World: न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त ने ट्रंप पर की टिप्पणी, चली गई नौकरी; मेक्सिको ने पकड़ी फेंटानिल ड्रग की खेप
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बाजार में बुधवार को हुए धमाके में चार लोगों की मौत हो गई। पांच लोग घायल भी हुए हैं। पुलिस ने बताया कि खुजदार के नाल बाजार में खड़ी एक मोटरसाइकिल पर आईईडी लगाया गया था। नाल पुलिस स्टेशन के प्रभार ने बताया कि मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि घायलों में एक की हालत गंभीर है। खुजदार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जावेद जेहरी ने बताया कि विस्फोट में कुछ वाहन भी नष्ट हो गए।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने बयान में विस्फोट की कड़ी निंदा की और कहा कि घायलों को उपलब्ध सर्वोत्तम चिकित्सा सेवा प्रदान करने के आदेश जारी किए गए हैं। बुगती ने कहा कि आतंकवाद को उसके सभी रूपों में मिटा दिया जाएगा शांति के विरोधी तत्व अपने नापाक उद्देश्यों में विफल होंगे और इस घटना में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
अमेरिकी युवक का भारतवंशी नर्स पर हमला, जा सकती है आंखों की रोशनी
अमेरिका में नस्ली भेदभाव की एक और क्रूर घटना सामने आई है। फ्लोरिडा के पाम्स वेस्ट अस्पताल में अमेरिकी मरीज स्टीफन स्कैंटलबरी ने 67 वर्षीय भारतीय मूल की नर्स लीलम्मा लाल के चेहरे पर क्रूरता के साथ मुक्के मारे। इससे नर्स की आंखों की रोशनी भी जा सकती है। पुलिस ने बताया कि नर्स लीला (लीलाम्मा) लाल पर 18 फरवरी को मनोरोग वार्ड में इलाज कर रही थी। उन पर 33 वर्षीय मरीज स्टीफन एरिक स्कैंटलबरी ने हमला कर चेहरे की लगभग हर हड्डी तोड़ दीं। हमला करने के बाद स्टीफन ने कहा, ‘भारतीय बुरे हैं’ और ‘मैंने अभी-अभी एक भारतीय डॉक्टर को पीटा’ है।
हेलिकॉप्टर से मेडिकल सेंटर ले जाया गया
लाल को हेलिकॉप्टर से वेस्ट पाम बीच के सेंट मैरी मेडिकल सेंटर ले जाया गया। उसे एक दर्शक से एक वीडियो मिला, जिसमें संदिग्ध व्यक्ति को पास की प्रमुख सड़क पर शर्टलेस चलते हुए दिखाया गया था और ऐसा लग रहा था कि उसके सीने में अभी भी ईसीजी लीड लगी हुई थी। पुलिस द्वारा उसे हिरासत में लेने के पहले अस्पताल के कर्मचारी और कानून प्रवर्तन अधिकारी उस व्यक्ति का व्यस्त राजमार्ग पर पीछा करते हुए दिखाई दे रहे थे।
अमेरिका ने साइबर जासूसी अभियान में चीनी हैकरों और सरकारी अधिकारियों पर आरोप लगाए
अमेरिकी न्याय विभाग ने बुधवार को एक चीनी हैकिंग कंपनी के आठ कर्मियों पर दो चीनी कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ वैश्विक साइबर जासूसी अभियान चलाने के आरोप लगाए गए हैं। इस जासूसी अभियान में असंतुष्ट अमेरिकियों, समाचार संगठनों और अमेरिकी एजेंसियों को निशाना बनाया गया था। अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि इसके लिए लोगों को प्रभावित करने और चीन के पक्ष में करने के लिए चीनी सरकार द्वारा भुगतान भी किया जा रहा था।
एक अभियोग में आई-सून नामक एक निजी हैकिंग कंपनी के अधिकारियों पर आरोप लगाया गया है। इसके अधिकारियों ने दुनिया भर में व्यापक स्तर पर सेंधमारी की, जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने व्यापक खुफिया जानकारी जुटाने का अभियान बताया।
मामले में कहा गया है कि कुछ मामलों में टारगेट चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय द्वारा निर्देशित थे। लेकिन अन्य मामलों में हैकर्स ने अपनी पहल पर काम किया और चोरी की गई जानकारी को बाद में सरकार को बेचने की कोशिश की।
फ्रांस और यूरोप के लिए खतरा है रूस
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर जारी तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे रूस से खतरों के मद्देनजर महाद्वीप की रक्षा के लिए फ्रांस की परमाणु ताकत का उपयोग करने के विचार पर यूरोपीय सहयोगियों के साथ वार्ता करेंगे। उन्होंने राष्ट्र के नाम एक टेलीविज़न संबोधन में यह टिप्पणी की।
गौरतलब है कि फ्रांस यूरोपीय संघ में एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र है। अपने संबोधन में मैक्रों ने रूस को फ्रांस और यूरोप के लिए खतरा बताया। साथ ही कहा कि उन्होंने हमारे (परमाणु) प्रतिरोध द्वारा यूरोपीय महाद्वीप पर हमारे सहयोगियों की सुरक्षा पर रणनीतिक बहस शुरू करने का फैसला किया है। मैंक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस के परमाणु हथियारों का उपयोग केवल फ्रांसीसी राष्ट्रपति के हाथों में रहेगा।
इस दौरान मैंक्रों ने यह भी उम्मीद जताई कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूरोप से आयात पर टैरिफ न लगाने के लिए मना लेंगे।
न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त ने ट्रंप पर की टिप्पणी, चली गई नौकरी
अमेरिकी सख्ती के बाद मेक्सिको ने पकड़ी फेंटानिल की खेप
दक्षिण कोरिया के दो लड़ाकू विमानों ने अमेरिकी सेना के साथ बृहस्पतिवार को संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान एक असैन्य क्षेत्र पर गलती से आठ बम गिरा दिए जिससे आठ लोग घायल हो गए। वायु सेना ने कहा, केएफ-16 लड़ाकू विमानों द्वारा गिराए गए एमके-82 बम ‘फायरिंग रेंज’ के बाहर गिरे, जिससे असैन्य क्षति हुई। लड़ाकू विमान अमेरिकी सेना के साथ एक दिवसीय गोलाबारी अभ्यास में हिस्सा ले रहे थे। वायुसेना ने कहा, वह हादसे के कारणों की जांच के लिए समिति गठित करेगी।
दक्षिण कोरियाई वायुसेना अधिकारी ने बताया कि एक केएफ-16 के पायलट ने बमबारी स्थल के लिए गलत जानकारी डाल दी। रक्षा मंत्रालय ने कहा, यह पता लगाने के लिए गहन जांच की जरूरत है कि दूसरे केएफ-16 विमान ने भी असैन्य क्षेत्र पर बम क्यों गिराए। वायुसेना ने इस घटना के लिए माफी मांगी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उसने कहा, वह पीड़ितों को मुआवजा देगी और अन्य जरूरी कदम उठाएगी। यह दुर्घटना पोचियन शहर में हुई, जो उत्तर कोरिया की सीमा के करीब है। पोचियन के मेयर पेक यंग-ह्यून ने इन बम धमाकों को ‘भयानक’ बताया और सेना से शहर में तब तक सैन्याभ्यास रोकने का आग्रह किया, जब तक कि वह इन प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विश्वसनीय कदम नहीं उठा लेती।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सेनाएं उत्तर कोरिया से पैदा हो सकने वाले खतरों से निपटने के लिए अपनी तैयारी पुख्ता करने के वास्ते अगले सप्ताह वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू करेंगी। उत्तर कोरिया ने हाल में धमकी दी थी कि वह उसके खिलाफ ‘अमेरिका के नेतृत्व में बढ़ते आक्रामक’ रुख के जवाब में कार्रवाई करेगा। इस बीच दोनों देशों की सेनाएं सोमवार से 20 मार्च तक ‘फ्रीडम शील्ड’ सैन्याभ्यास, ‘कंप्यूटर-सिम्युलेटेड कमांड पोस्ट’ प्रशिक्षण और संबंधित जमीनी सैन्य अभ्यासों में भाग लेंगी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तहत अमेरिका के यूक्रेन का साथ रूस के साथ युद्ध में छोड़ने की आशंका के बीच यूरोपीय संघ के नेताओं ने बृहस्पतिवार को एक आपातकालीन वार्ता की। इस वार्ता का उद्देश्य यूरोपीय देशों की सुरक्षा को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि यूक्रेन अब भी उचित रूप से संरक्षित रहे।
जर्मनी के संभावित अगले चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने ब्रसेल्स में नाश्ते पर कम समय सीमा में यूरोप की सुरक्षा को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। मर्ज ने इस सप्ताह रक्षा व्यय बढ़ाने के लिए ऋण लेने के देश के नियमों को ढीला करने की योजना पर जोर दिया।
इस्राइली जनसंख्या और आव्रजन प्राधिकरण ने गुरुवार को कहा कि भारत के दस निर्माण श्रमिकों को एक महीने से अधिक समय तक बंधक बनाए जाने के बाद वेस्ट बैंक के गांव से रातोंरात बचा लिया गया। स्थानीय मीडिया की खबरों में कहा गया कि फलस्तीनियों ने इन श्रमिकों को काम देने के वादे के साथ पश्चिमी तट के अल-जायम गांव में बुलाया था और फिर उनके पासपोर्ट ले लिए थे। उनके पासपोर्ट लेकर वे इस्राइल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। ये श्रमिक इस्राइल में निर्माण उद्योग में काम करने के लिए आए थे। इन्हें बचाने के लिए इस्राइली जनसंख्या और आव्रजन प्राधिकरण, इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) और न्याय मंत्रालय ने मिलकर रातोंरात एक अभियान चलाया।