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Bilawal Bhutto: नाना-मां के पदचिह्नों पर चल रहे बिलावल, भारत विरोधी बयानबाजी के आदी, जानें इनके बारे में सबकुछ

Sat, 17 Dec 2022 09:59 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 17 Dec 2022 09:59 AM IST
सार

दरअसल, पाक विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो यूएन में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान से बुरी तरह भड़के हुए है। जयशंकर के अनुसार हिलेरी क्लिंटन ने अपने भाषण में कहा था कि आप अपने घर के पिछले हिस्से में सिर्फ यह सोचकर सांप नहीं पाल सकते कि वे सिर्फ आपके पड़ोसी को काटेंगे।

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बिलावल भुट्टो- पीएम मोदी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर फिर सुर्खियों में आए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भारत विरोधी बयानों के आदी हैं। वे पाकिस्तान के दिवंगत पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो के नाती और दिवंगत पीएम बेनजीर भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के पुत्र हैं। वे मात्र 18 साल की उम्र में भुट्टो जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पीपीपी के अध्यक्ष बन गए थे। वर्तमान में बिलावल शाहबाज शरीफ सरकार के विदेश मंत्री हैं। 

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21 सितंबर 1988 में कराची में जन्मे बिलावल भुट्टो 2018 में पहली बार पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के लिए चुने गए थे। बिलावल की स्कूली शिक्षा पाकिस्तान के फ्रोबेल इंटरनेशनल स्कूल में हुई। कॉलेज की पढ़ाई उन्होंने लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में की। उन्होंने 2012 में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उन्हें मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री मिली। 
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बिलावल 2007 में मात्र 19 साल की उम्र में पीपीपी के अध्यक्ष चुने गए थे। 2018 के आम चुनाव में पीपीपी सिंध की सबसे बड़ी पार्टी और पाकिस्तान की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। उन्होंने कराची जिले, दक्षिण, मलकंद और लरकाना निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा। जरदारी लरकाना में जीते, लेकिन अन्य दो सीटों से पीटीआई के अध्यक्ष व पूर्व पीएम इमरान खान से हार गए थे। बिलावल अगस्त 2018 में पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य बने थे। 
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जयशंकर के सांप वाले बयान से भड़के बिलावल
दरअसल, पाक विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो यूएन में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान से बुरी तरह भड़के हुए है। इसके जवाब में उन्होंने पीएम मोदी व जयशंकर के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर अपनी घटिया सियासत का परिचय दिया। जयशंकर ने यूएन में कहा था, 'पाकिस्तान को पूरी दुनिया आतंकवाद के केंद्र के रूप में जानती है। मुझे करीब एक दशक पुराना वाकया याद आ रहा है, जब तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पाकिस्तान के दौरे पर थीं। उस वक्त हिलेरी क्लिंटन ने अपने भाषण में कहा था कि आप अपने घर के पिछले हिस्से में सिर्फ यह सोचकर सांप नहीं पाल सकते कि वे सिर्फ आपके पड़ोसी को काटेंगे, वे उन लोगों को भी काटेंगे, जो उन्हें पाल रहे हैं।'

भारत ने पाक विदेश मंत्री को जमकर लताड़ा
बिलावल के बयान के बाद भारत ने उन्हें जमकर लताड़ा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'हमने संयुक्त राष्ट्र में 26/11 मुंबई हमले में पाकिस्तान के हाथ का खुलासा किया है, इससे बिलावल बौखला गए हैं। मुंबई हमले में कई लोगों की जान बचाने वाली स्टाफ नर्स अंजली कुलथे और विदेश मंत्री एस जयशंकर के तीखे हमले के बाद पाकिस्तान परेशान है। आतंकी हाफिज सईद और लखवी अब तक पाकिस्तान में आजाद घूम रहे हैं, पाकिस्तान मुंबई हमले के मामले में अब तक कुछ भी नहीं कर पाया है, इसीलिए बौखलाहट में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने पीएम मोदी व जयशंकर के खिलाफ अभद्र बयान दिया है। 

कश्मीर पर जहर उगलते रहे हैं बिलावल
पाकिस्तान के नेताओं और मौजूदा विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी का कश्मीर राग दशकों पुराना है। दरअसल, कश्मीर हासिल करने की  कभी पूरी नहीं होने वाली हसरत उन्हें भारत व उसके नेताओं के खिलाफ उग्र बयान और आतंकवाद को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित करती है। बिलावल भुट्टो ने इसी साल मई में संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगला था। भारत के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा था कि कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर भारत ने बहुत बड़ी गलती की है और संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का उल्लंघन किया है। भारत ने कश्मीरी लोगों का उत्पीड़न किया है और निर्दोष लोगों के खिलाफ अत्याचार किया है। बिलावल ने कहा कि पांच अगस्त 2019 के भारत सरकार के फैसले संयुक्त राष्ट्र के कानून का घोर उल्लंघन था। भारत द्वारा कश्मीर को लेकर परिसीमन आयोग की सिफारिशों जैसे कदम सिर्फ कश्मीर के लोगों पर ही नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, उसकी प्रस्तावना और चौथे जिनेवा कन्वेंशन पर भी हमला है।


कश्मीर हमारा था, है और रहेगा : भारत
बिलावल के बयान का संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर राजेश परिहार ने करार जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और रहेंगे। इसमें वे इलाके भी शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। किसी भी देश की ओर से कोई भी बयानबाजी और दुष्प्रचार इस तथ्य को नकार नहीं सकती। 

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