फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Will there be a house on Moon and Mars?: Scientists predict efficiency of oxygen-evolving electrolysis in new study

चांद व मंगल पर होगा घर?: दोनों ग्रहों पर ऑक्सीजन विकसित करने की तैयारी,  वैज्ञानिकों ने की भविष्यवाणी

Sat, 12 Feb 2022 01:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी एएनआई, मैनचेस्टर
एएनआई, मैनचेस्टर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 12 Feb 2022 01:57 PM IST
सार

इस अध्ययन में यह जानने का प्रयास किया गया है कि जीवनदायिनी ऑक्सीजन पैदा करने वाली इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया कम गुरुत्वाकर्षण वाले स्थानों पर कैसे काम करती है? 

विज्ञापन
Will there be a house on Moon and Mars?: Scientists predict efficiency of oxygen-evolving electrolysis in new study
moon - फोटो : Pixabay

विस्तार

अक्सर सवाल उठता है कि सिर्फ धरती पर ही जीव रह सकेंगे या किसी दूसरे ग्रह या उपग्रह पर भी जीवन बसाया जा सकता है? जीवन के विकास और अस्तित्व के लिए कौन सी परिस्थितियां उपयुक्त हैं? क्या चंद्रमा या मंगल पर 'घर' बसाया जा सकेगा? वैज्ञानिकों ने एक ताजा अध्ययन में इन ग्रहों पर प्राणु वायु ऑक्सीजन पैदा करने का तरीका ढूंढा है। इसके दम पर कहा जा सकता है कि भविष्य में धरती के अलावा दूसरे ग्रहों-उपग्रहों पर भी जीवन बसाया जा सकता है। 

विज्ञापन

'नेचर कम्युनिकेशन' में ब्रिटेन के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय और ग्लासगो विश्वविद्यालय के शोध पर रिपोर्ट आई है। इस अध्ययन में यह जानने का प्रयास किया गया है कि जीवनदायिनी ऑक्सीजन पैदा करने वाली इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया कम गुरुत्वाकर्षण वाले स्थानों पर कैसे काम करती है? 
विज्ञापन

ऑक्सीजन का भरोसेमंद स्रोत तैयार करने से इंसान को पृथ्वी से दूर रहने व 'चांद पर घर' स्थापित करने में मदद मिल सकती है। चांद पर पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति का 1/6 और मंगल पर 1/3 वां हिस्सा है। इस कारण इलेक्ट्रोलिसिस के जरिए गैस पैदा करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हालांकि पृथ्वी की तुलना में यह कितना प्रभावित हो सकता है, इसे लेकर अभी कोई अध्ययन नहीं किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

गुरुत्वाकर्षण कम होने के कारण इलेक्ट्रोलिसिस क्षमता प्रभावित हो सकती है और इलेक्ट्रोड की सतह पर बुलबुले चिपके रह सकते हैं। उन्हें गैस में परिवर्तित होने में बाधा हो सकती है। इस प्रोजेक्ट के अग्रणी इंजीनियर गंटर जस्ट ने कहा है कि हमने एक छोटा सेंट्रीफ्यूज तैयार किया है। यह चांद व मंगल के उचित गुरुत्वाकर्षण स्तर बना सकता है। 


क्या है इलेक्ट्रोलिसिस
यह एक लोकप्रिय विद्युत अपघटन (Electrolysis) प्रक्रिया है। इसमें एक रासायनिक सिस्टम के जरिए बिजली प्रवाहित की जाती है। इसके  जरिए चांद की चट्टानों से ऑक्सीजन निकाली जा सकती है या पानी को ऑक्सीजन व हाइड्रोजन में विभक्त किया जा सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed