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जरूरी सामानों की आपूर्ति ठप: ईरान ने पल्ला झाड़ा, कहा- US और इस्राइल जिम्मेदार, ट्रंप ने रचा आर्थिक चक्रव्यूह
Tue, 12 May 2026 02:29 AM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली/ वाशिंगटन
पीटीआई, नई दिल्ली/ वाशिंगटन
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 12 May 2026 02:29 AM IST
सार
ईरान ने वैश्विक आर्थिक संकट के लिए अमेरिका-इस्राइल को दोषी ठहराया है, जबकि अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से पंगु बनाने के लिए वैश्विक बैंकिंग सिस्टम को ढाल बना लिया है। तनाव के इस माहौल में शांति की उम्मीदें अब लाइफ सपोर्ट पर टिकी हैं। अब क्या हुआ है? खबर में विस्तार से जानिए...
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पश्चिम एशिया संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया की कमर तोड़ दी है। आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है। इस बीच ईरान ने कहा है कि भारत समेत अन्य देशों की दुर्दशा के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सारा ठीकरा अमेरिका और इस्राइल पर फोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान इस स्थिति से खुश नहीं है, लेकिन यह जंग उन पर थोपी गई है।
'हमने नहीं, उन्होंने शुरू की है यह आक्रामकता'
एक विशेष साक्षात्कार में इस्माइल बघाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका और इस्राइल की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों देशों ने जो शुरू किया, वह आज भी जारी है। जब उनसे पूछा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत जैसे देश परेशान हैं, तो उन्होंने 28 फरवरी की तारीख याद दिलाई। बघाई के अनुसार, उस दिन से पहले होर्मुज का रास्ता हर देश के लिए खुला और सुरक्षित था।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कानूनी दावा
बघाई ने दावा किया कि ईरान ने जो भी कदम उठाए हैं, वे अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इस्राइल ने खाड़ी के अन्य देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए किया। ईरान का तर्क है कि उसे अपने बचाव में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी ताकि हमलावर इस जलमार्ग का दुरुपयोग न कर सकें। ईरान खुद इस समुद्री मार्ग पर सबसे अधिक निर्भर है, इसलिए वह भी वहां सुरक्षा चाहता है।
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यह भी पढ़ें: जनता को महंगाई से राहत देने की तैयारी: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला, पेट्रोल डीजल पर टैक्स होगा खत्म
ट्रंप प्रशासन का आर्थिक चक्रव्यूह और प्रतिबंध
दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी और कड़ी कर दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने वैश्विक बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ईरानी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर कड़ी नजर रखें। अमेरिका का आरोप है कि ईरान शेल कंपनियों और क्रिप्टो नेटवर्क के जरिए प्रतिबंधित तेल की तस्करी कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष विराम अब लाइफ सपोर्ट पर है। उन्होंने तेहरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराते हुए इसे एक बड़ी बाधा बताया है।
तेल तस्करी रोकने के लिए बैंकों को अलर्ट
अमेरिकी प्रशासन ने बैंकों से उन कंपनियों की पहचान करने को कहा है जो अचानक भारी लेनदेन कर रही हैं। खासकर मलयेशियाई ब्लेंड के नाम पर बेचे जा रहे ईरानी तेल की निगरानी बढ़ाई गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में ईरान से जुड़ी तेल कंपनियों ने करीब 4 अरब डॉलर का लेनदेन किया। अमेरिका अब इराक, यूएई और ओमान जैसे देशों पर भी दबाव बना रहा है ताकि ईरान की आर्थिक नसों को पूरी तरह काटा जा सके।
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'हमने नहीं, उन्होंने शुरू की है यह आक्रामकता'
एक विशेष साक्षात्कार में इस्माइल बघाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका और इस्राइल की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों देशों ने जो शुरू किया, वह आज भी जारी है। जब उनसे पूछा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत जैसे देश परेशान हैं, तो उन्होंने 28 फरवरी की तारीख याद दिलाई। बघाई के अनुसार, उस दिन से पहले होर्मुज का रास्ता हर देश के लिए खुला और सुरक्षित था।
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कानूनी दावा
बघाई ने दावा किया कि ईरान ने जो भी कदम उठाए हैं, वे अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इस्राइल ने खाड़ी के अन्य देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए किया। ईरान का तर्क है कि उसे अपने बचाव में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी ताकि हमलावर इस जलमार्ग का दुरुपयोग न कर सकें। ईरान खुद इस समुद्री मार्ग पर सबसे अधिक निर्भर है, इसलिए वह भी वहां सुरक्षा चाहता है।
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ट्रंप प्रशासन का आर्थिक चक्रव्यूह और प्रतिबंध
दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी और कड़ी कर दी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने वैश्विक बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ईरानी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर कड़ी नजर रखें। अमेरिका का आरोप है कि ईरान शेल कंपनियों और क्रिप्टो नेटवर्क के जरिए प्रतिबंधित तेल की तस्करी कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष विराम अब लाइफ सपोर्ट पर है। उन्होंने तेहरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराते हुए इसे एक बड़ी बाधा बताया है।
तेल तस्करी रोकने के लिए बैंकों को अलर्ट
अमेरिकी प्रशासन ने बैंकों से उन कंपनियों की पहचान करने को कहा है जो अचानक भारी लेनदेन कर रही हैं। खासकर मलयेशियाई ब्लेंड के नाम पर बेचे जा रहे ईरानी तेल की निगरानी बढ़ाई गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में ईरान से जुड़ी तेल कंपनियों ने करीब 4 अरब डॉलर का लेनदेन किया। अमेरिका अब इराक, यूएई और ओमान जैसे देशों पर भी दबाव बना रहा है ताकि ईरान की आर्थिक नसों को पूरी तरह काटा जा सके।
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