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WTO Talks: पेटेंट, मछली पालन सब्सिडी और निर्बाध व्यापार के मुद्दों पर सहमति, नौ साल बाद डब्ल्यूटीओ के बड़े कदम
Fri, 17 Jun 2022 09:52 AM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 17 Jun 2022 09:52 AM IST
सार
इसके साथ ही जिनेवा में 12 जून से शुरू हुई चार दिनी वार्ता शुक्रवार तड़के समाप्त हो गई। वार्ता से जुड़े सूत्रों ने विभिन्न समझौतों पर व्यापक सहमति की खबर दी।
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12th WTO Ministerial Conference
- फोटो : ANI
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विस्तार
लगभग नौ वर्षों के अंतराल के बाद विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्य देशों के बीच मछली पालन सब्सिडी रोकने और निर्बाध व्यापार और कोरोना को देखते हुए पेटेंट नियमों में छूट को लेकर अहम सहमति बन गई है। इनसे संबंधित करार जल्द घोषित किए जाएंगे।
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इसके साथ ही जिनेवा में 12 जून से शुरू हुई चार दिनी मंत्रिस्तरीय वार्ता शुक्रवार तड़के समाप्त हो गई। वार्ता से जुड़े सूत्रों ने विभिन्न समझौतों पर व्यापक सहमति की खबर दी। 2013 में बाली में हुए मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के एजेंडे में निर्बाध व्यापार का मुद्दा उठा था। इसके नौ साल बाद सदस्य देशों ने वैश्विक सीमाओं के पार माल की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए व्यापार सुविधा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों पर लगातार दो रात गहन मंथन हुआ। इसके बाद शुक्रवार को एक पैकेज के एलान की तैयारी है। इसमें कोविड को देखते हुए पेटेंट नियमों में ढील और व्यापार को नुकसान पहुंचाने वाली मछली पालन सब्सिडी पर नियंत्रण को लेकर करार शामिल हैं। इन समझौतों का विस्तृत ब्योरा जल्द जारी होगा।
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भारत ने इन मुद्दों पर जताई नाराजगी
डब्ल्यूटीओ की जिनेवा वार्ता 2022 में भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल शामिल हुई। बैठक में भारत ने खाद्य सुरक्षा और मत्स्य पालन में विकसित देशों की भूमिका पर खुलकर नाराजगी जताई। भारत को पिछले महीने डीजी-डब्ल्यूटीओ द्वारा लाए गए कृषि, व्यापार और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मसौदा निर्णयों में कुछ प्रावधानों के बारे में आपत्ति थी। वहीं विकसित देशों ने ट्रिप्स पेटेंट की शर्तों को खत्म कर दिया। दूसरी ओर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सम्मेलन में यह स्पष्ट कर दिया कि मत्स्य पालन समझौते का मसौदा भारत को स्वीकार्य नहीं है। इस बीच सम्मेलन को एक और दिन के लिए बढ़ा दिया गया है और कुछ मुद्दों पर कथित तौर पर सहमति बनी है।
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ट्रिप्स पर अमेरिका की मंजूरी का इंतजार
सूत्रों के अनुसार सभी देश समझौतों से पूरी तरह से सहमत हुए और सर्वसम्मति से हस्ताक्षर किए गए। अस्थायी पेटेंट (ट्रिप्स) छूट पर निर्णय जल्द ही किसी भी समय होने की उम्मीद है। इस पर अमेरिका की मंजूरी की प्रतीक्षा है। इन सभी मुद्दों पर औपचारिक घोषणा जल्द ही किए जाने की संभावना है।
भारत ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं किया समझौता : गोयल
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, भारत ने अनाज के सार्वजनिक भंडारण के लिए किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं किया है। मछुआरों के मुद्दों की हमने रक्षा की। उन्होंने कहा कि ट्रिप्स छूट के विषय पर हमने पूरी राहत देने की मांग की थी, लेकिन यह इनोवेशन का मुद्दा है जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। इस पर एक संतुलित निर्णय हुआ है। गोयल ने कहा कि कुछ देशों ने शुरुआत से ही खासकर रविवार और सोमवार को यह दुष्प्रचार करने की कोशिश की कि भारत के जिद्दीपन के चलते कोई प्रगति नहीं हो रही है। अब हम सभी के समक्ष वास्तविकता आ गई।
अवैध मछली पकड़ने पर रोक
भारत आवश्यकता से अधिक मछली पकड़ने, अवैध, गैर-सूचित और अनियमित तरीके से मछली पकड़ने के विषय पर पाबंदियां लागू करवाने में सफल रहा।
ई-कॉमर्स टैरिफ पर रोक बनाए रखने पर करार
ई-कॉमर्स टैरिफ पर रोक बनाए रखने पर भी एक करार हुआ है। यह दुनियाभर में डाटा के मुक्त प्रवाह की अनुमति देने के लिए अहम है।
अनाज की आपूर्ति नहीं रोकने को भी दिया गया अंतिम रूप
सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम में अनाज की आपूर्ति नहीं रोकने के प्रस्ताव को भी अंतिम रूप दिया।
सहमति बनाने के लिए दो दिन बढ़ाया गया सम्मेलन
कई अहम मसलों पर सहमति नहीं बन पा रही थी। इसके लिए सम्मेलन को दो दिन बढ़ाया गया।