Updates: पूर्वी कांगो में नाव पलटने से 78 की मौत; अमेरिका में तूफान 'हेलिन' से मरने वालों का आकंड़ा 200 पार
पूर्वी कांगो में कीवू झील पर एक नाव पलटने के कारण 78 लोगों की मौत हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, नाव पर 278 यात्री सवार थे, तभी अचानक पलट गई। कीवू झील एक मुख्य जल परिवहन मार्ग है। लेकिन यह दुर्घटनाओं को लेकर चर्चाओं में रहता है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, नावों में क्षमता से अधिक यात्री सवार होने के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं।
अमेरिका: तूफान 'हेलिन' से मरने वालों का आंकड़ा 200 पार पहुंचा
हाल ही में आए तूफान हेलिन के चलते जॉर्जिया और नॉर्थ कैरोलिना में मृतकों का आंकड़ा 200 पार पहुंच गया है। एपी की रिपोर्ट में मुताबिक, इस भीषण तूफान ने कई राज्यों में तबाही मचाई, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ है। तूफान के बाद राहत और बचाव कार्य जारी हैं। जबकि प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को सुधारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय एजेंसियां प्रभावित परिवारों को मदद के लिए काम कर रही हैं।
अमेरिका: सिएटल सेंटर में बापू की प्रतिमा का अनावरण
महात्मा गांधी की जयंती पर सिएटल सेंटर में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। यहां के मेयर ब्रूस हैरेल, सांसद एडम स्मिथ और भारतीय मूल की सांसद प्रमिला जयपाल की मौजूदगी में बुधवार को प्रतिमा का अनावरण हुआ। बता दें, प्रतिमा प्रसिद्ध स्पेस नीडल के नीचे तथा चिहुली गार्डन एवं ग्लास म्यूजियम के पास स्थापित की गई है।
यह लोग भी रहे मौजूद
अनावरण समारोह का नेतृत्व सिएटल में भारत के महावाणिज्यदूत प्रकाश गुप्ता ने किया। इसमें प्रशांत नॉर्थवेस्ट में यूएस फर्स्ट कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेवियर ब्रूनसन और मार्टिन लूथर किंग-गांधी इनिशिएटिव के अध्यक्ष एडी राई भी शामिल हुए। इस अवसर पर, वाशिंगटन के गवर्नर जे इंसली ने एक आधिकारिक घोषणा जारी की, जिसमें इस प्रतिमा को गांधीजी की शिक्षाओं के प्रति एक स्थायी श्रद्धांजलि तथा परिवर्तन लाने में अहिंसा के प्रभाव की एक शक्तिशाली याद दिलाने वाला बताया गया।
किंग काउंटी ने एक अन्य घोषणा जारी कर दो अक्तूबर को सिएटल क्षेत्र के सभी 73 शहरों में 'महात्मा गांधी दिवस' घोषित किया। सिएटल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने पिछले साल नवंबर में वाशिंगटन, ओरेगन, इडाहो, मोंटाना, व्योमिंग, नॉर्थ डकोटा, साउथ डकोटा, नेब्रास्का और अलास्का के नौ प्रशांत नॉर्थवेस्ट राज्यों में वाणिज्य दूतावास अधिकार क्षेत्र के साथ काम करना शुरू किया था। वाणिज्य दूतावास ने एक विज्ञप्ति में कहा कि सिएटल में गांधी की प्रतिमा स्थापित करना वाणिज्य दूतावास के अधिकार क्षेत्र में लागू की जा रही पहलों की श्रृंखला में से एक है।
पीयूष गोयल ने भी दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले को श्रद्धांजलि! महात्मा गांधी के आदर्श दुनिया के लिए आशा की किरण बने हुए हैं।'
'महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करके अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस की शुरुआत की'
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने कहा, 'महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करके अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस की शुरुआत की। संयुक्त राष्ट्र भवन में उनकी उपस्थिति सत्य और अहिंसा के उनके मार्ग पर चलने और 'शांति ही मार्ग है' की निरंतर याद दिलाती है। आज गांधीवादी मूल्यों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हमारी चर्चाओं की प्रतीक्षा है।'
पूर्व परिवहन मंत्री एस ईश्वरन को एक साल की जेल
सिंगापुर के भारतीय मूल के पूर्व परिवहन मंत्री एस ईश्वरन को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने 24 सितंबर को भ्रष्टाचार और न्याय में बाधा डालने के पांच आरोपों में दोषी ठहराया। आज ईश्वरन को एक साल जेल की सजा सुनाई गई।
यह सजा अभियोजन पक्ष द्वारा मांगी गई छह से सात महीने की सजा से अधिक है, जिसे न्यायमूर्ति हुंग स्पष्ट रूप से अपर्याप्त मानते हैं। न्यायमूर्ति हुंग ने कहा कि लोक सेवक के रूप में अपराधी जितना ऊंचे पद पर होता है, उसका दोष उतना ही अधिक होता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व मंत्री पहले व्यक्ति हैं जिन पर स्वतंत्रता के बाद सिंगापुर में धारा 165 के तहत मुकदमा चलाया गया है। न्यायाधीश विन्सेंट हुंग ने बचाव पक्ष द्वारा उजागर किए गए दोष कम करने वाले कारकों की ओर ध्यान दिलाया, जिनमें सिंगापुर में ईश्वरन की सार्वजनिक सेवा, लाभों का स्वैच्छिक त्याग और अपराध की उनकी प्रारंभिक दलील शामिल है।
यह देखते हुए कि बाकी 30 आरोपों को ध्यान में रखा गया था, जहां उन्हें उपहार मिले थे, न्यायाधीश ने कहा कि इन आरोपों से पता चलता है कि अपराध का पैमाना और दोहराव काफी समय तक रहा। न्यायाधीश हुंग कहते हैं कि यह दोषसिद्धि बढ़ाने वाला कारक है।
पोप फ्रांसिस ने सात अक्तूबर को व्रत और प्रार्थना करने को कहा
इस्राइली रक्षा बल ने एक अक्तूबर की रात को सैकड़ों ईरानी मिसाइलों के फुटेज जारी किए थे। वीडियो में देखा जा सकता था कि ईरान ने किस तरह सैकड़ों मिसाइलें यरुशलम की ओर दागीं। आईडीएफ ने कहा था कि मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों के लिए एक पवित्र स्थल, यरुशलम में पुराने शहर पर ईरान ने मिसाइले दागी हैं।
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने बीएलए के छह सदस्यों को मार गिराया
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के छह सदस्यों को मार गिराया। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि हरनाई जिले में बीएलए के ठिकाने पर बुधवार को छापेमारी के दौरान यह घटना हुई। हरनाई में बीएलए के ठिकाने के बारे में एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, सुरक्षा बलों ने इलाके में छापा मारा। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में छह सदस्य मारे गए। मुठभेड़ में मारे गए लोग सुरक्षा बलों और नागरिकों पर कई अन्य हमलों में शामिल थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फहद खान खोसा ने बताया कि बुधवार को डेरा मुराद जमाली इलाके में एक अलग घटना में हथियारबंद लोगों ने जेल की एक वैन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक पुलिसकर्मी और एक विचाराधीन कैदी की भी मौत हो गई। खोसा ने कहा कि हथियारबंद लोगों ने वैन पर उस समय गोलीबारी शुरू कर दी जब वह जेल के मुख्य द्वार से बाहर आ रही थी, जिससे एक कैदी की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा कि गोलीबारी में एक हमलावर की भी मौत हो गई। हमले में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
नेपाल: पीएम ओली और बांग्लादेश की मंत्री के बीच बैठक
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और बांग्लादेश की मंत्री सयदा रिजवाना हसन ने काठमांडू में मुलाकात मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। उनके बीच बैठक प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास में हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के मुताबिक, ओली और हसन ने उर्जा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ओली के मुख्य सलाहकार विश्वसनाथ रिमाल, विदेश मंत्रालय के सचिव भृगु ढुंगाना और नेपाल के बांग्लादेश में राजदूत घनश्याम भंडारी भी मौजूद थे। बांग्लादेश की मंत्री सयदा त्रिकणीय उर्जा समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बुधवार को काठमांडू पहुंची थीं। इस समझौते में बांग्लादेश, भारत और नेपाल शामिल हैं, जिसका मकसद भारत के जरिए नेपाल की बिजली का बांग्लादेश में निर्यात करना है।