पश्चिम एशिया: ईरान-ओमान वार्ता के बीच होर्मुज में जहाज पर हमला, खाड़ी देशों की बैठक टली; सामने आया बड़ा कारण
ईरान और खाड़ी देशों के बीच ओमान के सलालाह में होने वाली बैठक कुछ क्षेत्रीय देशों के अनुरोध पर स्थगित कर दी गई है। बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और प्रस्तावित व्यवस्था पर चर्चा होनी थी। इसी बीच केश्म द्वीप के पास ईरानी कार्गो जहाज पर हमले की खबर से तनाव और बढ़ गया है।
विस्तार
ईरान और खाड़ी देशों के बीच सोमवार को ओमान में प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, कुछ क्षेत्रीय देशों के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने यह नहीं बताया कि किन देशों ने बैठक टालने का अनुरोध किया था।
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर बैठक स्थगित होने की जानकारी दी। यह बैठक ओमान के सलालाह शहर में होनी थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहमति के हित में बैठक को टाला गया है और ओमान क्षेत्र में स्थिरता और लंबे समय तक सहयोग को बढ़ावा देने वाली बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग पर होनी थी चर्चा
बैठक का मुख्य एजेंडा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को लेकर संभावित व्यवस्था पर चर्चा करना था। ईरान और ओमान पिछले कई महीनों से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों के आवागमन के नियमों को लेकर द्विपक्षीय बातचीत कर रहे हैं।
ओमान जलडमरूमध्य के दूसरी ओर स्थित तट पर नियंत्रण रखता है और पहले यह कहा जा चुका है कि इन वार्ताओं को अन्य खाड़ी अरब देशों का भी समर्थन मिला है। ईरान की योजना क्षेत्रीय देशों को इस प्रस्तावित व्यवस्था के बारे में जानकारी देने की थी।
In the interests of consensus the regional meeting set for tomorrow in Salalah has been postponed. We remain committed to fostering dialogue that supports stability and lasting cooperation in our region 🇧🇭 🇮🇷 🇮🇶 🇰🇼 🇴🇲 🇶🇦 🇸🇦 🇦🇪
— Badr Albusaidi - بدر البوسعيدي (@badralbusaidi) September 13, 2026
ईरानी कार्गो जहाज पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
बैठक स्थगित होने से कुछ घंटे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में क़ेश्म द्वीप के पास एक ईरानी कार्गो जहाज को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई थी। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और चार लोग घायल हुए। ब्रिटेन के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस मॉनिटर ने भी बताया कि जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज को प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचा और उसमें भीषण आग लग गई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ कि यह वही जहाज था जिसका जिक्र ईरान ने किया था।
अमेरिकी सेना की ओर से इस घटना पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जहाज पर अमेरिकी हमले से जुड़े सवाल पर सीधे जवाब देने से इनकार कर दिया।
सऊदी अरब ने समझौते पर जताई थी चिंता
एक खाड़ी अधिकारी के मुताबिक, सऊदी अरब ने ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित समझौते में कुछ बदलाव सुझाए हैं। सऊदी अरब को आशंका है कि इस समझौते का होर्मुज जलडमरूमध्य पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है और इससे खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के अन्य देशों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
बैठक से पहले केवल इराक ने सार्वजनिक रूप से इसमें शामिल होने की पुष्टि की थी। वहीं, बहरीन ने तेहरान के साथ राजनयिक संबंध नहीं होने का हवाला देते हुए बैठक में शामिल होने से इनकार किया था।
ईरान जहाजों से ट्रांजिट शुल्क लेने की बात कह चुका है
ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने की व्यवस्था चाहता है। तेहरान का कहना है कि फारस की खाड़ी में जाने वाला समुद्री यातायात ईरानी जलक्षेत्र से होकर गुजरेगा, जबकि बाहर जाने वाले जहाजों का रास्ता कुछ हिस्से में ईरान और कुछ हिस्से में ओमान के जलक्षेत्र से होकर गुजर सकता है।
इस बीच, क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही अभी भी कम है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
BRICS समिट में ईरान और UAE के बीच बातचीत
इसी बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के एक शीर्ष नेता के साथ बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी चिंता के मुद्दों पर बात की और भविष्य की ओर देखने तथा मिलकर आगे बढ़ने की संभावनाओं पर चर्चा की। पेजेशकियन के मुताबिक, उन्होंने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब ईरान और खाड़ी देशों के बीच क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है।