World: ठीक होने के बाद पहली बार जनता के सामने आए पोप फ्रांसिस; भारत-इटली सैन्य समूह में सहयोग बढ़ाने पर जोर
पोप फ्रांसिस ने रविवार को एक महीने की अनुपस्थिति के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से जनता के सामने आए। वे अस्पताल में इलाज कराने के बाद अब अपने निवास स्थान कासा सांता मार्टा लौट आए हैं। अस्पताल से लौटने पर उन्होंने अपनी उपस्थिति के दौरान वहां एकत्रित भीड़ को आशीर्वाद दिया और उन्हें एक भावुक भाषण दिया। उनका दोबारा सार्वजनिक रूप से आना लोगों के लिए खुशी का कारण बना और भीड़ ने जयकारे लगाए।
बता दें कि पोप फ्रांसिस 14 फरवरी से अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्हें डबल निमोनिया का इलाज चल रहा था। एक महीने से ज्यादा समय अस्पताल में बिताने के बाद, रविवार को उन्हें छुट्टी मिल गई। पोप की देखभाल करने वाले सर्जरी प्रमुख सर्जियो अल्फिएरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पोप अब स्थिर स्थिति में हैं, लेकिन उन्हें कुछ समय तक आराम और स्वास्थ्य लाभ के लिए दवाइयों की आवश्यकता होगी।
भारत-इटली सैन्य समूह में सहयोग बढ़ाने पर जोर
भारत-इटली सैन्य सहयोग समूह (एमसीजी) की 13वीं बैठक 20 से 21 मार्च तक रोम में हुई। इस दौरान द्विपक्षीय सैन्य सहयोग के विस्तार पर जोर दिया गया। मुख्य एजेंडे में भारतीय और इतालवी सशस्त्र बलों के बीच बेहतर आदान-प्रदान कार्यक्रम, क्षमता विकास प्रयास और सहयोग को मजबूत करना शामिल था। बैठक में रक्षा जुड़ावों की समीक्षा व प्रगति का आकलन किया गया।
खुशी सूचकांक पूर्णतः सत्य नहीं : रविशंकर
श्री श्री रविशंकर ने 2025 के खुशहाली सूचकांक में भारत के 118वें स्थान पर निराशा जताई। कहा, देश अपने मजबूत सामाजिक बंधनों, मानवीय मूल्यों के चलते कहीं अधिक ऊंचे स्थान का हकदार है। रैंकिंग की निंदा कर वह बोले, यह पूर्णतः सत्य नहीं है।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में अल्पसंख्यक अहमदिया समुदाय के 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ ईशनिंदा कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इन सभी पर मस्जिद के भीतर जुमे की नमाज अदा करने का आरोप है, जबकि कानून के तहत इनके लिए मस्जिद में नमाज पढ़ना प्रतिबंधित है। पुलिस अधिकारी जाहिद परवेज ने बताया कि सभी पर खुद को मुसलमान और इस्लाम धर्म का बताने के कारण केस दर्ज किया गया है। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने शुक्रवार को पंजाब में अहमदिया समुदाय के कई पूजा स्थलों का घेराव किया, ताकि उन्हें नमाज अदा करने से रोका जा सके।
भारत ने बाढ़ग्रस्त बोत्सवाना को 10 टन सहायता भेजी
भारत ने बाढ़ से प्रभावित बोत्सवाना को 10 टन सहायता की पहली खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस सहायता में जरूरी दवाइयां, चिकित्सा सामग्री, मच्छरदानी और पानी शुद्ध करने वाले उपकरण (वाटर प्यूरीफायर) शामिल हैं। बता दें कि बोत्सवाना में हाल की बाढ़ के कारण कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है। रिकॉर्ड बारिश के कारण 5,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।