{"_id":"61269139b525d67284186c85","slug":"world-health-organization-china-s-obstruction-in-the-investigation-of-scientists-on-the-origin-of-corona-virus","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व स्वास्थ्य संगठन: कोरोना वायरस की उत्पत्ति पर वैज्ञानिकों की जांच में चीन का अड़ंगा ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
विश्व स्वास्थ्य संगठन: कोरोना वायरस की उत्पत्ति पर वैज्ञानिकों की जांच में चीन का अड़ंगा
Thu, 26 Aug 2021 12:21 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 26 Aug 2021 12:21 AM IST
सार
वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित खबर के मुताबिक, खुफिया समीक्षा के दौरान इस निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका कि वायरस जानवरों से इंसानों में फैला या चीन की प्रयोगशाला से इसका प्रसार हुआ।
विज्ञापन
Wuhan Institute of Virology
- फोटो : Twitter@PeterDaszak
विस्तार
चीन से ही कोरोना वायरस की उत्पत्ति हुई है, इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की तलाश फिलहाल रुक गई है। चीन के रवैये से एक बार फिर साबित हो गया है कि इस सवाल का जवाब मिलना मुमकिन नहीं दिखता। चीनी अधिकारी आंकड़े देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
विज्ञापन
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए चीन भेजे गए अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने बुधवार को कहा कि तलाश रुक गई है। वैज्ञानिकों ने कहा कि इस रहस्य पर से पर्दा उठाने के रास्ते तेजी से बंद हो रहे हैं।
विज्ञापन
वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित खबर के मुताबिक, खुफिया समीक्षा के दौरान इस निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका कि वायरस जानवरों से इंसानों में फैला या चीन की प्रयोगशाला से इसका प्रसार हुआ। जर्नल नेचर में प्रकाशित डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों की टिप्पणी में कहा गया कि वायरस की उत्पत्ति संबंधी जांच अहम मोड़ पर है और तुरंत साझेदारी की जरूरत है लेकिन इसके स्थान पर गतिरोध बना हुआ है। उन्होंने रेखांकित किया कि अन्य बातों के साथ चीनी अधिकारी अब भी मरीजों की गोपनीयता का हवाला देते हुए कुछ आंकड़े देने को राजी नहीं दिखते।
विज्ञापन
वुहान में मिला था पहला मामला
बता दें कि इस साल की शुरुआत में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विशेषज्ञों की टीम वुहान भेजी थी जहां पर दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस से मानव के संक्रमित होने का पहला मामला आया था। टीम यह पता लगाने गई थी कि किन कारणों से महामारी फैली, लेकिन वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इस वायरस की वजह से पूरी दुनिया में अबतक करीब 45 लाख लोग जान गंवा चुके हैं।
पांच अरब टीके की खुराक लगाने के बावजूद रोजाना दुनिया में 10 हजार से अधिक मौत हो रही हैं। डब्ल्यूएचओं विशेषज्ञों का विश्लेषण मार्च में प्रकाशित किया गया था जिसमें जानवर से इंसान में वायरस के फैलने की आशंका जताई थी और उन्होंने कहा था कि प्रयोगशाला से वायरस के प्रसार की संभावना बहुत कम है।