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Updates: स्टीव बीको की 1977 में हिरासत में हुई मौत की फिर से जांच होगी; ट्रंप के आपातकालीन आदेश पर आया अपडेट

Thu, 11 Sep 2025 03:11 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 11 Sep 2025 03:11 PM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
दक्षिण अफ्रीका ने 1977 में पुलिस हिरासत में मारे गए प्रतिष्ठित रंगभेद विरोधी नेता स्टीव बीको की मौत की नई जांच शुरू करने का फैसला किया है। अभियोजन अधिकारियों ने बताया कि यह जांच शुक्रवार को अदालत में दर्ज की जाएगी, ठीक उनकी मौत की बरसी के दिन।
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बीको ब्लैक कॉन्शसनेस मूवमेंट के संस्थापकों में से थे और रंगभेद व्यवस्था के खिलाफ सबसे मुखर चेहरा बन गए थे। अगस्त 1977 में उन्हें सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया और हिरासत में कथित रूप से बुरी तरह पीटा और यातनाएं दी गईं। 11 सितम्बर को बेहोशी की हालत में उन्हें एक पुलिस वाहन में डालकर प्रिटोरिया जेल अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन उनकी मौत हो गई। उस समय वे सिर्फ 30 साल के थे।
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मौत का कारण सिर और गुर्दे की चोटें दर्ज किया गया, लेकिन उसी साल हुई पहली जांच को अब व्यापक तौर पर ढकने का प्रयास माना जाता है। कहा गया था कि बीको ने पुलिस से झगड़े के दौरान दीवार पर सिर मार लिया था। अभियोजन प्राधिकरण का कहना है कि यह नई जांच अतीत के अत्याचारों को सामने लाने और बीको परिवार व समाज को न्याय दिलाने का प्रयास है। बीको की विरासत आज भी संगीत, साहित्य और सिनेमा के जरिए जीवित है।
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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ से मौतों की संख्या बढ़कर 78 हुई
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ से संबंधित घटनाओं में मरने वालों का आंकड़ा 7 8 हो गया है। प्रांत के एक मंत्री ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 

सरकार ने बताया कि पिछले तीन दिनों में उसने दक्षिण पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे 16,000 से अधिक लोगों को बचाया है। पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 23 अगस्त से पंजाब में बाढ़ के शुरू होने के बाद से 78 लोग मारे गए हैं और 42 लाख लोग प्रभावित या विस्थापित हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि 22 लाख लोग और 17 लाख पशु सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किए गए हैं और प्रांत के 4,500 गांव पानी में डूबे हुए हैं। पिछले तीन दिनों में दक्षिण पंजाब से 16,000 से अधिक लोगों को बचाया गया है, जबकि 490 चिकित्सा शिविर और 1,412 पशु चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं। दवाइयां, साफ पानी और भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, खासकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

बेलारूस ने  लिथुआनिया के 52 कैदियों को रिहा किया 
बेलारूस ने 52 कैदियों को रिहा कर दिया है और वे लिथुआनिया में प्रवेश कर चुके हैं। लिथुआनिया के राष्ट्रपति ने यह जानकारी गुरुवार को दी।

इससे पहले जून में बेलारूस ने एक प्रमुख विपक्षी नेता सियारहेई तिखानोव्स्की और 13 अन्य कैदियों को रिहा किया था। सियारहेई, निर्वासित विपक्षी नेता स्वेतलाना तिखानोव्स्काया के पति हैं। यह रिहाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक वरिष्ठ दूत की यात्रा के बाद हुई थी। पिछले महीने ट्रंप ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको से और कैदियों की रिहाई को लेकर बातचीत की थी।

लिथुआनिया के राष्ट्रपति गितानास नौसेदा ने एक्स पर लिखा, मैं अमेरिका और विशेष रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए लगातार प्रयासों के लिए आभारी हूं। 52 बहुत बड़ी संख्या है, लेकिन बेलारूस की जेलों में अभी भी 1,000 से ज्यादा राजनीतिक कैदी बंद हैं। हम तब तक नहीं रुक सकते, जब तक वे सब आजाद न हो जाएं। 

