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चीन कर रहा तेहरान की मदद?: जिनपिंग से सवाल कर सकते हैं ट्रंप, अमेरिकी सेना पर ईरानी हमले से जुड़ा है मामला
Wed, 23 Sep 2026 09:23 PM IST
देवेश त्रिपाठी
एएनआई, वॉशिंगटन
एएनआई, वॉशिंगटन
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Wed, 23 Sep 2026 09:23 PM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आगामी बैठक में ईरान को चीन से कथित सहायता का मुद्दा उठने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिकी सैनिकों पर जुलाई में हुए घातक मिसाइल हमले से पहले चीन से जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी एयरबेस की उच्च गुणवत्ता वाली सैटेलाइट तस्वीरें हासिल की थीं। हालांकि, रिपोर्ट में चीनी सरकार की प्रत्यक्ष भूमिका का आरोप नहीं लगाया गया है।
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अमेरिका पहुंचेंगे शी जिनपिंग, ट्रंप से होगी अहम बातचीत
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान ईरान को बीजिंग के कथित समर्थन का मुद्दा उठा सकते हैं। एक दशक से अधिक समय बाद शी की यह पहली वॉशिंगटन यात्रा है।
फॉक्स न्यूज के मुताबिक, यह घटनाक्रम उन रिपोर्टों के बीच सामने आया है, जिनमें चीनी कंपनियों को उस सैटेलाइट खुफिया जानकारी से जोड़ा गया है, जो अमेरिकी सैनिकों पर घातक ईरानी हमले से पहले साझा की गई थी। इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ईरान को कथित चीनी सैटेलाइट सहायता मिलने की खबर दी थी।
जॉर्डन में सैन्य अड्डे पर हुए हमले में क्या चीन ने की थी ईरान की मदद?
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले से परिचित अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान ने 17 जुलाई को अमेरिकी सैनिकों पर हुए मिसाइल हमले से पहले जॉर्डन स्थित मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस की उच्च-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें चीनी संस्थाओं से हासिल की थीं। इस हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी और चार घायल हुए थे।
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अमेरिकी अधिकारियों ने इस खुफिया जानकारी को अब तक का सबसे स्पष्ट प्रमाण बताया। उनके अनुसार ईरान को मिली चीनी वाणिज्यिक सहायता की अमेरिकी सैनिकों के लिए घातक नतीजों में संभावित भूमिका हो सकती है। हालांकि, वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से जिन अधिकारियों ने यह जानकारी दी, उन्होंने चीनी संस्थाओं की पहचान नहीं बताई। उन्होंने यह आरोप भी नहीं लगाया कि चीन की सरकार ने तस्वीरों के हस्तांतरण का सीधे आदेश दिया था या उसमें भाग लिया था।
ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद?
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद भी ईरान की ओर से इन तस्वीरों की खरीद जारी रही। शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने के बाद ट्रंप के साथ उनकी बातचीत में व्यापार, तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े व्यापक मुद्दे शामिल होने की उम्मीद है।
मौजूदा अमेरिका-चीन टैरिफ वॉर पर लगी रोक, जिस पर पिछले साल अक्टूबर में बुसान शिखर सम्मेलन के दौरान सहमति बनी थी, नवंबर में खत्म होने वाली है। अधिकारियों ने कहा कि इसके भविष्य और मौजूदा चिप निर्यात लाइसेंस पर भी चर्चा होगी। हालांकि, किसी नतीजे को पहले से तय नहीं किया गया है।
दुर्लभ खनिजों से लेकर एआई तक के मुद्दे पर हो सकती है वार्ता
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन दुर्लभ खनिजों के प्रवाह पर अपने निर्यात नियंत्रणों को किसी रियायत के बदले हटाने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि, दोनों देशों के बीच ऐसे सीमित "गैर-रणनीतिक" सामानों पर शुल्क कम करने को लेकर बातचीत चल रही है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को फायदा हो सकता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी दोनों नेताओं की बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा रहने की उम्मीद है। इसमें ऐसे प्रस्ताव भी शामिल हैं जिन पर अभी सहमति नहीं बनी है, जैसे दोनों देशों के बीच नए एआई मॉडलों का पूर्वावलोकन करना या चीनी ओपन-सोर्स प्रणालियों पर निगरानी बढ़ाना।
क्या जिनपिंग को मिलेगा राजकीय सम्मान?
अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों नेताओं की बैठक से पहले अपनी निश्चित बातचीत की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार किया। अन्य विवादित मुद्दों पर अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन मेक्सिको में सक्रिय गिरोहों तक फेंटेनाइल बनाने वाले रसायनों के प्रवाह को लेकर बीजिंग पर दबाव बनाए हुए है। इसके अलावा, पहले के रुख को देखते हुए ट्रंप से चीन की जेलों में बंद अमेरिकी नागरिकों के मामलों को भी उठाने की उम्मीद है।
वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने पृष्ठभूमि में हुई ब्रीफिंग के दौरान शी की यात्रा के बारे में जानकारी दी। यह यात्रा ट्रंप की मई में बीजिंग यात्रा के बाद हो रही है। उस दौरान शी ने ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में ट्रंप की मेजबानी की थी और दोनों नेताओं ने अपने संबंधों को "रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर संबंध" बताया था। अब ट्रंप की ओर से शी को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ स्वागत दिए जाने की उम्मीद है।
जिनपिंग कब पहुंचेंगे अमेरिका?
अधिकारियों की ओर से साझा कार्यक्रम के अनुसार, शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन बुधवार को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पहुंचेंगे, जहां ट्रंप व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत करेंगे। गुरुवार को दोनों दंपतियां व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह और सैन्य परेड में शामिल होंगी। इसके बाद दोनों राष्ट्रपति द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
गुरुवार शाम ट्रंप दंपति व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में चीनी प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में राजकीय रात्रिभोज की मेजबानी करेगा। इस दौरान दोनों राष्ट्रपतियों के भाषण देने की उम्मीद है। शुक्रवार को शी ज्वाइंट बेस एंड्रयूज से अमेरिका से रवाना होंगे।
राजकीय रात्रिभोज और अन्य औपचारिक कार्यक्रमों के बावजूद अमेरिका-चीन संबंधों में सबसे संवेदनशील मुद्दा ताइवान बना हुआ है।
ताइवान के मुद्दे पर चीन ने अमेरिका को दी चेतावनी
बीजिंग पहले ही ताइवान के मुद्दे पर वॉशिंगटन को अपनी ओर से तय लक्ष्मण रेखा पार नहीं करने की चेतावनी दे चुका है। रिपोर्टों के अनुसार, ताइवान के लिए अमेरिका का 14 अरब डॉलर का संभावित हथियार पैकेज भी शिखर वार्ता के माहौल को प्रभावित कर सकता है।
ब्रीफिंग में मौजूद अमेरिकी अधिकारियों ने अन्य मुद्दों पर सवाल किए जाने के दौरान ताइवान पर सीधे टिप्पणी नहीं की। इससे संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष शी की यात्रा से पहले इस मुद्दे को लेकर बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। तनाव के बावजूद ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि वॉशिंगटन चीन के साथ "बहुत अच्छा" कर रहा है और उन्हें शी के साथ कई समझौतों पर चर्चा की उम्मीद है।
जिनपिंग से मुलाकात को लेकर क्या बोले ट्रंप?
ओवल ऑफिस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके और शी के बीच अच्छे संबंध बने हुए हैं और उन्हें आगामी बैठक में महत्वपूर्ण बातचीत और समझौतों की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा, "हम चीन के साथ बहुत अच्छा कर रहे हैं। मैं कहूंगा कि शायद दूसरे लोग इतना अच्छा नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम चीन के साथ बहुत अच्छा कर रहे हैं। राष्ट्रपति शी और मेरे बीच अच्छे संबंध हैं। हम कई अलग-अलग समझौते करने जा रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारा इरादा है... हम यह केवल अपने स्वास्थ्य के लिए नहीं कर रहे हैं। हमारी कुछ बेहद महत्वपूर्ण बैठकें होने वाली हैं।" शी जिनपिंग की वॉशिंगटन यात्रा दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ताइवान समेत कई अहम मुद्दों पर आमने-सामने लाने वाली है।
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फॉक्स न्यूज के मुताबिक, यह घटनाक्रम उन रिपोर्टों के बीच सामने आया है, जिनमें चीनी कंपनियों को उस सैटेलाइट खुफिया जानकारी से जोड़ा गया है, जो अमेरिकी सैनिकों पर घातक ईरानी हमले से पहले साझा की गई थी। इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ईरान को कथित चीनी सैटेलाइट सहायता मिलने की खबर दी थी।
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जॉर्डन में सैन्य अड्डे पर हुए हमले में क्या चीन ने की थी ईरान की मदद?
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले से परिचित अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान ने 17 जुलाई को अमेरिकी सैनिकों पर हुए मिसाइल हमले से पहले जॉर्डन स्थित मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस की उच्च-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें चीनी संस्थाओं से हासिल की थीं। इस हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी और चार घायल हुए थे।
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अमेरिकी अधिकारियों ने इस खुफिया जानकारी को अब तक का सबसे स्पष्ट प्रमाण बताया। उनके अनुसार ईरान को मिली चीनी वाणिज्यिक सहायता की अमेरिकी सैनिकों के लिए घातक नतीजों में संभावित भूमिका हो सकती है। हालांकि, वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से जिन अधिकारियों ने यह जानकारी दी, उन्होंने चीनी संस्थाओं की पहचान नहीं बताई। उन्होंने यह आरोप भी नहीं लगाया कि चीन की सरकार ने तस्वीरों के हस्तांतरण का सीधे आदेश दिया था या उसमें भाग लिया था।
ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद?
