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Pager Blasts: मोबाइल छोड़ पेजर का इस्तेमाल क्यों कर रहा था हिजबुल्ला, महीनों पहले इसमें विस्फोटक कैसे लगाए गए?

Wed, 18 Sep 2024 03:34 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Wed, 18 Sep 2024 03:34 PM IST
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सार
Pager Blasts: लेबनान में हुए पेजर हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए और करीब 3000 लोग घायल हो गए। दरअसल, हैकिंग से बचने के लिए हिजबुल्ला के लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ये पेजर के जरिए आपस में संवाद करते हैं, जिसमें सीरियल धमाके हुए।
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Why was Hezbollah using pagers and how did explosives placed in devices
लेबनान में सीरियल पेजर धमाके - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

मंगलवार को लेबनान में कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। लेबनान में सीरियल पेजर धमाके हुए हैं जिसमें तीन हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं और कई लोगों की जान चली गई है। घायलों में सशस्त्र समूह हिजबुल्ला के सदस्य और डॉक्टर शामिल थे। हमलों से ज्यादा चर्चा इसमें इस्तेमाल पेजर तकनीक की हो रही है। मोबाइल आने से पहले पेजर का इस्तेमाल संचार के माध्यम के रूप में किया जाता था। हालांकि, इस्राइल से जारी संघर्ष के बीच हाल के दिनों में हिजबुल्ला के सदस्यों ने इसे अपनाया। दावा किया गया है कि इस हमले के पीछे इस्राइल का हाथ था, जो इसकी खुफिया सेवा मोसाद और सेना के बीच एक साझा अभियान था। लेबनानी सरकार ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे 'आपराधिक इस्राइली आक्रमण' बताया।


आइये जानते हैं पेजर हमले और इससे जुड़े तमाम सवालों के बारे में....



 

विस्फोट कब और कहां हुए?
पेजर हमले में देश के कई क्षेत्र प्रभावित हुए। हमले में विशेषकर बेरूत के दक्षिणी उपनगर को निशाना बनाया गया जो एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है और हिजबुल्ला का गढ़ माना जाता है। धमाकों के बाद सड़क पर दुकानदार और पैदल चल रहे लोग गिर गए। हमले कम से कम नौ लोग मारे गए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था और करीब 3000 लोग घायल हो गए। धमाकों से लेबनान के अस्पतालों में अफरा-तफरी मच गई।

विस्फोट दोपहर लगभग 3:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों दहिए और पूर्वी बेका घाटी में शुरू हुए। ये विस्फोट कुछ सेकंड या मिनट तक नहीं बल्कि लगभग एक घंटे तक होते रहे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने प्रत्यक्षदर्शियों और दहिए के निवासियों ने हवाले से बताया कि उन्होंने शाम 4:30 बजे तक भी विस्फोटों की आवाज सुनी।

बताया गया कुछ विस्फोट पेजर बजने के बाद हुए। जैसे ही पेजर बजे तो हिज्बुल्ला के लड़ाकों ने स्क्रीन देखने के लिए अपने हाथ पेजर पर रखे या उन्हें अपने चेहरे के पास लाया। इसी दौरान पेजर फट गए।

लेबनान में हिज्बुल्ला पर हमला।
लेबनान में हिज्बुल्ला पर हमला। - फोटो : अमर उजाला
विस्फोट कितने तेज थे?
रॉयटर्स के अनुसार, लेबनान में हुए ये विस्फोट अपेक्षाकृत सीमित थे। धमाकों की जद में कई सुपरमार्केट भी आये। घटना के बाद सुपरमार्केट के दो सीसीटीवी वीडियो आये जिसमें देखा जा सकता है कि विस्फोटों से केवल पेजर पहने या उसके सबसे नजदीक बैठे व्यक्ति को ही चोट लगी।

घटना के बाद कुछ तस्वीरें अस्पतालों से भी सामने आईं जिसमें देखा जा सकता है कि लोगों के चेहरे पर चोटें हैं, उंगलियां गायब थीं और कूल्हे पर गहरे घाव दिखाई दे रहे थे, जहां संभवतः पेजर पहना गया था। विस्फोटों से इमारतों को कोई बड़ी नहीं नुकसान हुआ और न ही कोई आग लगी।

मोसाद ने की थी हमले की बड़ी तैयारी
मोसाद ने की थी हमले की बड़ी तैयारी - फोटो : अमर उजाला
हिजबुल्ला पेजर का इस्तेमाल क्यों कर रहा था?
लेबनानी संगठन हिजबुल्ला काफी लंबे समय से गोपनीयता को बतौर अपनी सैन्य रणनीति इस्तेमाल कर रहा है। इसी रणनीति के तहत इस्राइली और अमेरिकी जासूसी सॉफ्टवेयरों की हैकिंग से बचने के लिए हिजबुल्ला के लोग उच्च तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। हिजबुल्ला के लोग आंतरिक संचार नेटवर्क के जरिए आपस में संवाद करते हैं।

