फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   West Asia conflict US strikes in Iran Sirik: Water tanks destroyed, drinking water crisis deepens us iran war

जंग के बीच अब पानी पर निशाना: ईरान के सिरिक में अमेरिकी बमबारी के बाद जलापूर्ति ठप, संकट और गहराने की आशंका

Wed, 10 Jun 2026 11:25 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 10 Jun 2026 11:25 AM IST
सार

ईरान के सिरिक में अमेरिकी हमलों से पानी के टैंक नष्ट होने से पेयजल संकट पैदा हो गया है। यह कार्रवाई अमेरिकी हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद हुई। जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए और खाड़ी देशों बुनियादी ढांचों पर भी हमले की चेतावनी दी।

विज्ञापन
West Asia conflict US strikes in Iran Sirik: Water tanks destroyed, drinking water crisis deepens us iran war
इस्राइल, अमेरिका-ईरान युद्ध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ईरान के दक्षिणी सिरिक क्षेत्र में हुए अमेरिकी हमलों में पानी के दो बड़े टैंक नष्ट हो गए हैं। इस हमले के कारण पूरे जिले में पीने के पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। इन हमलों के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि वह खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर लगातार मिसाइलें दागेगा। उसने यह भी कहा कि खाड़ी देशों की पानी साफ करने वाली मशीनों (डिसैलिनेशन इंफ्रास्ट्रक्चर) को भी निशाना बनाया जा सकता है, जिन पर ये देश 90 प्रतिशत से ज्यादा निर्भर हैं।
विज्ञापन


ईरान ने हमलों कड़ी निंदा की
ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। मुंबई में स्थित ईरानी कॉन्सुलेट ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना गंभीर मानवीय चिंता का विषय है। रिपोर्ट के अनुसार, सिरिक के बामनी जिले में ये टैंक स्थित थे।
विज्ञापन


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा?
यह तनाव तब शुरू हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराने का आरोप लगाया। अमेरिकी सेना ने इसे ईरान की आक्रामकता का जवाब बताया। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान के ड्रोन ने हेलीकॉप्टर को गिराया था, हालांकि इसमें दोनों पायलट सुरक्षित बच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


जवाब में अमेरिका ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र और रडार केंद्रों पर कई हमले किए। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया। दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों, जैसे बंदर अब्बास और क्युशम द्वीप से धमाकों की खबरें आईं। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी की कार्रवाई
इसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी अल-अजराक बेस पर लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं। ईरान का दावा है कि उन्होंने F-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर और कमांड सेंटर को निशाना बनाया। इसके अलावा, बहरीन में मौजूद अमेरिकी पांचवें बेड़े पर भी ड्रोन से हमले किए गए।


ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में फिर भड़का तनाव, ईरान का दावा- बहरीन में अमेरिकी बेस पर किया ड्रोन हमला

क्या बोले ईरान के विदेश मंत्री?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि विदेशी सेनाओं को जोखिम से बचने के लिए यह क्षेत्र छोड़ देना चाहिए। ईरान ने साफ किया है कि अगर अमेरिका के हमले जारी रहे, तो वह और भी कड़ा जवाब देगा। इस टकराव ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिकी हमलों ने एक टेलीकम्युनिकेशन टावर को भी नुकसान पहुंचाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed