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ईरान के तेल पर अमेरिका की नजर? ट्रंप बोले- जरूरत पड़ी तो लागू करेंगे वेनेजुएला मॉडल, तेहरान के जवाब का इंतजार

Mon, 14 Sep 2026 08:49 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 14 Sep 2026 08:49 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद भी अमेरिका वहां अपनी मौजूदगी बनाए रख सकता है और जरूरत पड़ने पर ईरान के तेल संसाधनों पर नियंत्रण कर सकता है। युद्ध के चलते वैश्विक तेल बाजार में कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

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Is US eyeing Iran oil Trump says Venezuela model will be implemented if necessary awaiting Tehran response
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को संकेत दिया कि युद्ध खत्म होने के बाद भी अमेरिका ईरान के आस-पास अपनी मौजदूगी बनाए रख सकता है और उसके तेल संसाधनों पर नियंत्रण कर सकता है। ट्रंप ने इसकी तुलना वेनेजुएला में निकोलस मादुरो के सत्ता से हटाए जाने के बाद अमेरिका की भूमिका से की। आयरलैंड दौरे के दौरान आयरिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अंततः ईरान से बाहर निकल जाएगा, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वह वहां रुककर ‘वनेजुएला की तरह तेल अपने पास रख सकता है।’ हालांकि ट्रंप के इस बयान पर अब तक ईरान ने किसी भी तरह का पलटवार नहीं किया है।

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मध्यावधि चुनाव के बाद खत्म हो सकता है युद्ध
ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध ‘मध्यावधि चुनाव के ठीक बाद, शायद उससे पहले’ खत्म हो जाएगा। उनका इशारा नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की ओर था। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान लगातार अमेरिका से संपर्क कर रहा है और समझौते के लिए बातचीत की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वॉशिंगटन केवल उसी समझौते को स्वीकार करेगा जो उसकी शर्तों और मांगों के अनुरूप होगा। उन्होंने कहा, ‘हमें सही समझौता करना होगा।’ साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह ऐसा कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे जो ‘अच्छा समझौता’ न हो।
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युद्ध का असर ऊर्जा बाजार पर
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जबकि अमेरिका में डीजल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर 6.20 डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गई है। ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध खत्म होते ही अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें ‘चट्टान की तरह तेजी से नीचे गिरेंगी।’
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वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का संदर्भ
ईरान को लेकर ट्रंप की टिप्पणी का संबंध वेनेजुएला में अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई से भी जोड़ा जा रहा है। अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान की कई महीनों तक तैयारी की गई थी। अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने इसकी व्यापक रिहर्सल की थी, जिसमें मादुरो के सुरक्षित ठिकाने की प्रतिकृति तैयार कर अभ्यास किया गया था। मादुरो की गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने में सीआईए ने भी अमेरिकी बलों की मदद की थी।

मादुरो और उनकी पत्नी को काराकस से अमेरिका लाया गया
अमेरिकी सैनिकों ने मादुरो और उनकी पत्नी को वेनेजुएला की राजधानी काराकस से हिरासत में लिया और बाद में दोनों को अमेरिका ले जाया गया, जहां मादुरो को आपराधिक आरोपों का सामना करना है। यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की ओर से वेनेजुएला पर कई महीनों तक बनाए गए दबाव के बाद की गई।

वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में बढ़ा अमेरिकी दखल
मादुरो को हटाए जाने के बाद वॉशिंगटन ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने की दिशा में कदम बढ़ाए। इसमें तेल की बिक्री पर नियंत्रण और ऐसे समझौतों को आगे बढ़ाना शामिल है, जिनके जरिए अमेरिकी कंपनियों और हितों को वेनेजुएला के विशाल कच्चे तेल भंडार तक पहुंच मिल सके।


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क्या ईरान में भी दोहराया जाएगा वेनेजुएला मॉडल?
ट्रंप की ताजा टिप्पणी से अब यह संभावना सामने आई है कि अमेरिका ईरान के मामले में भी वेनेजुएला जैसा आर्थिक मॉडल अपनाने पर विचार कर सकता है। इसका मतलब यह होगा कि ईरान में अमेरिकी मौजूदगी केवल सुरक्षा और सैन्य उद्देश्यों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के विशाल तेल भंडार और ऊर्जा संसाधनों तक पहुंच भी अमेरिकी रणनीति का हिस्सा बन सकती है।

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