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WHO: भविष्य में महामारी पैदा करने वाले 'पैथोजन्स' की पहचान में जुटा डब्ल्यूएचओ, वैज्ञानिकों ने संभाला मोर्चा

Tue, 22 Nov 2022 10:04 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 22 Nov 2022 10:04 AM IST
सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) ने भविष्य में महामारी को जन्म देने वाले  'पैथोजन्स' की पहचान करेगी और उसकी सूची बनाएगी ताकि उसके निवारण पर काम किया जा सका।

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WHO To Identify Pathogens That Cause Future Outbreaks And Pandemics News In Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

बीते दो सालों में कोरोना महामारी के अलावा मंकीपॉक्स, निपाह और जीका जैसे कई खतरनाक वायरस ने लाखों लोगों की जिंदगी छीन ली है। कई लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में अब आने वाले खतरे को टालने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) एक नए मिशन पर जुट गया है। इसके तहत स्वास्थ्य एजेंसी भविष्य में महामारी को जन्म देने वाले  'पैथोजन्स' की पहचान करेगी और उसकी सूची बनाएगी ताकि उसके निवारण पर काम किया जा सकेगा। 

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सबसे पहले जानते हैं Pathogens क्या हैं?
Pathogens का मतलब रोगजनक होता है यानी रोग को जन्म देने वाला जिनके कारण कई तरह की बीमारियों का जन्म होता है। इसमें विषाणु, जीवाणु, कवक, परजीवी आदि आते हैं। ये किसी भी जीव, पेड़-पौधे या अन्य सूक्ष्म जीवों को बीमार कर सकते हैं। मानव में जीवों के कारण होने वाले रोग को भी रोगजनक रोगों के रूप में जाना जाता है।
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मिशन को कामयाब बनाने 300 से अधिक वैज्ञानिकों को लगाया गया
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य वैश्विक अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) और निवेश पर फोकस करने साथ टीकों, परीक्षणों और उपचारों को निर्देशित करने वाली सूची को अद्यतन करना है। WHO ने 25 से अधिक वायरस परिवारों और जीवाणुओं के सबूतों पर विचार करने के लिए 300 से अधिक वैज्ञानिकों को  मोर्चा पर लगा दिया है।
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Disease X पर भी विचार करेंगे वैज्ञानिक
सभी वैज्ञानिक तथाकथित 'बीमारी एक्स'( Disease X) पर भी विचार करेंगे - एक अज्ञात रोगजनक जो एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय महामारी का कारण बन सकता है। डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन निदेशक माइकल रेयान ने कहा कि तेजी से फैलने वाली महामारी और उसकी प्रतिक्रिया को जानने के लिए  प्राथमिक रोगजनकों और उसके वायरस परिवारों को लक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोविड -19 महामारी से पहले महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास निवेश के बिना, रिकॉर्ड समय में सुरक्षित और प्रभावी टीके विकसित करना संभव नहीं होता। सूची पहली बार 2017 में प्रकाशित हुई थी।


ये महामारी भी वैज्ञानिकों की सूची में 
वैज्ञानिकों की सूची में  कोविड -19, इबोला वायरस रोग, मारबर्ग वायरस रोग, लस्सा बुखार, मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS),गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (SARS),निपाह, जीका और रोग X भी शामिल हैं। प्राथमिकता के रूप में पहचाने गए प्रत्येक रोगजनक पर शोध शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद ही टीकों, उपचारों और नैदानिक परीक्षणों के लिए वांछित विशिष्टताओं को तैयार किया जा सकता है। संशोधित सूची अप्रैल 2023 से पहले प्रकाशित होने की उम्मीद है।

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