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B-2 Bomber: क्या है बी-2 स्टील्थ बॉम्बर? जिससे अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया हमला, जानिए सबकुछ
Sun, 22 Jun 2025 12:22 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 22 Jun 2025 12:22 PM IST
सार
B2 Stealth Bomber: अमेरिका ने बी-2 स्टील्थ बॉम्बर विमान से ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया। इस हमले में बंकर बस्टर बमों का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकाने भी तबाह होने का दावा किया जा रहा है। आइए जानते हैं कि क्या है बी-2 स्टील्थ बॉम्बर और क्यों हे ये बेहद खास....
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बी-2 स्टील्थ बॉम्बर
- फोटो : नॉर्थरोप ग्रूमन वेबसाइट
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विस्तार
कई दिनों से इस बात की चर्चा थी कि क्या अमेरिका ईरान-इस्राइल संघर्ष में शामिल होगा या नहीं। देर रात ये आशंका भी सच साबित हुई और अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका के इस कदम से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मे बताया कि ईरान के परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हमले के लिए बी-2 स्टील्थ बॉम्बर का इस्तेमाल किया गया। ट्रंप ने बताया कि फोर्डो पर हमले के लिए छह बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे फोर्डो में मौजूद ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकाने को तबाह किया गया। वहीं नतांज और इस्फहान पर हमले के लिए 30 टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
क्या है बी-2 स्टील्थ बॉम्बर
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर अमेरिकी वायुसेना में अपनी तरह का खास हथियार है, जो तीन दशकों से अमेरिकी स्टील्थ तकनीक की रीढ़ रहा है। 1989 में अपनी पहली उड़ान के बाद से यह विमान दुनिया के सबसे ज्यादा समय तक संचालित होने वाले विमानों में से एक है। बी-2 स्टील्थ बॉम्बर में दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदने की अद्भुत क्षमता है। इसे नॉर्थरोप ग्रूमन नामक कंपनी ने बनाया है।
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बी-2 स्टील्थ बॉम्बर विमान की खासियत ये है कि इसे आसानी से ट्रैक नहीं किया जा सकता। साथ ही यह बेहद उंचाई पर उड़ान भर सकता है, जिससे एयर डिफेंस के लिए भी इसे भेद पाना बेहद मुश्किल है। बी-2 स्टील्थ बॉम्बर पूरी सटीकता से दुश्मन ठिकानों पर हमला कर सकता है। इस अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से डिजाइन किया गया है, जिससे पारंपरिक रडार सिस्टम इसे नहीं पकड़ सकता।
ये भी पढ़ें- Iran-Israel Row: अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु केंद्रों पर किया हमला; ट्रंप ने की पुष्टि
अपनी खास बनावट और फ्लाइंग विंग डिजाइन और बेहद कम इंफ्रारेड के चलते यह सिर्फ 0.001 वर्ग मीटर का रडार क्रॉस सेक्शन बनाता है, जो एक छोटी चिड़िया के बराबर होता है। यही वजह है कि जब दुश्मन के इलाके में घुसकर उसके ठिकानों पर पूरी सटीकता से हमला करना हो तो उस स्थिति में बी-2 स्टील्थ बॉम्बर का कोई मुकाबला नहीं है। यह एक बार में 6 हजार नॉटिकल मील की की दूरी तय कर सकता है। यह भारी भरकम हथियारों को ले जाने में सक्षम है।
ईरान पर हमले के लिए क्यों किया गया बी-2 स्टील्थ बॉम्बर का इस्तेमाल
