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World Updates: श्रीलंका में फिर महंगी हुई बिजली, साल में तीसरी बार बढ़े दाम
Mon, 11 May 2026 03:18 PM IST
राकेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 11 May 2026 03:18 PM IST
सार
दुनिया के अलग-अलग कोनों से आज मानवीय संकट, सैन्य चुनौतियों और बड़े कूटनीतिक बदलावों की खबरें सामने आ रही हैं। कहीं मानवाधिकारों के लिए संघर्ष तेज है, तो कहीं सरहदों और संसाधनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी जंग छिड़ी हुई है। दुनिया भर की हर छोटी-बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें अमर उजाला के साथ....
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विस्तार
नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत बिगड़ी, जेल से अस्पताल किया गया शिफ्ट
जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तेहरान के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जेल में बेहोश होकर गिरने के बाद उनके परिवार ने लगातार उन्हें बेहतर इलाज दिलाने की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन ने जमानत पर उनकी सजा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। मोहम्मदी के फाउंडेशन का कहना है कि उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए केवल सजा का निलंबन काफी नहीं है, बल्कि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख की जरूरत है। फाउंडेशन ने मांग की है कि उनकी 18 साल की बाकी सजा और सभी आरोपों को पूरी तरह से खत्म किया जाए ताकि उन्हें दोबारा जेल न लौटना पड़े।
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जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तेहरान के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जेल में बेहोश होकर गिरने के बाद उनके परिवार ने लगातार उन्हें बेहतर इलाज दिलाने की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन ने जमानत पर उनकी सजा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। मोहम्मदी के फाउंडेशन का कहना है कि उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए केवल सजा का निलंबन काफी नहीं है, बल्कि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख की जरूरत है। फाउंडेशन ने मांग की है कि उनकी 18 साल की बाकी सजा और सभी आरोपों को पूरी तरह से खत्म किया जाए ताकि उन्हें दोबारा जेल न लौटना पड़े।
मोरक्को में लापता अमेरिकी सैनिक का शव बरामद, दूसरे की तलाश जारी
मोरक्को में सैन्य अभ्यास के दौरान लापता हुए अमेरिकी सेना के अधिकारी फर्स्ट लेफ्टिनेंट केंड्रिक लेमोंट की तलाश का दुखद अंत हुआ है। उनका शव अटलांटिक महासागर के किनारे मिला। बताया जा रहा है कि केंड्रिक और उनके एक अन्य साथी छुट्टी के दौरान पहाड़ियों पर घूमने गए थे, जहां पैर फिसलने के कारण वे समुद्र में गिर गए थे। मोरक्को और अमेरिका की टीमें अभी भी लापता दूसरे सैनिक की तलाश में जुटी हैं। इस बड़े बचाव अभियान में 600 से अधिक जवान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन लगाए गए हैं। हालांकि अफ्रीकन लायन सैन्य अभ्यास खत्म हो चुका है, लेकिन अमेरिकी सेना की एक टुकड़ी अभी भी मोरक्को में तैनात है ताकि दूसरे सैनिक का पता लगाया जा सके।
मोरक्को में सैन्य अभ्यास के दौरान लापता हुए अमेरिकी सेना के अधिकारी फर्स्ट लेफ्टिनेंट केंड्रिक लेमोंट की तलाश का दुखद अंत हुआ है। उनका शव अटलांटिक महासागर के किनारे मिला। बताया जा रहा है कि केंड्रिक और उनके एक अन्य साथी छुट्टी के दौरान पहाड़ियों पर घूमने गए थे, जहां पैर फिसलने के कारण वे समुद्र में गिर गए थे। मोरक्को और अमेरिका की टीमें अभी भी लापता दूसरे सैनिक की तलाश में जुटी हैं। इस बड़े बचाव अभियान में 600 से अधिक जवान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन लगाए गए हैं। हालांकि अफ्रीकन लायन सैन्य अभ्यास खत्म हो चुका है, लेकिन अमेरिकी सेना की एक टुकड़ी अभी भी मोरक्को में तैनात है ताकि दूसरे सैनिक का पता लगाया जा सके।
