Updates: फिर USA जा सकते हैं पाकिस्तानी सेना प्रमुख मुनीर; उत्तराखंड आपदा में 13 नेपाली लापता
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर इस सप्ताह अमेरिकी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के लिए अमेरिका का दौरा कर सकते हैं। भारत के साथ संघर्ष के बाद यह उनकी दूसरी वाशिंगटन यात्रा होगी। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मुनीर इस सप्ताह अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ विचार-विमर्श के लिए अमेरिका में होंगे। इससे पहले जून में मुनीर ने ट्रंप के साथ लंच किया था।
उत्तराखंड आपदा में 13 नेपाली लापता
उत्तराखंड में आई आपदा में 13 नेपाली नागरिक लापता हो गए हैं। उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में आपदा में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं या मलबे के साथ तेज पानी में बह गईं। कुशे ग्रामीण नगर पालिका के अध्यक्ष हरिश्चंद्र बसनेत ने कहा कि लापता नेपाली नागरिक जाजरकोट जिले के कुक्षे ग्रामीण नगर पालिका से हैं। कुशे के वार्ड नंबर 2 के कम से कम 13 लोग और अन्य वार्डों के कुछ और लोग घटना के बाद से संपर्क में नहीं आए हैं। बस्नेत ने नेपाल सरकार और विदेश मंत्रालय से भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लापता लोगों की त्वरित और प्रभावी खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए तत्काल कूटनीतिक पहल करने का आग्रह किया।
भारत पर ट्रंप के 25% टैरिफ की पहली किश्त लागू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25% टैरिफ की पहली किश्त आज से लागू हो गई है।। यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत रूस से तेल खरीद रहा है और अमेरिका इससे नाराज है। ट्रंप प्रशासन पहले भी व्यापार घाटा समेत कई मुद्दों को लेकर भारत की नीतियों पर नाराजगी जाहिर कर चुका है। बता दें कि अमेरिका की तरफ से भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ (25 फीसदी के दो टैरिफ) लगाया गया है। इसमें पहली टैरिफ आज यानी 7 अगस्त से लागू हुई है और दूसरी टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगी।
रवांडा समर्थित विद्रोहियों ने का कांगो में तांडव
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने दावा किया है कि रवांडा समर्थित विद्रोहियों ने बीते महीने कांगो में 300 से अधिक नागरिकों की हत्या कर दी। बुधवार को उन्होंने कहा कि रवांडा समर्थित विद्रोहियों ने पूर्वी कांगो में पिछले महीने कम से कम 319 लोगों की हत्या कर दी। उन्होंने इसे 2022 में एम23 विद्रोहियों के फिर से उभरने के बाद से इस तरह के हमलों में दर्ज सबसे बड़ी संख्या में से एक बताया।
प्रत्यक्ष विवरण का हवाला देते हुए, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर ने एक बयान में कहा कि रवांडा रक्षा बल के सदस्यों द्वारा समर्थित विद्रोहियों ने 9 जुलाई से 21 जुलाई के बीच उत्तरी किवु प्रांत के रुतशुरू क्षेत्र में चार गांवों को निशाना बनाया।
जापान ने दक्षिण क्षेत्र में तैनात किए लड़ाकू विमान
जापान ने अपने पहले तीन एफ-35बी स्टील्थ लड़ाकू विमान गुरुवार को देश के दक्षिण में स्थित एक हवाई अड्डे पर तैनात किए हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा मजबूत करने के लिए जापान ने यह कदम उठाया है। विमानों को मियाज़ाकी प्रांत के न्युटाबारू एयर बेस पर तैनात किया गया है। एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने बताया कि एक और विमान बाद में आएगा। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि मार्च 2026 के अंत तक न्युटाबारू को चार और एफ-35बी विमान सौंपे जाएंगे। जापान चीन को एक क्षेत्रीय खतरा मानता है और उसने दक्षिण-पश्चिम में दूरदराज के द्वीपों पर अपनी सैन्य तैनाती तेज कर दी है। वहीं जापान मगेशिमा द्वीप पर एक नए हवाई अड्डे पर F-35B उड़ान अभ्यास के लिए एक रनवे का निर्माण कर रहा है।
ट्रंप के करीबी करोल नवरोकी बने पोलैंड के नए राष्ट्रपति
वारसॉ। कंजर्वेटिव पार्टी के करोल नवरोकी बुधवार को पोलैंड के नए राष्ट्रपति बने। वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी हैं और इतिहासकार भी हैं। पोलैंड में अधिकांश शक्तियां पीएम, संसद के पास होती हैं लेकिन राष्ट्रपति के पास विदेश नीति प्रभावित करने और कानूनों पर वीटो की अनुमति होती है। ऐसे में पीएम डोनाल्ड टस्क की मध्यमार्गी सरकार की व्यवहार्यता पर संदेह पैदा हो सकता है।
इस्राइल से जासूसी व आईएस से जुड़े लोगों को ईरान में फांसी
दुबई। रान ने अलग-अलग मामलों में दो लोगों को फांसी दी है। इनमें से रूजबेह पर इस्राइल के लिए जासूसी करने और मेहदी अगाजादेह पर इस्लामिक स्टेट समूह का सदस्य होने का आरोप है। रूजबेह ने इस्राइली खुफिया सेवा मोसाद को गोपनीय जानकारी दी, जिसके चलते एक ईरानी परमाणु वैज्ञानिक जून में मारा गया।
म्यांमार के कार्यवाहक राष्ट्रपति म्यिंट स्वे का गुरुवार को 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सेना की जानकारी के अनुसार, वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और राजधानी नेपीडॉ के सैन्य अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उन्हें जुलाई 2024 से गहन देखभाल में रखा गया था। म्यिंट स्वे को 2021 में उस समय कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया था, जब सेना ने आंग सान सू की की सरकार को हटाकर सत्ता पर कब्जा कर लिया था। वे पहले उपराष्ट्रपति थे, और सेना समर्थित पार्टी से जुड़े थे। उनकी नियुक्ति को कई कानूनी विशेषज्ञों ने विवादास्पद बताया था। उनके कार्यकाल में सभी महत्वपूर्ण निर्णय सैन्य प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग लेते थे। उन्होंने यांगून क्षेत्र के मुख्यमंत्री और सैन्य खुफिया प्रमुख जैसे कई अहम पदों पर काम किया था। उनका अंतिम संस्कार राज्य स्तर पर होगा।