Xi Jinping to visit Moscow: क्या यूक्रेन में युद्ध रोकने के लिए पुतिन को मना पाएंगे शी जिनपिंग?
Xi Jinping to visit Moscow: राष्ट्रपति का तीसरा कार्यकाल शुरू करने के बाद शी की यह पहली विदेश यात्रा है। साथ ही यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला मौका है, जब चीन के राष्ट्रपति मास्को पहुंचेंगे। चीन और रूस दोनों अपने संबंध को ‘असीमित दोस्ती’ बताते हैं...
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रूस यात्रा से ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के खिलाफ वारंट जारी कर इस मामले में नया पहलू जोड़ दिया है। इससे पश्चिमी विश्लेषकों को शी को घेरने का मौका मिलेगा। पश्चिम में आरोप लगाया जाएगा कि जिस नेता के खिलाफ युद्ध अपराध के आरोप में वारंट जारी हुआ है, शी जिनपिंग उनसे मुलाकात कर उन्हें वैधता प्रदान कर रहे हैं।
इस संभावना को देखते हुए चीन समर्थक मीडिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग में चीन और रूस के समर्थकों अकाउंट्स ने सवाल उठाए गए हैं कि आईसीसी ने अफगानिस्तान, इराक और लीबिया पर अमेरिका के नेतृत्व में नाटो के हमलों के दौरान हुए कथित युद्ध अपराध के मामलों में ऐसी सक्रियता क्यों नहीं दिखाई? रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की इस प्रतिक्रिया को इन अकांउट्स पर व्यापक रूप से शेयर किया गया है कि आईसीसी के वारंट का टॉयलेट पेपर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
शी जिनपिंग 20 से 22 मार्च तक रूस की यात्र पर रहेंगे। क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय) ने एक बयान में कहा है कि शी और पुतिन दोनों देशों की व्यापक सहभागिता और रणनीतिक संपर्क को और आगे बढ़ाएंगे। अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के बारे में भी शी और पुतिन बातचीत करेंगे। क्रेमलिन के मुताबिक इस दौरान दोनों राष्ट्रपति कुछ महत्त्वपूर्ण द्विपक्षीय दस्तावेजों पर दस्तखत भी करेंगे।
राष्ट्रपति का तीसरा कार्यकाल शुरू करने के बाद शी की यह पहली विदेश यात्रा है। साथ ही यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला मौका है, जब चीन के राष्ट्रपति मास्को पहुंचेंगे। चीन और रूस दोनों अपने संबंध को ‘असीमित दोस्ती’ बताते हैं। इसके बावजूद यूक्रेन युद्ध में चीन ने तटस्थ रुख अपनाए रखा है।
अब ऐसी खबर है कि इस यात्रा के दौरान शी यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के अपने प्रस्ताव पर राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत करेंगे। चीन ने पिछले महीने रूस और यूक्रेन के बीच शांति कायम करने के लिए अपना 12 सूत्रीय प्रस्ताव सामने रखा था। पश्चिमी देशों ने तुरंत उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि इस प्रस्ताव के आधार पर बातचीत आगे बढ़ सकती है। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक इस बात की संभावना है कि मास्को यात्रा से लौटने के बाद शी जिनपिंग जेलेंस्की से वीडियो वार्ता करेँगे।
इस गुरुवार को चीन के विदेश मंत्री चिन गांग ने यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा से फोन पर बातचीत की थी। उस दौरान उन्होंने उम्मीद जताई थी कि यूक्रेन और रूस संवाद और बातचीत के रास्ते पर आएंगे और मसले का राजनीतिक समाधान निकालने का रास्ता बंद नहीं करेंगे। विश्लेषकों के मुताबिक चिन ने यह बातचीत यूक्रेन का मन भांपने की कोशिश में की। अब यूक्रेन की तरफ से मिले संकेतों के आधार पर शी जिनपिंग मास्को में पुतिन से बातचीत करेंगे।
चीन को हाल में ईरान और सऊदी अरब के बीच समझौता कराने में बड़ी सफलता मिली। इसीलिए रूस और यूक्रेन के बीच उसकी मध्यस्थता की कोशिश को गंभीरता से लिया जा रहा है।