ट्रंप के आपातकालीन आदेश पर आया नया अपडेट
ट्रंप प्रशासन के अनुरोध पर ओहायो के गवर्नर माइक डिवाइन ने 150 मिलिट्री पुलिस को वॉशिंगटन डीसी में तैनात रखने की मंजूरी दी है। ये नेशनल गार्ड जवान 30 नवम्बर तक राजधानी में गश्त करेंगे। यह कदम उस वक्त आया है जब ट्रंप का आपातकाल आदेश बुधवार रात खत्म हो रहा है। इस आदेश के तहत डीसी की पुलिस व्यवस्था संघीय नियंत्रण में थी और राजधानी में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। कांग्रेस इस आदेश को आगे नहीं बढ़ा सकी, इसलिए अब सीमित रूप से गार्ड की मौजूदगी जारी रहेगी।

कनाडा में डे-केयर सेंटर में कार घुसने से बच्चे की मौत
टोरंटो के उत्तर में स्थित एक डे-केयर सेंटर में बुधवार दोपहर (स्थानीय समयानुसार) पिकअप टाइम से ठीक पहले एक एसयूवी कार खिड़की तोड़कर अंदर घुस गई। हादसे में डेढ़ साल के एक बच्चे की मौत हो गई। यॉर्क क्षेत्रीय पुलिस के अनुसार, हादसे में 18 महीने से तीन साल की उम्र के छह अन्य बच्चे घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि डे-केयर के तीन स्टाफ सदस्य भी घायल हुए हैं। घटना ओंटारियो के रिचमंड हिल में यॉन्ग स्ट्रीट और नॉटिंघम ड्राइव के पास हुई। कॉन्स्टेबल केविन नेब्रीजा ने कहा कि कार चलाने वाले 70 वर्षीय व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। प्राथमिक जांच में यह हादसा जानबूझकर किया गया मामला नहीं लगता। 

बांग्लादेश में भीड़ ने दो युवकों को पीट-पीटकर मार डाला
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बुधवार को तीन घंटे के अंतराल में ही भीड़ ने लूटपाट के शक में पीट-पीटकर दो युवकों की हत्या कर दी। मानवाधिकार समूहों और मीडिया ने भी इस पर चिंता जताई है। प्रोथोम अलो अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, ढाका के मोहम्मदपुर में अलग-अलग घटनाओं में 20-25 साल के दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उन पर लूटपाट का शक था। दो दिन पहले इसी इलाके में इसी तरह के आरोप में एक और युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। अग्रणी बांग्लादेशी अधिकार समूह ऐन ओ सलीश केंद्र (एएसके) ने हाल में बताया था कि पिछले आठ महीनों में 124 लोगों की हत्या कर दी गई। प्रोथोम अलो ने कहा कि अगस्त के पहले 10 दिनों में छिटपुट भीड़ हिंसा में नौ लोगों की हत्या कर दी गई। अधिकार समूहों ने कहा कि अधिकतर मामलों में पीड़ितों को झूठी अफवाहों के कारण भीड़ ने मार डाला। प्रो. मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि कानून और व्यवस्था की स्थिति थोड़ी बिगड़ गई है, लेकिन सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।

अमेरिका में रूढ़ीवादी कार्यकर्ता चार्ली किर्क को गोली मारी
रूढ़ीवादी युवा संगठन टर्निंग पॉइंट यूएसए के सीईओ और सह-संस्थापक चार्ली किर्क को बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को यूटा के एक कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में गोली मार दी गई। टर्निंग पॉइंट यूएसए के जनसंपर्क प्रबंधक ऑब्रे लैट्सच ने कहा, 'हम पुष्टि करते हैं कि उन्हें गोली मारी गई है और हम चार्ली के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।' किर्क यूटा वैली विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में किर्क हाथ में माइक्रोफोन लिए सफेद तंबू के नीचे बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिस पर 'अमेरिका वापसी' और 'मुझे गलत साबित करो' जैसे नारे लिखे थे। तभी अचानक गोली चलने की आवाज आती है और किर्क अपने दाहिने हाथ से गर्दन पकड़ते हुए दिखाई देते हैं। इस दौरान दर्शकों में अफरातफरी मच गई और वह चीखते और भागते दिखाई देते हैं। मीडिया रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि ये वीडियो यूटा वैली विश्वविद्यालय परिसर के सोरेंसन सेंटर प्रांगण में लिए गए थे, जहां किर्क बुधवार को भाषण दे रहे थे। 