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वेनेजुएला और गुयाना के बीच जमीनी विवाद पहुंचा संयुक्त राष्ट्र की अदालत, आज होगी सुनवाई
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज अपनी टीम के साथ नीदरलैंड पहुंच गई हैं। वह अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में गुयाना के साथ चल रहे एसेकिबो क्षेत्र के विवाद पर अपना पक्ष रखेंगी। यह इलाका सोने, हीरे और तेल के विशाल भंडार से भरा हुआ है, जिस पर दोनों पड़ोसी देश अपना हक जता रहे हैं। गुयाना चाहता है कि अदालत 1899 के उस फैसले को सही माने जिसने मौजूदा सीमा तय की थी, जबकि वेनेजुएला 1966 के एक समझौते का हवाला देकर उस फैसले को गलत बताता है। सोमवार को इस मामले की अंतिम सुनवाई होनी है, लेकिन अदालत का अंतिम फैसला आने में अभी कई महीनों का समय लग सकता है।
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज अपनी टीम के साथ नीदरलैंड पहुंच गई हैं। वह अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में गुयाना के साथ चल रहे एसेकिबो क्षेत्र के विवाद पर अपना पक्ष रखेंगी। यह इलाका सोने, हीरे और तेल के विशाल भंडार से भरा हुआ है, जिस पर दोनों पड़ोसी देश अपना हक जता रहे हैं। गुयाना चाहता है कि अदालत 1899 के उस फैसले को सही माने जिसने मौजूदा सीमा तय की थी, जबकि वेनेजुएला 1966 के एक समझौते का हवाला देकर उस फैसले को गलत बताता है। सोमवार को इस मामले की अंतिम सुनवाई होनी है, लेकिन अदालत का अंतिम फैसला आने में अभी कई महीनों का समय लग सकता है।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की केन्या यात्रा, नए संबंधों की शुरुआत
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी केन्या यात्रा शुरू कर दी है, जहां वह अफ्रीका फॉरवर्ड समिट में भाग लेंगे। इस शिखर सम्मेलन के जरिए फ्रांस अफ्रीका के साथ अपने पुराने औपनिवेशिक संबंधों को पीछे छोड़कर एक बराबरी की दोस्ती का संदेश देना चाहता है। पहली बार यह सम्मेलन किसी अंग्रेजी भाषी देश में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरे के दौरान फ्रांस और केन्या ने परमाणु ऊर्जा, परिवहन और कृषि जैसे क्षेत्रों में 11 बड़े निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। दूसरी ओर, केन्या के विपक्षी नेताओं ने इस आयोजन की आलोचना की है। उनका कहना है कि केन्या में मानवाधिकारों और लोकतंत्र की स्थिति खराब है और यह सम्मेलन केवल एक दिखावा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी केन्या यात्रा शुरू कर दी है, जहां वह अफ्रीका फॉरवर्ड समिट में भाग लेंगे। इस शिखर सम्मेलन के जरिए फ्रांस अफ्रीका के साथ अपने पुराने औपनिवेशिक संबंधों को पीछे छोड़कर एक बराबरी की दोस्ती का संदेश देना चाहता है। पहली बार यह सम्मेलन किसी अंग्रेजी भाषी देश में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरे के दौरान फ्रांस और केन्या ने परमाणु ऊर्जा, परिवहन और कृषि जैसे क्षेत्रों में 11 बड़े निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। दूसरी ओर, केन्या के विपक्षी नेताओं ने इस आयोजन की आलोचना की है। उनका कहना है कि केन्या में मानवाधिकारों और लोकतंत्र की स्थिति खराब है और यह सम्मेलन केवल एक दिखावा है।
भारतीय मूल के क्यू मणिवन्नन स्कॉटिश संसद सदस्य निर्वाचित
स्कॉटलैंड के संसदीय चुनाव में भारत में जन्मे मानवविज्ञानी क्यू मणिवन्नन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। खुद को नॉन-बाइनरी (लैंगिक पहचान में भ्रम) बताने वाले मणिवन्नन ने स्कॉटिश ग्रीन्स पार्टी के टिकट पर एडिनबर्ग और लोथियन ईस्ट से जीत हासिल की। तमिलनाडु के रहने वाले मणिवन्नन एक छात्र हैं। स्कॉटलैंड ने कम अवधि के वीजा वाले विदेशियों को भी चुनाव लड़ने की अनुमति दी है।
स्कॉटलैंड के संसदीय चुनाव में भारत में जन्मे मानवविज्ञानी क्यू मणिवन्नन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। खुद को नॉन-बाइनरी (लैंगिक पहचान में भ्रम) बताने वाले मणिवन्नन ने स्कॉटिश ग्रीन्स पार्टी के टिकट पर एडिनबर्ग और लोथियन ईस्ट से जीत हासिल की। तमिलनाडु के रहने वाले मणिवन्नन एक छात्र हैं। स्कॉटलैंड ने कम अवधि के वीजा वाले विदेशियों को भी चुनाव लड़ने की अनुमति दी है।
हथियार तस्करी में पाकिस्तानी नागरिक समेत तीन गिरफ्तार
अमेरिका से कनाडा में 89 हथियार तस्करी करने के आरोप में एक पाकिस्तानी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद हथियारों में से 17 हथियार चोरी के हैं। न्यूयॉर्क राज्य पुलिस ने राजमार्ग पर चेकिंग के दौरान संदिग्ध जवाब मिलने पर संदिग्धों की तलाशी ली, जिसमें हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। आरोपियों की पहचान फैजान (पाकिस्तान), मलिक ब्रोमफील्ड (कनाडा) और कमल (जॉर्डन) के रूप में हुई है। फैजान के पास एक अन्य व्यक्ति का अवधि समाप्त ड्राइविंग परमिट भी मिला।
अमेरिका से कनाडा में 89 हथियार तस्करी करने के आरोप में एक पाकिस्तानी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद हथियारों में से 17 हथियार चोरी के हैं। न्यूयॉर्क राज्य पुलिस ने राजमार्ग पर चेकिंग के दौरान संदिग्ध जवाब मिलने पर संदिग्धों की तलाशी ली, जिसमें हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। आरोपियों की पहचान फैजान (पाकिस्तान), मलिक ब्रोमफील्ड (कनाडा) और कमल (जॉर्डन) के रूप में हुई है। फैजान के पास एक अन्य व्यक्ति का अवधि समाप्त ड्राइविंग परमिट भी मिला।
सिंगापुर के सांस्कृतिक उत्सव में भारतीय आमों की धमक
सिंगापुर में आयोजित थ्रेड्स ऑफ इंडियन ट्रेडिशन उत्सव में भारतीय आमों के जरिये अनूठी ब्रांडिंग की गई। कार्यक्रम में प्रदर्शन करने वाले गायकों और नर्तकों को पुरस्कार के रूप में भारतीय आमों के डिब्बे भेंट किए गए। भारतीय उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले ने कहा कि उच्चायोग की ओर से इस महीने का यह दूसरा मैंगो प्रमोशन इवेंट है। इससे पहले ईस्ट कोस्ट में आयोजित उत्सव में 6,000 से अधिक लोगों ने भारतीय आमों की 10 किस्मों का स्वाद चखा था।
सिंगापुर में आयोजित थ्रेड्स ऑफ इंडियन ट्रेडिशन उत्सव में भारतीय आमों के जरिये अनूठी ब्रांडिंग की गई। कार्यक्रम में प्रदर्शन करने वाले गायकों और नर्तकों को पुरस्कार के रूप में भारतीय आमों के डिब्बे भेंट किए गए। भारतीय उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले ने कहा कि उच्चायोग की ओर से इस महीने का यह दूसरा मैंगो प्रमोशन इवेंट है। इससे पहले ईस्ट कोस्ट में आयोजित उत्सव में 6,000 से अधिक लोगों ने भारतीय आमों की 10 किस्मों का स्वाद चखा था।
बांग्लादेश भारत के साथ दोस्ताना संबंध चाहता है : रिजवी
बांग्लादेश ने भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की इच्छा जताई है। साथ ही सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों की हत्या पर चिंता भी जताई है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार रुहुल कबीर रिजवी ने रविवार को कहा, हम मैत्रीपूर्ण संबंध चाहते हैं, लेकिन अगर सीमा पर बार-बार खून-खराबा होता रहे तो अच्छे संबंध कायम नहीं रह सकते। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दो संदिग्ध तस्करों की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणबारिया सीमा पर दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सत्तारूढ़ बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव रिजवी ने कहा कि भारत की जनता भी ऐसी घटना नहीं देखना चाहती। बता दें कि शुक्रवार रात त्रिपुरा के सेपाहिजाला जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने दो संदिग्ध बांग्लादेशी तस्करों को गोली मार दी और उनके शवों को कमलासागर सीमा चौकी (बीएसएफ) के माध्यम से उनके परिजनों को सौंपा गया। इस दौरान बीएसएफ और बांग्लादेश सीमा रक्षक बल के अधिकारी थे।
बांग्लादेश ने भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की इच्छा जताई है। साथ ही सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों की हत्या पर चिंता भी जताई है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार रुहुल कबीर रिजवी ने रविवार को कहा, हम मैत्रीपूर्ण संबंध चाहते हैं, लेकिन अगर सीमा पर बार-बार खून-खराबा होता रहे तो अच्छे संबंध कायम नहीं रह सकते। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दो संदिग्ध तस्करों की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणबारिया सीमा पर दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सत्तारूढ़ बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव रिजवी ने कहा कि भारत की जनता भी ऐसी घटना नहीं देखना चाहती। बता दें कि शुक्रवार रात त्रिपुरा के सेपाहिजाला जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने दो संदिग्ध बांग्लादेशी तस्करों को गोली मार दी और उनके शवों को कमलासागर सीमा चौकी (बीएसएफ) के माध्यम से उनके परिजनों को सौंपा गया। इस दौरान बीएसएफ और बांग्लादेश सीमा रक्षक बल के अधिकारी थे।
नेपाल की संसद का बजट सत्र आज से, नीतिगत दस्तावेज पेश होगा
नेपाल की संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू होगा। पहले दिन राष्ट्रपति संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे और नई सरकार का नीतिगत दस्तावेज पेश करेंगे। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और उनकी पार्टी आरएसपी के मार्च में सत्ता में आने के बाद संघीय संसद का यह पहला बजट सत्र होगा। बताया जाता है कि नेपाली संविधान के प्रावधान के अनुसार, प्रतिनिधि सभा के चुनाव के बाद संसद की पहली बैठक और हर साल संसद के पहले सत्र के संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति को संबोधित करना अनिवार्य है। संसद सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरि ने बताया कि राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल सोमवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे।
नेपाल की संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू होगा। पहले दिन राष्ट्रपति संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे और नई सरकार का नीतिगत दस्तावेज पेश करेंगे। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और उनकी पार्टी आरएसपी के मार्च में सत्ता में आने के बाद संघीय संसद का यह पहला बजट सत्र होगा। बताया जाता है कि नेपाली संविधान के प्रावधान के अनुसार, प्रतिनिधि सभा के चुनाव के बाद संसद की पहली बैठक और हर साल संसद के पहले सत्र के संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति को संबोधित करना अनिवार्य है। संसद सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरि ने बताया कि राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल सोमवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे।
दित्वाह राहत पैकेज को लागू करने में तेजी लाएंगे भारत और श्रीलंका
भारत और श्रीलंका दित्वाह आपदा के बाद पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित 450 मिलियन डॉलर के पैकेज को लागू करने में तेजी लाने पर सहमत हुए। कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने रविवार को यह जानकारी दी। श्रीलंका में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद नई दिल्ली ने यह पैकेज प्रस्तावित किया गया था। झा ने सोशल मीडिया में कहा कि इस मुद्दे पर उनकी श्रीलंका के श्रम मंत्री और वित्त एवं योजना उपमंत्री अनिल जयंत फर्नांडो से चर्चा हुई थी। श्रीलंका, पिछले साल 27 नवंबर को चक्रवात दित्वाह की चपेट में आ गया था। इससे 30 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। इस दौरान भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण 640 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
भारत और श्रीलंका दित्वाह आपदा के बाद पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित 450 मिलियन डॉलर के पैकेज को लागू करने में तेजी लाने पर सहमत हुए। कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने रविवार को यह जानकारी दी। श्रीलंका में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद नई दिल्ली ने यह पैकेज प्रस्तावित किया गया था। झा ने सोशल मीडिया में कहा कि इस मुद्दे पर उनकी श्रीलंका के श्रम मंत्री और वित्त एवं योजना उपमंत्री अनिल जयंत फर्नांडो से चर्चा हुई थी। श्रीलंका, पिछले साल 27 नवंबर को चक्रवात दित्वाह की चपेट में आ गया था। इससे 30 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। इस दौरान भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण 640 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान गर्मजोशी की संभावना नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की अपनी यात्रा से कुछ सप्ताह पहले से ही सोशल मीडिया पर यह भविष्यवाणी कर रहे थे कि उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग वहां पहुंचने पर मुझे गले लगाएंगे। हालांकि,माना जा रहा है कि ईरान के साथ चीन के प्रगाढ़ आर्थिक संबंध, साथ ही ट्रंप के पहले कार्यकाल से चले आ रहे टैरिफ की धमकियों को लेकर व्यापारिक तनाव, इस सप्ताह ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान माहौल को धूमिल कर सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की अपनी यात्रा से कुछ सप्ताह पहले से ही सोशल मीडिया पर यह भविष्यवाणी कर रहे थे कि उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग वहां पहुंचने पर मुझे गले लगाएंगे। हालांकि,माना जा रहा है कि ईरान के साथ चीन के प्रगाढ़ आर्थिक संबंध, साथ ही ट्रंप के पहले कार्यकाल से चले आ रहे टैरिफ की धमकियों को लेकर व्यापारिक तनाव, इस सप्ताह ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान माहौल को धूमिल कर सकते हैं।
इस्राइल से दो विदेशी नागरिक निर्वासित
इस्राइल ने रविवार को दो विदेशी कार्यकर्ताओं सैफ अबू केशेक (स्पेन) और थियागो अविला (ब्राजील) को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गाजा जा रहे एक जहाजी बेड़े में गिरफ्तार करने के बाद निर्वासित कर दिया। ये 12 अप्रैल को स्पेन से शुरू दूसरे ग्लोबल सुमुद बेड़े का हिस्सा थे। इसका उद्देश्य गाजा में सहायता सामग्री पहुंचाकर इस्राइल द्वारा गाजा की नाकाबंदी को तोड़ना था। इन्हें 29 अप्रैल को इस्राइली अधिकारियों ने हिरासत में लिया था।
इस्राइल ने रविवार को दो विदेशी कार्यकर्ताओं सैफ अबू केशेक (स्पेन) और थियागो अविला (ब्राजील) को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गाजा जा रहे एक जहाजी बेड़े में गिरफ्तार करने के बाद निर्वासित कर दिया। ये 12 अप्रैल को स्पेन से शुरू दूसरे ग्लोबल सुमुद बेड़े का हिस्सा थे। इसका उद्देश्य गाजा में सहायता सामग्री पहुंचाकर इस्राइल द्वारा गाजा की नाकाबंदी को तोड़ना था। इन्हें 29 अप्रैल को इस्राइली अधिकारियों ने हिरासत में लिया था।
गाजा पर इस्राइल के हमले में तीन की मौत
इस्राइल की तरफ से गाजा पर किए गए हमले में तीन फलस्तीनियों की मौत हो गई। इनमें हमास के पुलिस बल प्रमुख समेत दो लोग शामिल हैं। चिकित्साकर्मियों ने बताया कि रविवार को हवाई हमले में मगाजी शरणार्थी शिविर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। गाजा के हमास-नियंत्रित आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, एक अन्य हमले में खान यूनिस में पुलिस बल के प्रमुख वेसम अब्देल-हादी और उनके सहयोगी की मौत हो गई। गाजा में युद्धविराम उल्लंघन का यह ताजा मामला है।
इस्राइल की तरफ से गाजा पर किए गए हमले में तीन फलस्तीनियों की मौत हो गई। इनमें हमास के पुलिस बल प्रमुख समेत दो लोग शामिल हैं। चिकित्साकर्मियों ने बताया कि रविवार को हवाई हमले में मगाजी शरणार्थी शिविर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। गाजा के हमास-नियंत्रित आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, एक अन्य हमले में खान यूनिस में पुलिस बल के प्रमुख वेसम अब्देल-हादी और उनके सहयोगी की मौत हो गई। गाजा में युद्धविराम उल्लंघन का यह ताजा मामला है।
