्वायरी

Mon, 29 Dec 2025 05:27 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 29 Dec 2025 05:27 PM IST
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Zubeen Garg case Singapore court opens coroner inquiry into Garg's death on January 14
जुबीन गर्ग - फोटो : ANI

असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सिंगापुर की अदालत 14 जनवरी से मौत के कारणों की न्यायिक जांच (कोरोनर इंक्वायरी) शुरू करेगी। 52 वर्षीय जुबीन का निधन 19 सितंबर को सिंगापुर के सेंट जॉन्स आइलैंड पर समुद्र में तैरने के दौरान हुआ था। वे सिंगापुर में एक सांस्कृतिक उत्सव में प्रस्तुति देने गए थे। 

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चैनल न्यूज एशिया की सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई राज्य न्यायालयों में होगी। पुलिस ने पहले कहा था कि उनके निष्कर्ष जांच के लिए राज्य के कोरोनर एडम नखोदा को सौंपे जाएंगे। सिंगापुर पुलिस ने पहले कहा था कि उन्हें उस दिन सेंट जॉन द्वीप पर सहायता के लिए एक कॉल प्राप्त हुई थी। गर्ग को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।
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पुलिस ने भारतीय जनता से की थी यह अपील
सिंगापुर पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि गर्ग की मौत की जांच अभी भी जारी है और जनवरी और फरवरी 2026 में एक कोरोनर की जांच निर्धारित की गई है। पुलिस ने कहा है कि अब तक की जांच के आधार पर उन्हें गर्ग की मौत में किसी तरह की साजिश का पता नहीं चला है। सिंगापुर पुलिस ने जनता से गायिका की मौत के बारे में अटकलें न लगाने का आग्रह किया है।
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क्या है कोरोनर जांच?
कोरोनर जांच एक तथ्य-खोज प्रक्रिया है, जिसका नेतृत्व एक न्यायिक अधिकारी-कोरोनर द्वारा किया जाता है। जांच में इस बात का पता लगाने की कोशिश की जाती है कि किसी मृत व्यक्ति की मृत्यु कैसे, कब और कहां हुई। कोरोनर अधिनियम के तहत कोरोनर को ऐसा कोई निष्कर्ष निकालने की अनुमति नहीं होती है जो मृत्यु के लिए आपराधिक दायित्व निर्धारित करता हो।


कोरोनर की जांच खुली अदालत में होती है, जब तक कि कोरोनर के पास ऐसा न करने का कोई पर्याप्त कारण न हो। चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, जांच एक दिन में समाप्त हो सकती है या कई दिनों तक चल सकती है। जांच पूरी होने पर, कोरोनर मृत्यु की परिस्थितियों के संबंध में निष्कर्ष निकालेगा।

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