इस साल की शुरुआत में हिजबुल्ला ने दक्षिणी लेबनान में अपने सदस्यों और उनके परिवारों से अपने मोबाइल फोन बंद करने को कहा था। दक्षिणी लेबनान में ही सीमा पार इस्राइली सेना के साथ लड़ाई चल रही है। हिजबुल्ला का मानना था कि इस्राइल उन उपकरणों के जरिए उसके नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रख सकता है।

फरवरी में हिजबुल्ला के एक नेता ने कहा, 'फोन को बंद कर दो, इसे दफना दो, इसे लोहे की पेटी में बंद कर दो और ताला लगा दो। आपके और आपकी पत्नी और आपके बच्चों के हाथों में मौजूद सेल फोन हत्यारा है।'

पूर्व इस्राइली खुफिया अधिकारी एवी मेलमेड के अनुसार, पेजर से हिजबुल्ला के सदस्य एक दूसरे से उन फोन लाइनों के जरिए संपर्क कर सकते थे। लेकिन यह विकल्प भी जोखिम से खाली नहीं था। मेलमेड ने कहा कि हिजबुल्ला ने इन उपकरणों का इस्तेमाल वापस इसलिए किया क्योंकि उसे लगा कि ये उसके लड़ाकों के लिए फोन के बजाय ज्यादा सुरक्षित होंगे, क्योंकि फोन को जीपीएस से निशाना बनाया जा सकता है।

पेजर कैसे फटा?
रॉयटर्स के मुताबिक एक वरिष्ठ लेबनानी सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि इस्राइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने मंगलवार के विस्फोटों से महीनों पहले हिजबुल्ला द्वारा ऑर्डर किए गए 5,000 ताइवान निर्मित पेजर्स के अंदर हल्के विस्फोटक लगाए थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये पेजर इस्राइल ने ताइवान की गोल्ड अपोलो कंपनी से मंगाए थे और उन्हें हिजबुल्ला के लिए भेजा जाना था। इसमें एक स्विच भी लगाया गया था ताकि दूर से ही विस्फोट किया जा सके। लेबनान से सामने आई तस्वीरों में गोल्ड अपोलो के पेजर क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहे हैं। सीएनएन ने बताया कि तस्वीरों में दिखाया गया कम से कम एक पेजर गोल्ड अपोलो AR924 मॉडल का था। इस बीच, गोल्ड अपोलो के संस्थापक ने कहा कि कंपनी ने लेबनान में हुए विस्फोटों में इस्तेमाल किए गए पेजर नहीं बनाए थे।

ताइवान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि गोल्ड अपोलो ने जनवरी 2022 और अगस्त 2024 के बीच ताइवान से लगभग 2.60 लाख पेजर भेजे। लेकिन लेबनान में उपकरण भेजे जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

पेजर्स में विस्फोट क्यों हुआ, इसकी क्या वजह?
ये विस्फोट संभवतः उपकरणों में लगी बैटरियों के ज्यादा गर्म हो जाने के कारण हुए होंगे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस्राइल ने लेबनान में भेजे जाने से पहले पेजर के एक बैच में विस्फोटक सामग्री छिपाई थी। विशेषज्ञों ने इस बात पर संदेह जताया है कि अकेले बैटरी ही विस्फोटों के लिए पर्याप्त होगी। न्यूकैसल विश्वविद्यालय में लिथियम आयन बैटरी सुरक्षा के विशेषज्ञ पॉल क्रिस्टेंसन ने रॉयटर्स से कहा कि यह नुकसान ऐसी बैटरियों के पिछले मामलों से अलग है। क्रिस्टेंसन ने कहा कि अपेक्षाकृत छोटी बैटरी में आग लग जाती है।

टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर ओफोडीके एजेकोये ने रॉयटर्स से  कहा कि आमतौर पर केवल पूरी तरह से चार्ज बैटरी ही आग पकड़ सकती है या फट सकती है। यदि बैटरी 50% से कम चार्ज है तो ऐसी स्थिति में इससे गैस और वाष्प निकलता है, लेकिन आग या विस्फोट नहीं होगा। प्रोफेसर एजेकोये ने कहा कि यह असंभव है कि जिन लोगों का पेजर खराब हुआ है, उनमें से सभी के पास पूरी तरह से चार्ज बैटरी हो।

रॉयटर्स ने 2018 की किताब 'राइज एंड किल फर्स्ट' के हवाले से बताया कि इस्राइली खुफिया बलों ने पहले भी दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए निजी फोन में विस्फोटक रखे हैं। हैकर्स निजी डिवाइस में गलत कोड डालते रहे हैं, जिससे वे ज्यादा गर्म हो जाते हैं और कई बार फट जाते हैं।
 

विस्फोटों पर लेबनान ने क्या कहा?
लेबनान के विदेश मंत्रालय ने विस्फोटों को इस्राइली साइबर हमला करार दिया। हालांकि, इसका विवरण नहीं दिया। लेबनान के सूचना मंत्री ने कहा कि यह हमला लेबनान की संप्रभुता पर हमला है। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका जानकारी जुटा रहा है।   
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