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद भी ईरान की ओर से इन तस्वीरों की खरीद जारी रही। शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने के बाद ट्रंप के साथ उनकी बातचीत में व्यापार, तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े व्यापक मुद्दे शामिल होने की उम्मीद है।
मौजूदा अमेरिका-चीन टैरिफ वॉर पर लगी रोक, जिस पर पिछले साल अक्टूबर में बुसान शिखर सम्मेलन के दौरान सहमति बनी थी, नवंबर में खत्म होने वाली है। अधिकारियों ने कहा कि इसके भविष्य और मौजूदा चिप निर्यात लाइसेंस पर भी चर्चा होगी। हालांकि, किसी नतीजे को पहले से तय नहीं किया गया है।
दुर्लभ खनिजों से लेकर एआई तक के मुद्दे पर हो सकती है वार्ता
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन दुर्लभ खनिजों के प्रवाह पर अपने निर्यात नियंत्रणों को किसी रियायत के बदले हटाने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि, दोनों देशों के बीच ऐसे सीमित "गैर-रणनीतिक" सामानों पर शुल्क कम करने को लेकर बातचीत चल रही है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को फायदा हो सकता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी दोनों नेताओं की बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा रहने की उम्मीद है। इसमें ऐसे प्रस्ताव भी शामिल हैं जिन पर अभी सहमति नहीं बनी है, जैसे दोनों देशों के बीच नए एआई मॉडलों का पूर्वावलोकन करना या चीनी ओपन-सोर्स प्रणालियों पर निगरानी बढ़ाना।
क्या जिनपिंग को मिलेगा राजकीय सम्मान?
अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों नेताओं की बैठक से पहले अपनी निश्चित बातचीत की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार किया। अन्य विवादित मुद्दों पर अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन मेक्सिको में सक्रिय गिरोहों तक फेंटेनाइल बनाने वाले रसायनों के प्रवाह को लेकर बीजिंग पर दबाव बनाए हुए है। इसके अलावा, पहले के रुख को देखते हुए ट्रंप से चीन की जेलों में बंद अमेरिकी नागरिकों के मामलों को भी उठाने की उम्मीद है।
वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने पृष्ठभूमि में हुई ब्रीफिंग के दौरान शी की यात्रा के बारे में जानकारी दी। यह यात्रा ट्रंप की मई में बीजिंग यात्रा के बाद हो रही है। उस दौरान शी ने ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में ट्रंप की मेजबानी की थी और दोनों नेताओं ने अपने संबंधों को "रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर संबंध" बताया था। अब ट्रंप की ओर से शी को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ स्वागत दिए जाने की उम्मीद है।
जिनपिंग कब पहुंचेंगे अमेरिका?
अधिकारियों की ओर से साझा कार्यक्रम के अनुसार, शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन बुधवार को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पहुंचेंगे, जहां ट्रंप व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत करेंगे। गुरुवार को दोनों दंपतियां व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह और सैन्य परेड में शामिल होंगी। इसके बाद दोनों राष्ट्रपति द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
गुरुवार शाम ट्रंप दंपति व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में चीनी प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में राजकीय रात्रिभोज की मेजबानी करेगा। इस दौरान दोनों राष्ट्रपतियों के भाषण देने की उम्मीद है। शुक्रवार को शी ज्वाइंट बेस एंड्रयूज से अमेरिका से रवाना होंगे।
राजकीय रात्रिभोज और अन्य औपचारिक कार्यक्रमों के बावजूद अमेरिका-चीन संबंधों में सबसे संवेदनशील मुद्दा ताइवान बना हुआ है।
ताइवान के मुद्दे पर चीन ने अमेरिका को दी चेतावनी
बीजिंग पहले ही ताइवान के मुद्दे पर वॉशिंगटन को अपनी ओर से तय लक्ष्मण रेखा पार नहीं करने की चेतावनी दे चुका है। रिपोर्टों के अनुसार, ताइवान के लिए अमेरिका का 14 अरब डॉलर का संभावित हथियार पैकेज भी शिखर वार्ता के माहौल को प्रभावित कर सकता है।
ब्रीफिंग में मौजूद अमेरिकी अधिकारियों ने अन्य मुद्दों पर सवाल किए जाने के दौरान ताइवान पर सीधे टिप्पणी नहीं की। इससे संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष शी की यात्रा से पहले इस मुद्दे को लेकर बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। तनाव के बावजूद ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि वॉशिंगटन चीन के साथ "बहुत अच्छा" कर रहा है और उन्हें शी के साथ कई समझौतों पर चर्चा की उम्मीद है।
जिनपिंग से मुलाकात को लेकर क्या बोले ट्रंप?
ओवल ऑफिस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके और शी के बीच अच्छे संबंध बने हुए हैं और उन्हें आगामी बैठक में महत्वपूर्ण बातचीत और समझौतों की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा, "हम चीन के साथ बहुत अच्छा कर रहे हैं। मैं कहूंगा कि शायद दूसरे लोग इतना अच्छा नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम चीन के साथ बहुत अच्छा कर रहे हैं। राष्ट्रपति शी और मेरे बीच अच्छे संबंध हैं। हम कई अलग-अलग समझौते करने जा रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारा इरादा है... हम यह केवल अपने स्वास्थ्य के लिए नहीं कर रहे हैं। हमारी कुछ बेहद महत्वपूर्ण बैठकें होने वाली हैं।" शी जिनपिंग की वॉशिंगटन यात्रा दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ताइवान समेत कई अहम मुद्दों पर आमने-सामने लाने वाली है।