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World Energy Outlook: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने किया आगाह, कहा- '2025 तक चरम पर होगा वैश्विक उत्सर्जन'
Thu, 27 Oct 2022 11:32 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Thu, 27 Oct 2022 11:32 AM IST
सार
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में वैश्विक ऊर्जा उत्सर्जन चरम पर होगा और 2030 तक 15 प्रतिशत गिरकर 31.5 Gt तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि जीवाश्म ईंधन की मांग आने समय में चरम पर होगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने भविष्य में आने वाले खतरे को लेकर आगाह किया है। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में वैश्विक ऊर्जा उत्सर्जन चरम पर होगा। दरअसल, गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की ओर से वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक 2022 रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि वैश्विक उत्सर्जन 2025 में चरम पर होगा।
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यह रिपोर्ट नवीनतम ऊर्जा डेटा और बाजारीय गतिविधियों पर केंद्रित है। इस वर्ष के वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक (WEO) में ऊर्जा संकट, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, बाजारों पर सरकार की प्रतिक्रिया जैसे संभावित जोखिमों को ध्यान में रखा गया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में वैश्विक ऊर्जा उत्सर्जन चरम पर होगा और 2030 तक 15 प्रतिशत गिरकर 31.5 Gt तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि जीवाश्म ईंधन की मांग आने समय में चरम पर होगी। इसके अलावा आने वाले कुछ सालों में कोयले, प्राकृतक गैस और पेट्रोल की मांग भी 2030 तक अपने उच्च शिखर पर पहुंच जाएगी।
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रूस-यूक्रेन युद्ध के पड़ रहे दूरगामी परिणाम
वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध के दूरगामी प्रभाव पड़ रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं गड़बड़ा रही हैं। ऐसे में सरकारों को अपनी-अपनी प्रतिक्रियाओं के साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी बढ़ावा देने के तरीकों पर व्यापक बहस करनी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक वैश्विक संकट है, लेकिन यूरोप इससे खासा प्रभावित है।