श्रीलंका में बिजली फिर महंगी, साल में तीसरी बार बढ़े दाम
श्रीलंका में सोमवार से बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं। इस साल में यह तीसरी बार है जब बिजली महंगी हुई है। पब्लिक यूटिलिटीज कमीशन ने बताया कि जो ग्राहक महीने में 180 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं, उनके लिए दरों में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले जनवरी में 15 प्रतिशत और अप्रैल में 7-8 प्रतिशत दाम बढ़े थे।
राहत की बात यह है कि देश के 95 प्रतिशत ग्राहकों पर इस बढ़ोतरी का कोई असर नहीं पड़ेगा। ये वे लोग हैं जो महीने में 180 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करते हैं। यह फैसला नेशनल सिस्टम्स ऑपरेटर (NSO) के खर्चों के अनुमान के आधार पर लिया गया है।
वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि खराब कोयले की खरीद से हुए नुकसान का बोझ जनता पर डाला जा रहा है। इस पर कमीशन ने कहा कि उसने NSO को कोयले की लागत को बिजली दरों में न जोड़ने का निर्देश दिया है। कोयले की खरीद में गड़बड़ी की वजह से अप्रैल में ऊर्जा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था और अब इसकी राष्ट्रपति स्तर पर जांच हो रही है। कमीशन ने यह भी कहा कि सही दाम पर ईंधन खरीदने के आदेश का पालन न करने पर NSO के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रीलंका में सोमवार से बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं। इस साल में यह तीसरी बार है जब बिजली महंगी हुई है। पब्लिक यूटिलिटीज कमीशन ने बताया कि जो ग्राहक महीने में 180 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं, उनके लिए दरों में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले जनवरी में 15 प्रतिशत और अप्रैल में 7-8 प्रतिशत दाम बढ़े थे।
राहत की बात यह है कि देश के 95 प्रतिशत ग्राहकों पर इस बढ़ोतरी का कोई असर नहीं पड़ेगा। ये वे लोग हैं जो महीने में 180 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करते हैं। यह फैसला नेशनल सिस्टम्स ऑपरेटर (NSO) के खर्चों के अनुमान के आधार पर लिया गया है।
वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि खराब कोयले की खरीद से हुए नुकसान का बोझ जनता पर डाला जा रहा है। इस पर कमीशन ने कहा कि उसने NSO को कोयले की लागत को बिजली दरों में न जोड़ने का निर्देश दिया है। कोयले की खरीद में गड़बड़ी की वजह से अप्रैल में ऊर्जा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था और अब इसकी राष्ट्रपति स्तर पर जांच हो रही है। कमीशन ने यह भी कहा कि सही दाम पर ईंधन खरीदने के आदेश का पालन न करने पर NSO के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अफगानिस्तान के बदख्शान में भड़की हिंसा
अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी प्रांत बदख्शान में अफीम की खेती और खदानों पर कब्जे को लेकर भारी हिंसा भड़क उठी है। स्थानीय लोगों और तालिबान बलों के बीच हुई इन हिंसक झड़पों में चार लोगों की जान चली गई है, जबकि 32 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 'अमू टीवी' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तनाव अफीम की फसलों को नष्ट करने की तालिबान की कोशिशों और स्थानीय सशस्त्र प्रतिरोध के कारण पैदा हुआ है। आर्गो जिले में अफीम की फसल नष्ट करने को लेकर हुए विवाद में दो मौतें हुईं और आठ लोग घायल हुए। वहीं, शुकाई जिले में खनन गतिविधियों को लेकर हुए संघर्ष में भी दो लोगों की जान गई और दस घायल हुए। खश और जुरम जिलों में भी कई लोगों के घायल होने की खबर है। स्थानीय लोगों ने खश जिले की सड़कें बंद कर दी हैं, जिसके बाद तालिबान ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। बदख्शान प्रांत सोने और खनिजों से समृद्ध है, लेकिन अफीम की खेती यहां के लोगों की आय का मुख्य जरिया है। तालिबान द्वारा इसे खत्म करने के अभियान से यहां के हालात लगातार अस्थिर बने हुए हैं और हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।
