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कूटनीति: डेनमार्क में चीन की दमनकारी नीतियों का विरोध, मानवाधिकारों की रक्षा के लिए दोहराई गई प्रतिबद्धता

Sat, 25 Jan 2025 06:57 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, कोपेनहेगन
एजेंसी, कोपेनहेगन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 25 Jan 2025 06:57 AM IST
सार

डेनमार्क में विदेश मामलों की समिति के सदस्य साशा फैक्से ने कहा, तिब्बती निर्वासित समुदाय का लोकतंत्र को बढ़ावा देना दुनिया के लिए एक शक्तिशाली उदाहरण है। तिब्बती प्रतिनिधिमंडल ने डेनिश इंस्टीट्यूट ऑफ पार्टीज एंड डेमोक्रेसी के निदेशक मैथियास पार्सबेक और वरिष्ठ सलाहकार मार्लीन क्रॉयडन हरित्सो के साथ भी चर्चा की।
 

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World Diplomacy Denmark against repressive policies of China commitment to protect human rights reiterated
डेनमार्क दौरे पर निर्वासित तिब्बती प्रतिनिधिमंडल। - फोटो : एजेंसी

विस्तार

निर्वासित तिब्बती संसद के एक प्रतिनिधिमंडल ने डेनमार्क में अपनी यात्रा की शुरुआत डेनिश संसद में एक बैठक के साथ की। बैठक में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने चीन की दमनकारी नीतियों का विरोध करने का आह्वान किया। प्रतिनिधिमंडल का अटलांटिक के विदेश मामलों के प्रवक्ता और विदेश मामलों की समिति के सदस्य साशा फैक्से ने गर्मजोशी से स्वागत किया। साशा फैक्से ने मानवाधिकारों की रक्षा व चीन के बढ़ते प्रभाव का विरोध करने  की प्रतिबद्धता दोहराई।

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फैक्से द्वारा डेनमार्क की लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रकाश डालने के जवाब में, नामग्याल डोलकर लहाग्यारी ने तिब्बत में चीन की नीतियों के गंभीर प्रभाव पर एक गहन प्रस्तुति दी। उन्होंने तिब्बती बच्चों को बोर्डिंग स्कूलों में जबरन भेजकर स्थानीय भाषा, संस्कृति व पहचान मिटाने के व्यवस्थित चीनी प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने चीन द्वारा बड़े बांधों के निर्माण और तिब्बत के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण होने वाले पर्यावरणीय विनाश के बारे में भी चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल ने डेनिश संसद से तिब्बत के लिए अपने नैतिक समर्थन को ठोस कार्यों में बदलने का आह्वान किया व तिब्बत के लिए मजबूत वैश्विक  समर्थन का आग्रह किया। 
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अंतरराष्ट्रीय जागरूकता बढ़ाने का मकसद
डेनमार्क में विदेश मामलों की समिति के सदस्य साशा फैक्से ने कहा, तिब्बती निर्वासित समुदाय का लोकतंत्र को बढ़ावा देना दुनिया के लिए एक शक्तिशाली उदाहरण है। तिब्बती प्रतिनिधिमंडल ने डेनिश इंस्टीट्यूट ऑफ पार्टीज एंड डेमोक्रेसी के निदेशक मैथियास पार्सबेक और वरिष्ठ सलाहकार मार्लीन क्रॉयडन हरित्सो के साथ भी चर्चा की। इस दौरान वैश्विक मंच पर तिब्बत के लोकतांत्रिक मॉडल उजागर करने के अवसरों पर चर्चा की गई। बैठक का मकसद तिब्बत पर अंतरराष्ट्रीय जागरूकता बढ़ाना था।

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