डेनवर में उपनगरीय हाई स्कूल में गोलीबारी, तीन छात्र घायल
डेनवर के उपनगरीय इलाके में एक हाई स्कूल में गोलीबारी की घटना में तीन किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। यह घटना दोपहर के आसपास एवरग्रीन हाई स्कूल में हुई, जो डेनवर से लगभग 30 मील पश्चिम में स्थित है। जेफरसन काउंटी शेरिफ कार्यालय की प्रवक्ता जैकी केली ने बताया कि घायल सभी छात्र ही हैं। फिलहाल उनके चोटों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। सेंट एंथनी अस्पताल, लेकवुड, कोलोराडो के सीईओ केविन कलिनन ने बताया कि तीनों किशोर या तो इमरजेंसी वार्ड में हैं या फिर उनकी सर्जरी चल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें अन्य किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गोली चलाने वाला कौन था या इसमें कितने लोग शामिल थे।

अमेरिका में बढ़ रहीं नफरती और विभाजनकारी घटनाएं-  सुब्रमण्यम
 अमेरिका के भारतवंशी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने देश भर में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाकर हाल ही में किए गए हमलों और तोड़फोड़ की घटनाओं की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा कि ये वारदातें देश भर में धार्मिक समुदायों के लिए खतरा पैदा करने वाली नफरत और विभाजन की व्यापक वृद्धि का हिस्सा हैं। सुब्रमण्यम ने अमेरिकी संसद में इंडियाना स्थित बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर और यूटा स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने इसे एक विचलित करने वाली राष्ट्रीय प्रवृत्ति का प्रतिबिंब बताया। एजेंसी

मेटा-टिकटॉक ने ईयू के शुल्क के खिलाफ जीती कानूनी जंग
 मेटा प्लेटफॉर्म्स और टिकटॉक ने बुधवार को यूरोपीय संघ (ईयू) के नियामकों के ऐतिहासिक तकनीकी नियमों के तहत उन पर लगाए गए पर्यवेक्षी शुल्क की कानूनी लड़ाई जीत ली है।
इसके तहत दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने ईयू नियामकों के पर्यवेक्षी शुल्क के आकलन के तरीके को अदालत में चुनौती दी थी। दरअसल,मेटा और बाइटडांस के टिकटॉक ने यूरोपीय आयोग पर मुकदमा दायर किया है, क्योंकि आयोग ने उन पर डिजिटल सेवा अधिनियम (डीएसए) के तहत उनकी निगरानी के लिए लगाए गए खर्च को पूरा करने के लिए शुल्क लगाया था। 2022 से लागू हुआ डीएसए बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अपनी साइटों से गैर-कानूनी और हानिकारक सामग्री हटाने के लिए बाध्य करता है, वरना उन पर उनके वैश्विक कारोबार का 6% तक जुर्माना लगा सकता है।

इंडोनेशिया में बाढ़ से 15 की मौत, छह लापता
इंडोनेशिया के दो प्रांतों में अचानक आई बाढ़ में मृतकों की संख्या बुधवार को बढ़कर 15 हो गई, जबकि 6 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल ने और शव बरामद किए हैं। सोमवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत और पर्यटन द्वीप बाली में बाढ़ और भूस्खलन हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को बचाव कर्मियों ने पूर्वी नुसा तेंगारा के सबसे ज्यादा प्रभावित गांव मौपोंगगो में कीचड़ के नीचे दबे मां-बेटे के शव और पास के लोका लाबा गांव में एक व्यक्ति का शव बरामद किया। इससे पहले मौपोंगगो गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्य बाढ़ में बह गए थे और चार लोग लापता हो गए थे। 

