विदेश के समाचार: सिंगापुर में भारतवंशी सीईओ की याचिका खारिज, पूर्व प्रेमिका से वसूलने थे 3.5 करोड़ रुपये
सिंगापुर की एक अदालत ने भारतीय मूल के एक सीईओ को अपनी पूर्व प्रेमिका पर खर्च किए गए करीब 3.5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूलने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा, अधिकांश राशि उसने अपनी पूर्व प्रेमिका को उपहार के तौर पर दी थी। मुंबई में सूचीबद्ध एक कंपनी के सीईओ चंदर अग्रवाल ने अपनी पूर्व प्रेमिका पर मुकदमा दायर कर उसके ऊपर खर्च की गई विभिन्न रकम वापस मांगी थी। अग्रवाल का दावा था कि यह राशि ऋण के तौर पर दी गई थी और उसे वापस किया जाना था। इन खर्चों में विदेश यात्राओं, उसके फ्लैट के लिए फेंगशुई विशेषज्ञ की सेवाएं और स्टैनफोर्ड-एनयूएस के कार्यकारी कार्यक्रम की फीस शामिल थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दोनों की मुलाकात 2019 में एक उड़ान के दौरान हुई थी। इसके बाद अग्रवाल ने सोशल मीडिया के जरिए उससे संपर्क किया और दोनों की मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद सितंबर 2022 में अग्रवाल ने उसे कई महंगे उपहार दिए थे। उन्होंने एक बार डिनर के बाद उसे घर छोड़ने के लिए लिमोजिन बुक की, उसके लिए महंगी वस्तुएं खरीदीं और साथ में यूरोप यात्रा के दौरान उसके लगभग सभी खर्च उठाए। हालांकि, दोनों का रिश्ता दिसंबर 2023 में खत्म हो गया था। अग्रवाल को संदेह था कि वो उसे धोखा दे रही है।
2028 के चुनाव को लेकर ट्रंप ने क्या बयान दिया?
अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप का दूसरा कार्यकाल लगातार चर्चा में है। कभी उनकी टीम के अधिकारियों के इस्तीफे पर चर्चा होती है तो कभी देश की राजनीति में नंबर दो माने जाने वाले उपराष्ट्रपति को लेकर अटकलें लगती हैं। ताजा घटनाक्रम में ट्रंप ने 2028 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मौजूदा अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का समर्थन करने से जुड़े सवाल को लेकर कहा, अभी बहुत जल्दी है। वह बहुत बढ़िया शख्स हैं... हमारे पास बहुत सारे अच्छे विकल्प हैं... वे सभी बहुत अच्छे हैं।' भारतवंशी महिला उषा से शादी करने वाले अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुलना में थोड़े नरम तेवरों के लिए जाने जाते हैं। इसकी मिसाल उस समय दिखी थी, जब पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान ने ट्रंप के दामाद कुशनर और एक अन्य वार्ताकार विटकॉफ की जगह बातचीत के लिए वेंस को पहली पसंद बताया था। खुद वेंस ने भी साफ किया था कि अमेरिका किसी लंबी जंग का हिस्स नहीं बनेगा।