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सालभर से गायब है कोरोना की चपेट में पहली बार आई शोधकर्ता, चीन सरकार कर रही खंडन
Mon, 18 Jan 2021 08:57 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 18 Jan 2021 08:57 AM IST
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वुहान लैब की शोधकर्ता हुआंग यानलिंग
- फोटो : Daily mail london
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कोरोना वायरस को लेकर नए-नए खुलासे होते रहे हैं और नए खुलासे ने लोगों को हैरान कर दिया है। ऐसा ही एक वाक्या चीन ने वुहान लैब से आया है, जहां एक चीनी शोधकर्ता के लिए पश्चिमी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि यह शोधकर्ता ही दुनिया की पहली कोरोना मरीज थी, जिसे संदिग्ध तौर पर छुपाया था।
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हुआंग यानलिंग, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में शोधकर्ता थीं और चीन में शेयर की जा रहीं ऑनलाइन रिपोर्ट्स में उनका नाम पेशेंट जीरो बताया जा रहा है। हालांकि इन रिपोर्ट्स में यह नहीं बताया गया है, हुआंग को कोरोना कब हुआ था, या उसके बाद उनका क्या हुआ था। इस रिपोर्ट्स से अमेरिका के उन आरोपों को बल जरूर मिला है, जिससे संस्थान के स्टाफ के शुरुआत में संक्रमित होने का दावा किया गया था।
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वीचैट के जरिए हुआंग ने किया खंडन
चीन की वीचैट एप के जरिए हुआंग यानलिंग ने अपने ठीक होने की जानकारी दी। हुआंग ने लिखा कि मेरे अध्यापकों और साथ पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए, मैं आखिर कब तक नहीं बोलती। मैं हुआंग यानलिंग हूं और मैं जिंदा हूं। अगर आपको कोविड-19 से संबंधित कोई भी ईःमेल मिलता है तो वो सत्य नहीं है।
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इसके अलावा उनके बॉस, वेई होंग पिंग ने दावा किया है कि हुआंग ने 2015 में इस लैब को छोड़ दिया था और अब इन अफवाहों को सुनकर उसने मुझे फोन किया और ऐसी खबरों पर यकीन ना करने के लिए कहा है। वहीं चीनी अधिकारियों ने यह दावा किया है कि वो सुरक्षित हैं और चीन मे ही हैं।
इंटरनेट पर चर्चा
हालांकि हुआंग खुद सोशल मीडिया से गायब हैं। उनकी रिसर्च हिस्ट्री और बायोग्राफी को संस्थान की वेबसाइट से हटा दिया गया है। उनसे जुड़ी बस एक पुरानी तस्वीर ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। चीन के ब्लॉगर और इंटरनेटर यूजर्स ने मांग की है कि हुआंग सामने आकर इस बात को सच साबित करें कि वो जिंदा हैं।
चीन छिपा रहा जानकारी?
एक मीडिया संस्थान के मुताबिक, चीन में हुआंग से संबंधित जानकारियां इंटरनेट से हटा दी जा रही हैं। पश्चिमी देशों की सरकारें भी हुआंग को नहीं ढूंढ पाई हैं क्योंकि चीन की सरकारी लाइन यही है कि वुहान फसिलिटी से वायरस फैलना नहीं शुरू हुआ था।