Updates: ईरान में राष्ट्रपति चुनाव की तारीख तय; रईसी की अंतिम विदाई में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति धनखड़
दरअसल, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को ले जा रहे हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की खबर ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। हादसे के कई घंटों बाद सोमवार को बचाव दल ने हेलीकॉप्टर का मलबा ढूंढ निकाला था। हालांकि, दुर्घटनास्थल पर रईसी के जिंदा होने का कोई संकेत नहीं मिला था। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, विदेश मंत्री और अन्य लोगों के शव दुर्घटनास्थल से मिलने की भी पुष्टि हो गई थी।
विस्तार
ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम राईसी की रविवार दोपहर एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दुखद मौत के बाद देश में आकस्मिक राष्ट्रपति चुनाव की तारीख तय कर दी गई है। देश में 28 जून को आकस्मिक राष्ट्रपति चुनाव कराए जाएंगे। तेहरान में प्रेसीडेंसी कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान तारीख की पुष्टि की गई।
बैठक में ईरान की कार्यकारी शाखा के प्रमुख मोहम्मद मोखबर, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ और न्यायपालिका प्रमुख घोलम-होसैन मोहसेनी-एजेई शामिल हुउ। पूर्वी अजरबैजान प्रांत में हुए हादसे में राष्ट्रपति राईसी की दुखद मौत के बाद इन तीन दिग्गजों के बीच कुछ घंटों के भीतर दूसरी बैठक हुई।
इस बीच खबर है कि रईसी की अंतिम विदाई में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, धनखड़ बुधवार को ईरान रवाना होंगे। रईसी के सम्मान में मंगलवार को पूरे भारत में एक दिवसीय राजकीय शोक रखा गया था।
दरअसल, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को ले जा रहे हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की खबर ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। हादसे के कई घंटों बाद सोमवार को बचाव दल ने हेलीकॉप्टर का मलबा ढूंढ निकाला था। हालांकि, दुर्घटनास्थल पर रईसी के जिंदा होने का कोई संकेत नहीं मिला था। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, विदेश मंत्री और अन्य लोगों के शव दुर्घटनास्थल से मिलने की भी पुष्टि हो गई थी।
राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामनेई का उत्तराधिकारी भी माना जाता रहा है, ऐसे में उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ईरान की सरकार की ओर से भी इसे लेकर ज्यादा कुछ कहा नहीं जा रहा है।
कौन हैं ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी?
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का जन्म 1960 में उत्तरी पूर्वी ईरान के मशहद शहर में हुआ था। रईसी के पिता एक मौलवी थे। जब वह सिर्फ पांच साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। रईसी का शुरुआत से ही धर्म और राजनीति की ओर झुकाव रहा और वो छात्र जीवन में ही मोहम्मद रेजा शाह के खिलाफ सड़कों पर उतर गए। रेजा शाह को पश्चिमी देशों को समर्थक माना जाता था।
मोहम्मद मोखबर बने ईरान के कार्यवाहक राष्ट्रपति
हेलीकॉप्टर हादसे में इब्राहिम रईसी की मौत के बाद उपराष्ट्रपति मोहम्मद मोखबर को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने मोखबर को अंतरिम कार्यभार सौंपा। खामनेई ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 131 के अनुसार मोखबर को यह कार्यभार सौंपा गया है। मोहम्मद मोखबर को 50 दिनों के भीतर राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी के लिए न्यायिक प्रमुखों के साथ काम करना होगा।
श्रीलंकाई सरकार ने कनाडाई पीएम ट्रूडो के 'नरसंहार' के दावे को खारिज किया
श्रीलंकाई सरकार ने मंगलवार को कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर निशाना साधा। ट्रूडो ने द्वीप राष्ट्र पर लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के खिलाफ उसके क्रूर सशस्त्र संघर्ष के दौरान नरसंहार का अपमानजनक आरोप लगाकर चुनावी वोट बैंक की राजनीति में शामिल होने का आरोप लगाया था। एलटीटीई 2009 में समाप्त हो गया था। ट्रूडो ने एक बयान में कहा था कि कनाडा की संसद ने सर्वसम्मति से 18 मई को 'तमिल नरसंहार स्मरण दिवस' के रूप में मान्यता देने के लिए मतदान किया। ट्रूडो ने शनिवार को कहा था कि हम हमेशा संघर्ष के दौरान किए गए अपराधों के साथ-साथ श्रीलंका में सभी को होने वाली कठिनाइयों के लिए न्याय और जवाबदेही की वकालत करेंगे। 2023 में हमने मानवीय उल्लंघनों के जवाब में श्रीलंका के चार पूर्व सरकारी अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए थे।
ट्रूडो के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह गृहयुद्ध के दौरान द्वीप राष्ट्र में तथाकथित नरसंहार के झूठे आरोप को सिरे से नकारता है। कनाडा या दुनिया में कहीं भी किसी भी सक्षम प्राधिकारी ने श्रीलंका में हुए नरसंहार का कोई सबूत नहीं दिया है। ये निराधार आरोप संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के विपरीत और एक अलग राज्य की मांग में लिट्टे द्वारा छेड़े गए सशस्त्र अलगाववादी आतंकवादी संघर्ष के निष्कर्ष से संबंधित हैं। लिट्टे कनाडा सहित दुनिया भर के 33 देशों में एक सूचीबद्ध आतंकवादी संगठन है।
श्रीलंका ने अपने चार नागरिकों के भारत में गिरफ्तार होने के बाद जांच शुरू की
श्रीलंका ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से संबंध रखने वाले अपने चार नागरिकों के बारे में सूचना हासिल करने के लिए एक जांच शुरू की है। इन लोगों को भारत में गिरफ्तार किया गया था, जब वे आतंकी गतिवधियों को अंजाम देने के एक कथित मिशन पर थे। गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर रविवार को चार श्रीलंकाई नागरिकों को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे से हिरासत में लिया था। वे कोलंबो से चेन्नई पहुंचे थे।