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अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी युद्ध से किसे है सबसे ज्यादा डर?
Fri, 19 Jun 2020 05:44 AM IST
श्रीधर मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ग्वांगझू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ग्वांगझू
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Fri, 19 Jun 2020 05:44 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : Social Media
कोरोना वायरस ने पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था में सप्लाई चेन और मांग को बाधित किया है। लेकिन चीन में यूरोपीय चैंबर के प्रमुख को अमेरिका-चीन के बीच तकनीकी युद्ध के कारण यूरोप पर पड़ने वाले असर की ज्यादा चिंता है। ईयू चैंबर प्रमुख जर्ग वुट्टके ने बृहस्पतिवार को कहा, जब दो हाथी नाचते हैं तो चोट नहीं खाना और किसी एक का पक्ष लेना बेहद मुश्किल होता है। जर्ग चीन में जर्मनी की दिग्गज पेट्रोकेमिकल कंपनी बीएएसएफ के मुख्य प्रतिनिधि भी हैं।
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वैश्विक स्तर पर 83 लाख लोगों को संक्रमित करने से पहले दिसंबर में वुहान शहर में कहर बरपाने वाले कोरोना वायरस संक्रमण से चीन ने उबरना चालू कर दिया है। हालांकि बीजिंग में पिछले सप्ताह महामारी की दूसरी लहर के उभरने का खतरा पैदा हुआ था, लेकिन जर्ग इससे इतने चिंतित नहीं हैं। बीजिंग में अपने घर से वीडियो लिंक के जरिये बातचीत में उन्होंने कहा, "कोरोना वायरस महज एक चुनौती है, जिससे मैं निपट सकता हूं।" उन्होंने अपनी चिंता का खुलासा करते हुए कहा, "वायरस के कारण फैली अनिश्चितता के चलते यूरोपीय कंपनियां फिलहाल अंधेरे में सफर कर रही हैं।" जर्ग को खुद भी ग्वांगझू में चैंबर के दक्षिण चीन चैप्टर के कांफिडेंस सर्वे के लांच में शामिल होना था, लेकिन राजधानी बीजिंग में कोरोना वायसर का असर दोबारा चालू होने से उन्होंने ग्वांगझू जाने का प्रोग्राम कैंसिल कर दिया।
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कोरोना वायरस के कारण बने इस माहौल के बावजूद जर्ग अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापारिक युद्ध के असर को लंबे समय के खतरे के तौर पर देख रहे हैं। उन्होंने कहा, "जब यह (खतरा) अमेरिका-चीन ट्रेड वार, अब चालू हो रही टेक वार और वित्त युद्ध की संभावना के तौर पर सामने आता है तो इसके ज्यादा लंबे समय तक चलने, ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला और ज्यादा अनिश्चितता फैलाने वाला साबित हो सकता है। उन्होंने कहा, हमें भी चीनी की तरह ही अमेरिकी सेमीकंडक्टरों पर पूरा भरोसा है। हमारे पास यहां (चीन में) भी बड़ा बाजार है। उन्होंने कहा, बेशक चिंता की बात यह है कि यदि अमेरिका या चीन हमारी तरफ पलटें और कहें कि कृपया आप यह चुन लें कि हमारे साथ आएंगे या हमारे विरोध में खड़े होंगे?
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बता दें कि अमेरिका ने चीन की हुआवे टेकनोलॉजी कंपनी लिमिटेड को मई 2019 में अपनी व्यापारिक काली सूची में शामिल कर दिया था। अमेरिका ने यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया था। बुधवार को अमेरिकी वाणिज्य मंत्री विल्बर रोस ने कहा था कि ये चिंताएं अब भी बरकरार हैं। खासतौर पर 5जी नेटवर्क के मामले में ये चिंताएं बहुत ज्यादा हैं। अमेरिका के इस कदम के चलते हुआवे के विश्व की सबसे बड़े टेलिकॉम नेटवर्क उपकरण निर्माता कंपनी के साथ कोई भी बिजनेस करना वहां की कंपनियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके चलते विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच ट्रेड वार छिड़ गई थी। यही बात जर्ग वुट्टके की चिंता का कारण है।