फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   West Asia Conflict Update: Attacks on Key Sea Routes, 17 Ships Targeted Strait of Hormuz News in Hindi

West Asia Conflict: पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों पर हमले, अब तक 17 जहाजों को बनाया गया निशाना; जानें सबकुछ

Sun, 15 Mar 2026 07:44 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Shubham Kumar Updated Sun, 15 Mar 2026 07:44 AM IST
सार

West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब समुद्री मार्गों को भी प्रभावित करने लगा है। पिछले दो हफ्तों में फारस की खाड़ी, हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी जैसे अहम समुद्री रास्तों पर कम से कम 17 जहाजों पर हमले हुए हैं। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और वैश्विक व्यापार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

विज्ञापन
West Asia Conflict Update: Attacks on Key Sea Routes, 17 Ships Targeted Strait of Hormuz News in Hindi
पश्चिम एशिया संघर्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

विज्ञापन

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर साफ नजर आने लगा है। पिछले दो हफ्तों में क्षेत्र के प्रमुख समुद्री मार्गों पर कम से कम 17 जहाजों पर हमले हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार ये घटनाएं फारस की खाड़ी, हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी के आसपास हुई हैं। ऐसे में लगातार हो रहे हमलों और ड्रोन गतिविधियों ने इस पूरे समुद्री क्षेत्र को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

विज्ञापन


इस बात की जानकारी सीएनएन ने यूनाइटेड किंगडम मरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) के डेटा का हवाला देते हुए दी है। ये हमले एक मार्च से फारस की खाड़ी, हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी के आसपास हुए हैं। इतना ही नहीं इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत भी हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- West Asia Crisis: ईरान युद्ध के बीच फर्जी एआई वीडियो से प्रोपेगैंडा फैलाने का आरोप, यूएई में 10 गिरफ्तार

कब और कहां हुए हमले, यहां समझिए

  • 1 मार्च को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, वहीं बहरीन में एक टैंकर पर भी हमला हुआ। इसी दिन ओमान की खाड़ी में MKD VYOM नामक टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई।
  • 3 मार्च को ओमान की खाड़ी में दो जहाजों पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ और एक ड्रोन को भी देखा गया।

  • 4 मार्च को हॉर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में दो जहाजों पर विस्फोट हुए।

  • 6 मार्च को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक टग जहाज पर हमला हुआ।

  • 7 मार्च को फारस की खाड़ी में एक ड्रिलिंग रिग पर ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें कर्मचारी घायल हुए और उन्हें बचाने के लिए खाली करना पड़ा।

  • 10 मार्च को फारस की खाड़ी में एक जहाज को प्रोजेक्टाइल से चोट लगी।

  • 11 मार्च को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कंटेनर शिप मयूरी नारी पर हमला हुआ और फारस की खाड़ी में तीन अन्य जहाज भी निशाना बने।

  • 12 मार्च को फारस की खाड़ी में एक कंटेनर शिप पर प्रोजेक्टाइल से आग लग गई।

सुरक्षा सलाह और खतरे की घंटी
संघर्ष के बीच समुद्री मार्गो पर हो रहे हमलों के बीच जॉइंट मरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (जेएमआईसी) और यूकेएमटीओ ने चेतावनी जारी की है कि फारस की खाड़ी, हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में समुद्री खतरा गंभीर है। 

  • 1 से 14 मार्च के बीच 20 से ज्यादा समुद्री घटनाएं दर्ज हुई हैं।

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य रूप से रोजाना लगभग 138 जहाज गुजरते हैं, लेकिन अब सिर्फ 2 जहाज प्रतिदिन गुजर रहे हैं।

  • हमले अब सिर्फ पश्चिमी देशों के जहाजों पर नहीं हो रहे, बल्कि सभी देशों और प्रकार के जहाज प्रभावित हैं।

  • हाल ही में फुजैरा ऑयल टर्मिनल पर हमला हुआ, जिससे पता चलता है कि अब पोर्ट और ईंधन आपूर्ति सुविधाएं भी निशाना बन रही हैं।

ये भी पढ़ें:- तेल में लगेगी आग?: खार्ग पर हमले के बाद पलटवार के मूड में ईरान, UAE के तीन बंदरगाहों पर हमले की कर रहा तैयारी

इससे इलेक्ट्रॉनिक बाधाएं और आर्थिक असर को भी समझिए
जारी हमलों के बीच समुद्री क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान भी तेजी से बढ़ रहे हैं। जहाजों के नेविगेशन सिस्टम में जीएनएसएस और जीपीएस से जुड़ी गड़बड़ी, जामिंग और स्पूफिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे जहाजों की सही लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। एआईएस डेटा के अनुसार कई जहाज ऐसे दिखाई दे रहे हैं जो 30 नॉट्स से ज्यादा की असंभव गति से चलते हुए दर्ज हो रहे हैं या उनकी लोकेशन जमीन पर दिख रही है। यह तकनीकी बाधाएं सिर्फ फारस की खाड़ी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका असर रेड सी और बाब-एल-मांडब जलडमरूमध्य तक भी देखा जा रहा है।

ऐसे में इस स्थिति का असर वैश्विक व्यापार पर भी पड़ रहा है। समुद्री क्षेत्र में बढ़ते खतरे के कारण युद्ध-जोखिम बीमा की कीमतें बढ़ गई हैं और शिपिंग कंपनियों के लिए नियम भी कड़े कर दिए गए हैं। साथ ही माल ढुलाई दरें और बंकर ईंधन की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिससे ऊर्जा और उर्वरक जैसे उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है।

समुद्री एजेंसियों ने जहाजों के चालक दलों को दी सतर्कता की सलाह
इस बीच समुद्री एजेंसियों ने जहाजों के चालक दल को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें अपने जहाजों के मार्ग और गतिविधियों को अनुमानित पैटर्न में न रखने, जहाज को लंबे समय तक एंकर या बंदरगाह पर खड़ा न करने और नेविगेशन डेटा की रडार, विजुअल संकेतों और मैन्युअल तरीकों से जांच करने को कहा गया है। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध प्रोजेक्टाइल या मलबे को बिना छुए सुरक्षित दूरी से देखने और सैन्य जहाजों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की गलत पहचान या दुर्घटना से बचा जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed