फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   With deadline looming, Pakistan finalises plan for repatriation of thousands of illegal immigrants

Pakistan: पाकिस्तान ने अवैध अप्रवासियों को वापस भेजने की योजना को दिया अंतिम रूप, कई जगह बनाए 'होल्डिंग सेंटर'

Thu, 26 Oct 2023 10:27 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 26 Oct 2023 10:27 PM IST
सार

Pakistan: पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को कहा कि उसने देश भर में 'होल्डिंग सेंटर' स्थापित किए हैं और 31 अक्तूबर की समय सीमा तक अनुमानित 17 लाख अफगानों सहित अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने की योजना को अंतिम रूप दिया है।

विज्ञापन
With deadline looming, Pakistan finalises plan for repatriation of thousands of illegal immigrants
पाकिस्तान में अफगान शरणार्थी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को कहा कि उसने देश भर में 'होल्डिंग सेंटर' स्थापित किए हैं और 31 अक्तूबर की समय सीमा तक अनुमानित 17 लाख अफगानों सहित अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने की योजना को अंतिम रूप दिया है।

विज्ञापन

 

इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान ने 17 लाख अफगान नागरिकों सहित सभी बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों को समय सीमा तक देश को छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था और कहा था कि ऐसा न करने पर उन्हें कारावास और निर्वासन का जोखिम उठाना पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि निर्वासन की घोषणा अफगानों तक ही सीमित नहीं है और सभी अवैध प्रवासियों पर लागू होती है, कार्यवाहक गृह मंत्री सरफराज बुगती ने गुरुवार को उन्हें दोषी ठहराया। 'द न्यूज इंटरनेशनल' ने बुगती के हवाले से कहा कि इस साल देश में हुए 24 आत्मघाती बम विस्फोटों में से 14 के लिए अवैध अफगान नागरिक जिम्मेदार थे। पाकिस्तान के लोगों की सुरक्षा सरकार की मुख्य जिम्मेदारी और सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

विज्ञापन

डॉन न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 'पाकिस्तान में रह रहे अवैध प्रवासियों से स्वेच्छा से अपने देश लौटने का आग्रह करते हुए बुगती ने कहा कि सरकार ने ऐसे लोगों को वापस भेजने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है।' यह कहते हुए कि समय सीमा नजदीक आने के साथ 'कोई समझौता नहीं किया जाएगा', बुगती ने कहा, 'अवैध प्रवासियों को रखने के लिए देशभर के विभिन्न शहरों में केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि स्वेच्छा से छोड़ने वालों को पाकिस्तान छोड़ने में मदद की जाएगी।'

'द इंटरनेशनल न्यूज' ने बुगती के हवाले से कहा, 'यह एक चुनौतीपूर्ण काम है लेकिन पाकिस्तान सभी अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।' कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकर की अध्यक्षता वाली शीर्ष समिति की बैठक में सभी अवैध प्रवासियों को निष्कासित करने का फैसला किया गया। समिति ने यह भी फैसला किया कि सीमा पार आवाजाही पासपोर्ट और वीजा के अधीन होगी, जबकि इलेक्ट्रॉनिक अफगान पहचान पत्र (या ई-तज़किरा) केवल 31 अक्तूबर तक स्वीकार किए जाएंगे।

डॉन ने बुगती के हवाले से यह भी कहा कि प्रांतों के साथ-साथ इस्लामाबाद, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में 'होल्डिंग सेंटर' बनाए गए हैं और अवैध प्रवासियों को चिकित्सा सुविधाएं और भोजन प्रदान किया जाएगा। बुगती ने यह भी आश्वासन दिया कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ सम्मान के साथ व्यवहार किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इसलिए पहले चरण में हम उन्हें निष्कासित करेंगे। हमने उनके लिए होल्डिंग सेंटर बनाए हैं। उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा और केंद्र से उन्हें पाकिस्तान से बाहर ले जाया जाएगा।'

उन्होंने ऐसे सभी प्रवासियों की वापसी के लिए नियम और शर्तों की भी घोषणा की और कहा कि राज्य ने 'जियो-फेंसिंग' की है और उन क्षेत्रों की पहचान की है जहां अवैध अप्रवासी रह रहे हैं। बुगती ने कहा कि अफगान नागरिकों सहित अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी, जिन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और उनके मूल देशों में निर्वासित कर दिया जाएगा। 
 

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान में कम से कम 42 लाख अफगान लोग रह रहे हैं, जिनमें से कम से कम 30 लाख बिना किसी कानूनी दस्तावेज के अवैध रूप से रह रहे हैं।' पाकिस्तान पिछले चार दशकों से अफगान शरणार्थियों की मेजबानी कर रहा है, जब 1979-1989 के सोवियत कब्जे के दौरान लाखों लोग अफगानिस्तान से भाग गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed