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पश्चिम एशिया संकट: ईरान युद्ध में कूदे हूती लड़ाके, इस्राइल पर दागी मिसाइलें; जंग और भड़कने का खतरा बढ़ा

Sat, 28 Mar 2026 08:44 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, दुबई/तेहरान/तेल अवीव।
वर्ल्ड डेस्क, दुबई/तेहरान/तेल अवीव। Published by: Nirmal Kant Updated Sat, 28 Mar 2026 08:44 PM IST
सार

पश्चिम एशिया में जारी जंग का और तेज होने का खतरा बढ़ गया है। दरअसल, इस युद्ध में अब हूती लड़ाके भी उतर गए हैं और उन्होंने इस्राइल की ओर मिसाइलें दागी हैं। इससे पहले इस्राइल-हमास युद्ध के दौरान भी हूती लड़ाकों ने लाल सागर में हमले किए थे। पढ़िए रिपोर्ट-

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West Asia houthis entry in iran war fires missiles at Israel; risk of further conflict increases
ईरान में संकट गहराया - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

पश्चिम एशिया में पांचवें हफ्ते में पहुंचे संघर्ष में ईरान समर्थित समूह हूती भी कूद पड़ा है। युद्ध शुरू होने के बाद से पहली बार हूती ने यमन से इस्राइल पर मिसाइलें दागीं, इससे किसी तरह के नुकसान की खबर तो नहीं है, लेकिन युद्ध के और भड़कने का खतरा बढ़ गया है। ईरान ने भी इस्राइल में यरूशलम, तेल अवीव और बीर शेबा में हमले किए और सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 15 सैनिक घायल हुए हैं। पांच की हालत गंभीर है। इस्राइल और अमेरिका ने तेहरान और उत्तर पश्चिमी शहर जंजन पर रातभर बमबारी की और ईरान सरकार से संबंधित बुनियादी ढांचों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर भी हमला किया।
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हूती के ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने शनिवार को विद्रोहियों के अल-मसीरा उपग्रह टेलीविजन स्टेशन पर कहा कि हूतियों ने दक्षिणी इस्राइल में संवेदनशील सैन्य स्थलों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की। इस्राइली सेना ने कहा कि उसने मिसाइलों को रोक दिया। सरी ने शुक्रवार को ही संघर्ष में शामिल होने के संकेत दिए थे। युद्ध में हूती विद्रोहियों के शामिल होने से यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या विद्रोही फिर से लाल सागर गलियारे से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाएंगे, जिससे वैश्विक व्यापार और बाधित होगा। इस्राइल-हमास संघर्ष के दौरान नवंबर 2023 से जनवरी 2025 तक हूती विद्रोहियों ने मिसाइलों और ड्रोन से 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर हमला किया, जिनमें दो जहाज डूब गए और चार नाविक मारे गए थे। हूतियों ने 2014 से यमन की राजधानी सना पर कब्जा कर रखा है। सऊदी अरब ने 2015 में यमन की निर्वासित सरकार की ओर से हूतियों के खिलाफ युद्ध छेड़ा था और सऊदी अरब के साथ अस्थिर युद्धविराम के कारण विद्रोही अब तक हालिया संघर्ष से दूर रहे थे।
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इस्राइल के परमाणु संयंत्र के पास हमला
ईरान और हिजबुल्ला ने शुक्रवार को रातभर इस्राइल के यरूशलम, तेल अवीव और बीर शेबा शहरों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। ईरानी हमलों के बाद बीर शेबा और इस्राइल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास सायरन की आवाजें सुनी गईं। तेल अवीव में धमाकों की आवाज गूंज उठी। इस्राइली अग्निशमन और बचाव सेवा के अनुसार, शहर भर में 11 जगह हमले हुए। ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर छह बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 ड्रोन से हमले किए। इसमें 15 अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की सूचना है, जिनमें से पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमला
ईरान ने बताया कि उसके बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर पर शुक्रवार की रात हवाई हमला हुआ। यह 10 दिनों में तीसरा हमला था, जिससे कोई क्षति नहीं हुई और कोई हताहत नहीं हुआ। संयंत्र में किसी तरह का तकनीकी व्यवधान नहीं हुआ। ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर जंजन में एक अपार्टमेंट पर अमेरिकी-इसाइली हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए और सात घायल हो गए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान स्थित ईरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पर भी हमला हुआ। इसमें अनुसंधान और शैक्षणिक भवनों को नुकसान पहुंचा।