ईरान के परमाणु ठिकानों पर इस्राइल ने हमले किए थे, लेकिन ईरान के परमाणु ठिकाने भूमिगत हैं, जिससे इस्राइली हमलों में उन्हें खास नुकसान नहीं हुआ। इस्राइल के पास ऐसे हथियार नहीं हैं, जो भूमिगत ढांचे को तबाह कर सकें। ऐसे में अमेरिका की एंट्री हुई और अमेरिका ने अपने सबसे खास हथियारों में से एक बी-2 स्टील्थ बॉम्बर से 30,000 पाउंड के मैसिव ओर्डिनेंस पेनिट्रेटर या बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जो जमीन के भीतर भी भारी तबाही मचाने की ताकत रखते हैं। फोर्डो में भूमिगत परमाणु ढांचे को तबाह करने के लिए ही बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया।
क्या हैं बंकर बस्टर बम
बंकर बस्टर बेहद ताकतवर विस्फोटक हैं, जो जमीन के काफी अंदर तक मार कर सकते हैं। आम तौर पर इन्हें बंकरों को तबाह करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जीपीएस गाइडेड इन बमों को बेहद सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों को निशाना बनाया जाता है।
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क्या है बी-2 स्टील्थ बॉम्बर
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर अमेरिकी वायुसेना में अपनी तरह का खास हथियार है, जो तीन दशकों से अमेरिकी स्टील्थ तकनीक की रीढ़ रहा है। 1989 में अपनी पहली उड़ान के बाद से यह विमान दुनिया के सबसे ज्यादा समय तक संचालित होने वाले विमानों में से एक है। बी-2 स्टील्थ बॉम्बर में दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदने की अद्भुत क्षमता है। इसे नॉर्थरोप ग्रूमन नामक कंपनी ने बनाया है।
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बी-2 स्टील्थ बॉम्बर विमान की खासियत ये है कि इसे आसानी से ट्रैक नहीं किया जा सकता। साथ ही यह बेहद उंचाई पर उड़ान भर सकता है, जिससे एयर डिफेंस के लिए भी इसे भेद पाना बेहद मुश्किल है। बी-2 स्टील्थ बॉम्बर पूरी सटीकता से दुश्मन ठिकानों पर हमला कर सकता है। इस अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से डिजाइन किया गया है, जिससे पारंपरिक रडार सिस्टम इसे नहीं पकड़ सकता।
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अपनी खास बनावट और फ्लाइंग विंग डिजाइन और बेहद कम इंफ्रारेड के चलते यह सिर्फ 0.001 वर्ग मीटर का रडार क्रॉस सेक्शन बनाता है, जो एक छोटी चिड़िया के बराबर होता है। यही वजह है कि जब दुश्मन के इलाके में घुसकर उसके ठिकानों पर पूरी सटीकता से हमला करना हो तो उस स्थिति में बी-2 स्टील्थ बॉम्बर का कोई मुकाबला नहीं है। यह एक बार में 6 हजार नॉटिकल मील की की दूरी तय कर सकता है। यह भारी भरकम हथियारों को ले जाने में सक्षम है।
ईरान पर हमले के लिए क्यों किया गया बी-2 स्टील्थ बॉम्बर का इस्तेमाल
ईरान के परमाणु ठिकानों पर इस्राइल ने हमले किए थे, लेकिन ईरान के परमाणु ठिकाने भूमिगत हैं, जिससे इस्राइली हमलों में उन्हें खास नुकसान नहीं हुआ। इस्राइल के पास ऐसे हथियार नहीं हैं, जो भूमिगत ढांचे को तबाह कर सकें। ऐसे में अमेरिका की एंट्री हुई और अमेरिका ने अपने सबसे खास हथियारों में से एक बी-2 स्टील्थ बॉम्बर से 30,000 पाउंड के मैसिव ओर्डिनेंस पेनिट्रेटर या बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जो जमीन के भीतर भी भारी तबाही मचाने की ताकत रखते हैं। फोर्डो में भूमिगत परमाणु ढांचे को तबाह करने के लिए ही बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया।
क्या हैं बंकर बस्टर बम
बंकर बस्टर बेहद ताकतवर विस्फोटक हैं, जो जमीन के काफी अंदर तक मार कर सकते हैं। आम तौर पर इन्हें बंकरों को तबाह करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जीपीएस गाइडेड इन बमों को बेहद सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों को निशाना बनाया जाता है।