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चिंताजनक: अस्तित्व पर संकट, तीन दशक में 54 फीसदी कम हो गई जेब्रा की आबादी; प्रकृति संघ ने लाल सूची में डाला

Tue, 04 Feb 2025 04:36 AM IST
शुभम कुमार अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 04 Feb 2025 04:36 AM IST
सार

रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में प्रकृति में तीन अलग-अलग प्रकार के जेब्रा रहते हैं। ग्रेवी, मैदानी और पहाड़ी जेब्रा। पहाड़ी जेब्रा दक्षिण-पश्चिमी अंगोला, नामीबिया और दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका में पाए जाते हैं। पहाड़ी जेब्रा को भी वर्तमान में गंभीर रूप से संकटग्रस्त के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

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zebra population reduced by 54% in three decades Existence in danger World Nesw In Hindi
मादा जेब्रा ऐश्वर्या - फोटो : amar ujala

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने ग्रेवी जेब्रा को गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों की लाल सूची में डाला है। अफ्रीकी वन्यजीव फाउंडेशन के अनुसार पिछले तीन दशकों के दौरान सभी किस्मों की जेब्रा की आबादी में लगभग 54 फीसदी की कमी आई है। जेब्रा को जानवरों के साम्राज्य में सबसे अधिक आकर्षक और बुद्धिमान माना जाता है।
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अध्ययन की रिपोर्ट की बातें
यह जानकारी कैरी इंस्टिट्यूट ऑफ इकोसिस्टम स्टडीज की एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में प्रकृति में तीन अलग-अलग प्रकार के जेब्रा रहते हैं। ग्रेवी, मैदानी और पहाड़ी जेब्रा। पहाड़ी जेब्रा दक्षिण-पश्चिमी अंगोला, नामीबिया और दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका में पाए जाते हैं। पहाड़ी जेब्रा को भी वर्तमान में गंभीर रूप से संकटग्रस्त के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
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बता दें कि यह 20वीं शताब्दी में विलुप्त होने के करीब पहुंच गया था। मैदानी जेब्रा की तरह उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आवास का नुकसान और शिकार है। ग्रेवी जेबरा, जेबरा की सबसे बड़ी प्रजाति है। वे इथियोपिया, सोमालिया और उत्तरी केन्या में उप-रेगिस्तानी मैदानों और शुष्क घास के मैदानों में रहते हैं। अपने बड़े, गोल कानों और मोटी गर्दन की वजह से वे धारियों वाले खच्चरों की तरह दिखते हैं।
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जलवायु परिवर्तन से अस्तित्व पर संकट...
रिपोर्ट के अनुसार समय बीतने के साथ, आवास के नष्ट होने, जलवायु परिवर्तन और अवैध शिकार ने उनके अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। जेब्रा की आबादी का रुझान प्रजातियों के प्रकार के साथ बदलता रहता है। सभी प्रकार के जेब्राओं की अनुमानित आबादी 6 लाख 60 हजार से 10 लाख के बीच है और वर्तमान में इसे लुप्तप्राय के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है।

खूबसूरत धारियां बनीं सबसे बड़ी दुश्मन
रिपोर्ट के अनुसार जेब्रा के शरीर की खूबसूरत धारियां ही उसके शिकार का एक बड़ा कारण हैं। ये पैटर्न लगभग सभी किस्म के जेब्राओं में अलग-अलग पाए जाते हैं। जैसे मनुष्य के फिंगर प्रिंट मेल नहीं खाता इस तरह इनकी धारियां भी मेल नहीं खातीं। ये धारियां मुख्य रूप से इन्हें जंगली मक्खियों को काटने से बचाने के लिए एक रक्षा तंत्र के रूप में काम करती हैं। वैसे तो आवास विनाश के साथ ही जेब्रा के खतरे में पड़ने के कई कारण और वजहें हो सकती हैं, लेकिन मनुष्यों द्वारा जेब्रा का किया जाने वाला अवैध शिकार उनके लिए सबसे बड़ा खतरा है।


प्रभावशाली हैं आपसी संवाद शैलियां
रिपोर्ट के अनुसार जेब्रा संवाद करने के लिए अलग-अलग तरह की आवाजें निकालते हैं। जैसे कि रेंकना, भोंकना और सूंघना। वे जुड़ने के लिए कई तरह के चेहरे के भाव भी इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के लिए वे अपने मूड को व्यक्त करने के लिए अपने कानों को किसी भी दिशा में मोड़ सकते हैं। जब वे गुस्से में होते हैं तो उन्हें पीछे की ओर खींच लेते हैं और जब शांत और दोस्ताना महसूस करते हैं तो उन्हें सीधा खड़ा कर देते हैं।
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