ईरानी राष्ट्रपति की पड़ोसी देशों को चेतावनी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने खाड़ी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे अपने देश में विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं तो वे अमेरिका-इस्राइल को ईरान पर हमले के लिए अपनी भूमि का इस्तेमाल नहीं करने दें। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया जाता है, तो ईरान अमेरिका-इस्राइल के खिलाफ कड़ा जवाबी कार्रवाई करेगा।

दुबई में अमेरिका के दो गुप्त ठिकानों पर हमला
ईरान ने दावा किया उसने दुबई में अमेरिकी सेना के दो गुप्त ठिकानों पर हमला किया है। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, हजरत खातम अल-अनबिया के केंद्रीय मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमलों के बाद अमेरिकी सेना के जवान इन गुप्त ठिकानों में छिपने चले गए थे। इन दोनों ठिकानों में 500 से अधिक अमेरिकी सेना के जवान थे। आईआरजीसी ने इन स्थानों की पहचान की और सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे भारी नुकसान हुआ।

यूईए में दर्जनों हमले, पांच भारतीय समेत छह घायल
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने कहा कि शनिवार को उसके वायु रक्षा तंत्र ने 20 बैलिस्टिक मिसाइल और 37 ड्रोन हमलों का जवाब दिया। राजधानी अबू धाबी के एक औद्योगिक क्षेत्र में हुए हमलों में छह लोग घायल हो गए, जहां तीन जगहों पर आग लगने की सूचना मिली है। घायलों में पांच भारतीय हैं। अधिकारियों ने बताया कि ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों को हवा में नष्ट कर दिया गया, जिनके मलबा गिरने से आग लग गई और ये लोग घायल हो गए। वहीं, हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लेबनान में इस्राइली हमले में अल-मनार टीवी के संवाददाता अली शोएब और बेरूत स्थित अल-मयादीन टीवी की रिपोर्टर फातिमा फ्तौनी की मौत हो गई।

कुवैत और बहरीन में हमले
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ईरान की तरफ से पिछले 24 घंटों के दौरान चार बैलिस्टिक मिसाइलों, एक क्रूज मिसाइल और सात ड्रोन से हमला किया गया। इसमें मुबारक अल कबीर और शुवैख बंदरगाह और कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है। नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि हमलों से हवाई अड्डे के रडार सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा है। बहरीन ने कहा कि 24 घंटे के भीतर ईरान की तरफ से उस पर 40 से अधिक हवाई हमले किए गए। इनमें 20 मिसाइल और 23 ड्रोन हमल थे, जिनका उसके रक्षा बलों ने जवाब दिया।

आज पाकिस्तान आएंगे तीन देशों के विदेश मंत्री
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने शनिवार को कहा कि युद्ध समाप्त करने के उपायों पर चर्चा के लिए रविवार को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैजल बिन फरहान, तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलट्टी इस्लामाबाद आएंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि उन्होंने और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने क्षेत्रीय शत्रुता और युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की।


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ईरान को राजनयिक प्रयासों पर संदेह: अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को अपने तुर्की समकक्ष से फोन पर बातचीत में कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के लिए किए जा रहे हालिया राजनयिक प्रयासों को लेकर ईरान संशय में है। ईरानी सरकारी मीडिया की ओर से प्रसारित बातचीत के विवरण के अनुसार, अराघची ने अमेरिका पर अनुचित मांगें रखने और विरोधाभासी कार्रवाइयां करने का आरोप लगाया, जिससे समझौते की संभावना पर संदेह पैदा हो गया है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने अराघची को आश्वासन दिया कि दूसरे पक्ष के प्रति ईरान की निराशा समझ में आती है क्योंकि बातचीत के दौरान ईरान पर दो बार हमला और सैन्य आक्रामकता की गई है।



 
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