दक्षिण अफ्रीका: स्टीव बीको की पुलिस हिरासत में मौत की जांच फिर होगी
दक्षिण अफ्रीका रंगभेद विरोधी नेता स्टीव बीको की 1977 में पुलिस हिरासत में हुई मौत की जांच दोबारा करेगा। अभियोजन अधिकारियों ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी। न्यायिक जांच शुक्रवार को लगभग आधी सदी बाद अदालत में दर्ज की जाएगी। यह तारीख बीको की मौत की वर्षगांठ भी है। हाल के वर्षों में दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों ने कई रंगभेद विरोधी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत के मामलों की भी नई जांच शुरू की है। इनमें से कई पुलिस हिरासत में या संदिग्ध परिस्थितियों में मारे गए थे। हालांकि, इसको लेकर सरकार की आलोचना होती रही है कि इतनी देर से कदम क्यों उठाया गया। इन मामलों में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अल्बर्ट लुथुली की 1967 में मौत, वकील ग्रिफिथ्स मैक्सेंज की हत्या और 1985 में क्रैडॉक फोर नामक समूह के कार्यकर्ताओं की हत्या शामिल है। बीको 1960 के दशक में दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध में उभरे अश्वेत चेतना आंदोलन के अग्रणी नेताओं में से एक थे।
 
 

ट्रंप की हत्या की कोशिश का मामला: आरोपी के खिलाफ मुकदमा शुरू
अमेरिका में गुरुवार सुबह से उस व्यक्ति के खिलाफ मुकदमे पर सुनवाई शुरू हो गई है, जिस पर यह आरोप है कि उसने पिछले साल दक्षिण फ्लोरिडा में गोल्फ खेलते समय डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने की कोशिश की थी। उस समय ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे।

अमेरिका की जिला जज एली कैनन के आदेश के बाद रयान राउथ नाम का आरोपी मुकदमे में अपनी पैरवी खुद ही कर रहा है। हालांकि, ये वकील कोर्टरूम में मौजूद रहेंगे ताकि जरूरत पड़ने पर मदद कर सकें। राउथ ने खुद को निर्दोष बताया है। उस पर राष्ट्रपति पद के एक प्रमुख उम्मीदवार की हत्या की कोशिश, एक संघीय अधिकारी पर हमला करने और हथियारों से जुड़े कई कानूनों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं।

सिंगापुर में भारतीय मूल के आव्रजन अधिकारी को जेल
सिंगापुर में भारतीय मूल के एक आव्रजन (इमिग्रेशन) अधिकारी को गुरुवार को 22 महीने की जेल की सजा सुनाई गई। उस पर आरोप था कि उसने कुछ लोगों को विजिट पास (देश में अस्थायी रूप से घूमने के लिए अनुमति) दिलाने में मदद करने के बदले उनसे यौन संबंध बनाए। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

चैनल न्यूज एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कन्नन मॉरिस राजगोपाल जयराम इमिग्रेशन एंड चेकपॉइंट्स अथॉरिटी (आईसीए) में निरीक्षक के पद पर था। उसने तीन आरोपों को कबूल कर लिया है। उस पर यह आरोप था कि उसने रिश्वत के रूप में यौन सुख लेकर कुछ लोगों को शॉर्ट टर्म विजिट पास दिलाने में मदद की। ऐसे ही तीन और मामलों को भी कोर्ट ने सजा तय करते समय ध्यान में रखा। कन्नन की उम्र 55 साल है।

कोर्ट के दस्तावेजों में 2022 और 2023 के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र किया गया है। इन मामलों में वे महिलाएं शामिल थीं जो भारत से सिंगापुर पढ़ाई के लिए आई थीं और जिनकी उम्र 25 से 30 साल के बीच थी। रिपोर्ट के अनुसार, शॉर्ट-टर्म विजिट पास बढ़ाने के लिए कुछ नियम तय थे, लेकिन अगर किसी को कोई दिक्कत होती थी, तो कन्नन के अधीन काम करने वाले कर्मचारी उससे सलाह लेते थे। पास को मंजूरी देना या उसे खारिज करना कन्नन के विवेक पर निर्भर करता था। अभियोजन पक्ष ने इस मामले को 'घिनौना' करार दिया। कन्नन की जेल की सजा 18 सितंबर से शुरू होगी।

अमेरिका से निर्वासित 14 नागरिकों का समूह घाना पहुंचा
अमेरिका से निर्वासित किए गए पश्चिम अफ्रीकी देशों के 14 लोगों का एक समूह घाना पहुंचा है। राष्ट्रपति जॉन महामा ने बुधवार को पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। इनमें एस्वातिनी, रवांडा और दक्षिण सूडान के नागरिक भी शामिल हैं। वकीलों ने उनके निर्वासन के तरीके पर आपत्ति जताई है। 
 
राष्ट्रपति महामा ने कहा, हमारी वॉशिंगटन के साथ इस पर सहमति है कि पश्चिम अफ्रीकी नागरिकों को स्वीकार किया जा सकता है, क्योंकि हमारे सभी पश्चिम अफ्रीकी नागरिकों को हमारे देश में आने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती। महामा ने बताया कि निर्वासित किए गए लोग घाना आ चुके हैं, जिनमें नाइजीरियाई और गांबियाई नागरिक भी शामिल हैं, जो अपने-अपने देशों वापस जाने की योजना बना रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में उन प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं, जिन्होंने अवैध तरीके से प्रवेश किया है या जिनके वीजा का समय समाप्त हो चुका है। ट्रंप उन्हें अपराधी मानते हैं। 

बीएनपी की छात्र इकाई ने चुनावों का बहिष्कार किया
बीएनपी की छात्र इकाई ने गुरुवार को बांग्लादेश के एक प्रमुख सार्वजनिक विश्वविद्यालय में चुनावों का बहिष्कार किया। छात्र इकाई ने ढाका विश्वविद्यालय में भारी हार के दो दिन बाद चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। बीएनपी बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी है।  

जातीयतावादी छात्र दल (जेसीडी)  ने जहांगीरनगर विश्वविद्यालय केंद्रीय छात्र संघ (जेयूसीएसयू)  के चुनावों से अपना नाम वापस ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जमात-ए-इस्लामी समर्थित इस्लामी छात्र शिबिर (आईसीएस) ने चुनाव धांधली की। आईसीएस ने मंगलवार को ढाका विश्वविद्यालय केंद्रीय छात्र संघ (डीयूसीएसयू) में भारी जीत हासिल की, जबकि जेसीडी ने चुनाव परिणामों को अस्वीकार करते हुए कहा कि चुनाव में हेराफेरी की गई। आईसीएस बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी का छात्र संगठन है, जो देश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी है।

हिंसा की आशंका के कारण राजधानी के बाहरी इलाके में जहांगीरनगर विश्वविद्यालय के परिसर के आस-पास बीजीबी (बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश) को तैनात किया गया, जबकि पहले सेना ने छात्र संघ चुनावों की सुरक्षा के लिए दखल देने से मना किया था और कहा था कि नियमित पुलिस व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त है।
 

सीरिया को 1.65 मिलियन बैरल कच्चा तेल देगा सऊदी अरब
सऊदी अरब ने गुरुवार को कहा कि वह सीरिया को 1.65 मिलियन बैरल कच्चा तेल उपलब्ध कराएगा, क्योंकि सीरिया देश की अर्थव्यवस्था को फिर से बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है। राज्य संचालित सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट के सीईओ सुल्तान अल-मरशद और सीरिया के ऊर्जा मंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मकसद सीरियाई रिफाइनरियों के संचालन को बेहतर बनाना है।

सीरिया कभी तेल निर्यातक था जो अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करता था, लेकिन युद्ध और प्रतिबंधों के कारण अर्थव्यवस्था के पतन का सामना कर रहा है। 2011 में शुरू हुआ गृहयुद्ध करीब पांच लाख लोगों की जान ले चुका है और 23 मिलियन का आधा हिस्सा विस्थापित हो चुका है। पश्चिमी प्रतिबंधों ने इस संकट को और बढ़ा दिया है।
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