लेबनान में भारतीय शांति सैनिकों का कमाल
लेबनान में तैनात भारतीय दूतावास ने दक्षिण लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (यूएनआईएफआईएल) के तहत काम कर रहे भारतीय शांति सैनिकों की जमकर सराहना की है। भारतीय सैनिकों ने एक बार फिर मुश्किल हालात में अपनी बेहतरीन कार्यक्षमता और सहयोग का शानदार उदाहरण पेश किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर बताया कि भारतीय काफिले ने बेहद कठिन परिस्थितियों में नेपाली सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र के ठिकानों से सुरक्षित लाने और ले जाने का काम किया। इसके साथ ही, यूएनपी 4-2 पर 450 से ज्यादा लोगों को रहने-खाने और रसद की पूरी मदद भी मुहैया कराई गई। भारतीय शांति सैनिकों की इस तेज और बिना रुकावट मदद के लिए फोर्स कमांडर और सेक्टर कमांडर ने भी उनकी खूब तारीफ की है। बता दें कि यूएनआईएफआईएल में कुल 7,438 सैनिकों में से 642 सैनिक भारत के हैं, जो इसे दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश बनाता है। दक्षिण लेबनान में इस्राइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच भारतीय सैनिक वहां लगातार शांति और सुरक्षा बनाए रखने का काम कर रहे हैं। भारत ने हाल ही में शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की थी।
अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी प्रांत बदख्शान में अफीम की खेती और खदानों पर कब्जे को लेकर भारी हिंसा भड़क उठी है। स्थानीय लोगों और तालिबान बलों के बीच हुई इन हिंसक झड़पों में चार लोगों की जान चली गई है, जबकि 32 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 'अमू टीवी' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तनाव अफीम की फसलों को नष्ट करने की तालिबान की कोशिशों और स्थानीय सशस्त्र प्रतिरोध के कारण पैदा हुआ है। आर्गो जिले में अफीम की फसल नष्ट करने को लेकर हुए विवाद में दो मौतें हुईं और आठ लोग घायल हुए। वहीं, शुकाई जिले में खनन गतिविधियों को लेकर हुए संघर्ष में भी दो लोगों की जान गई और दस घायल हुए। खश और जुरम जिलों में भी कई लोगों के घायल होने की खबर है। स्थानीय लोगों ने खश जिले की सड़कें बंद कर दी हैं, जिसके बाद तालिबान ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। बदख्शान प्रांत सोने और खनिजों से समृद्ध है, लेकिन अफीम की खेती यहां के लोगों की आय का मुख्य जरिया है। तालिबान द्वारा इसे खत्म करने के अभियान से यहां के हालात लगातार अस्थिर बने हुए हैं और हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।
लेबनान में भारतीय शांति सैनिकों का कमाल
लेबनान में तैनात भारतीय दूतावास ने दक्षिण लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (यूएनआईएफआईएल) के तहत काम कर रहे भारतीय शांति सैनिकों की जमकर सराहना की है। भारतीय सैनिकों ने एक बार फिर मुश्किल हालात में अपनी बेहतरीन कार्यक्षमता और सहयोग का शानदार उदाहरण पेश किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर बताया कि भारतीय काफिले ने बेहद कठिन परिस्थितियों में नेपाली सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र के ठिकानों से सुरक्षित लाने और ले जाने का काम किया। इसके साथ ही, यूएनपी 4-2 पर 450 से ज्यादा लोगों को रहने-खाने और रसद की पूरी मदद भी मुहैया कराई गई। भारतीय शांति सैनिकों की इस तेज और बिना रुकावट मदद के लिए फोर्स कमांडर और सेक्टर कमांडर ने भी उनकी खूब तारीफ की है। बता दें कि यूएनआईएफआईएल में कुल 7,438 सैनिकों में से 642 सैनिक भारत के हैं, जो इसे दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश बनाता है। दक्षिण लेबनान में इस्राइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच भारतीय सैनिक वहां लगातार शांति और सुरक्षा बनाए रखने का काम कर रहे हैं। भारत ने हाल ही में शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की थी।