डब्ल्यूएचओ ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता, डेक्सामेथासोन दवा को लेकर कही ये बात
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा है कि रविवार को दुनियाभर में कोरोना वायरस के एक लाख 83 हजार मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि यह संख्या अब तक एक दिन में सामने आने वाले मामलों में सबसे ज्यादा है।
टेड्रोस ने कहा, अभी तक डब्ल्यूएचओ के पास आठ लाख 80 हजार से ज्यादा कोरोना मामले आ चुके हैं और चार लाख 65 हजार से ज्यादा लोगों की इस महामारी के चलते मौत हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ देशों में कोरोना के मामलों और इससे होने वाली मौत में तेज वृद्धि देखी गई है।
More than 8.8 million #COVID19 cases have now been reported to WHO, and more than 465,000 people have lost their lives. Some countries are continuing to see a rapid increase in cases and deaths: Tedros Adhanom Ghebreyesus, Director-General of WHO https://t.co/LR5UT51wru
— ANI (@ANI) June 22, 2020
उन्होंने कहा, डब्ल्यूएचओ इस बात पर जोर देता है कि डेक्सामेथासोन दवा का उपयोग क्लिनिकल पर्यवेक्षण के तहत केवल कोरोना के गंभीर रोगियों के लिए किया जाना चाहिए। इस बात का कोई सबूत नहीं कि यह दवा हल्के लक्षण वाले रोगियों के लिए निवारक उपाय के रूप में काम करती है। इससे नुकसान हो सकता है।
WHO emphasizes that dexamethasone should only be used for patients with severe or critical #COVID19 under close clinical supervision. No evidence this drug works for patients with mild disease or as a preventive measure, and it could cause harm: Director-General of WHO (file pic) pic.twitter.com/nQGzImjY3s
— ANI (@ANI) June 22, 2020
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने एक रिसर्च में इस बात की पुष्टि की है कि डेक्सामेथासोन नाजुक हालत में पहुंचे कोरोना के मरीजों में मौत का खतरा 35 फीसदी तक कम करती है। भारत में भी कोरोना मरीजों पर इस दवा का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह दवा सस्ती भी है और आसानी से उपलब्ध भी है।