फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Why the fuss over the Pope amid the war?: Trump refuses to apologize, Iranian parliament speaker praises

जंग के बीच पोप पर रार क्यों?: ट्रंप ने माफी मांगने से किया इनकार, ईरानी संसद के स्पीकर ने साहस की सराहना की

Tue, 14 Apr 2026 09:47 AM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Riya Dubey Updated Tue, 14 Apr 2026 09:47 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पोप से माफी मांगने से इनकार करते हुए उन्हें अपराध और विदेश नीति के मुद्दों पर कमजोर बताया। वहीं, पोप लियो XIV ने सीधे टकराव से बचते हुए स्पष्ट किया कि वह राजनेता नहीं हैं। इसी बीच ईरान ने पोप के युद्ध-विरोधी रुख की सराहना करते हुए उसे निर्दोषों के पक्ष में एक निडर और नैतिक आवाज बताया।

विज्ञापन
Why the fuss over the Pope amid the war?: Trump refuses to apologize, Iranian parliament speaker praises
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पोप लियो XIV के बीच तीखी बयानबाजी ने अमेरिका और वेटिकन के रिश्तों में असामान्य तनाव पैदा कर दिया है। ट्रंप ने सोमवार को साफ तौर पर कहा कि वह पोप से माफी नहीं मांगेंगे और उनके विचारों को गलत बताया।
विज्ञापन

मैं पोप लियो से माफी नहीं मांगूंगा- ट्रंप

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि मैं पोप लियो से माफी नहीं मांगूंगा। वह अपराध और कई मुद्दों पर बहुत कमजोर हैं। उन्होंने ईरान के मुद्दे पर भी पोप की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने दिया जा सकता।
विज्ञापन


यह विवाद तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लंबा पोस्ट लिखकर पोप लियो XIV पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अगर वह राष्ट्रपति नहीं बने होते तो पोप की नियुक्ति ही नहीं होती। ट्रंप ने पोप को अपराध पर कमजोर और विदेश नीति के लिए खराब बताते हुए उनकी शांति और संवाद की अपीलों की आलोचना की।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रंप ने अपने प्रशासन का बचाव कैसे किया?

ट्रंप ने अपने प्रशासन की उपलब्धियों का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका में अपराध दर कम हुई है और आर्थिक स्थिति बेहतर है। उन्होंने पोप को सलाह दी कि वह एक महान पोप बनने पर ध्यान दें, न कि राजनीति में हस्तक्षेप करें।

पोप लियो ने इस विवाद से बचने का संकेत दिया

दूसरी ओर, पोप लियो XIV ने इस विवाद में सीधे टकराव से बचने का संकेत दिया। अल्जीरिया की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं राजनेता नहीं हूं और डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहस में पड़ने का मेरा कोई इरादा नहीं है।

पोप ने शांति और संवाद पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया को युद्ध से दूर रहना चाहिए और वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

ईरान ने की पोप की सराहना

इस बीच ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने पोप लियो के युद्ध और हिंसा के खिलाफ दिए गए बयानों की सराहना की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कालिबाफ ने पोप के रुख को निडर और नैतिक आवाज बताया। उन्होंने लिखा, मुझे कोई डर नहीं है का संदेश उन सभी के लिए प्रेरणा है जो निर्दोष लोगों की हत्या के खिलाफ आवाज उठाते हैं।




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed