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Water on Mars: मंगल के दक्षिण ध्रुवीय आइस कैप में पानी के तरल रूप के सबूत मिले, जीवन की संभावनाओं को मिला बल

Wed, 05 Oct 2022 09:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 05 Oct 2022 09:17 PM IST
सार

ये पहली बार नहीं है जब मंगल पर पानी के अस्तित्व को लेकर विज्ञानियों ने दावा किया हो। इससे पहले अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दावा किया था कि उसके यान ने मंगल ग्रह (MARS) पर पानी होने के सबूत खोजे हैं। जिसके बाद कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) के वैज्ञानिकों ने इसकी जांच की थी।

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Water on Mars: New Evidence of liquid form of water found in Mars
मंगल ग्रह पर मिला पानी - फोटो : Twitter @latestinspace

विस्तार

पूरी दुनिया के तमाम शोधकर्ताओं के लिए मंगल ग्रह अभी भी पहेली बना हुआ है। वैज्ञानिक बीते लंबे समय से मंगल पर जीवन की संभावना के बारे में खोज कर रहे हैं। इसी खोज के क्रम में अंतरिक्ष विज्ञानियों के एक अंतरराष्ट्रीय समूह ने मंगल ग्रह के दक्षिण ध्रुवीय ‘आइस कैप’ में पानी के तरल रूप में होने के नए सबूत मिलने का दावा किया है। इन नए साक्ष्यों के बाद मंगल पर जीवन की संभावनाओं को और बल मिला है। 

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शोधकर्ताओं का कहना है कि नेचर पर हुई खोजों के संदर्भ में लेख प्रकाशित करने वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की पत्रिका नेचर एस्ट्रोनामी में प्रकाशित परिणाम, रडार और अन्य आंकड़ों का उपयोग करते हुए मिले साक्ष्यों से पता चला है कि मंगल के दक्षिणी ध्रुव के नीचे तरल अवस्था में पानी है।
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कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के नेतृत्व में शेफील्ड विश्वविद्यालय और खोजकर्ताओं ने मंगल की ऊंचाई में सूक्ष्म पैटर्न की जांच के लिए आइस कैप की ऊपरी सतह के आकार के अंतरिक्ष यान लेजर-अल्टीमीटर माप का उपयोग किया। इस जांच के बाद शोधकर्ताओं ने बताया कि ये पैटर्न कंप्यूटर मॉडल की भविष्यवाणियों से मेल खाते हैं। बता दें कि किसी ग्रह का उच्च अक्षांशीय क्षेत्र जो बर्फ से ढका हो उसे ‘आइस कैप’ कहते हैं।
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इस शोध के को लेकर शेफील्ड विश्वविद्यालय के फ्रांसिस बुचर ने बताया कि यह अध्ययन मंगल पर पानी को लेकर अभी तक का सबसे अच्छे संकेत देता है कि मंगल पर तरल रूप में पानी मौजूद है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तरल रूप में पानी जीवन का जरूरी घटक है लेकिन इसका ये तात्पर्य नहीं है कि मंगल ग्रह पर जीवन का अस्तित्व है। पृथ्वी की भांति ही मंगल ग्रह के दोनों ध्रुवों पर मोटी बर्फ है। वहीं, अभी तक धारणा थी कि पृथ्वी पर बर्फ के नीचे पानी के तरल रूप के विपरीत मंगल के आइस कैप की सतह पूर्ण रूप से ठोस बर्फ की है। 


गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है जब मंगल पर पानी के अस्तित्व को लेकर विज्ञानियों ने दावा किया हो। इससे पहले अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दावा किया था कि उसके यान ने मंगल ग्रह (MARS) पर पानी होने के सबूत खोजे हैं। जिसके बाद कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) के वैज्ञानिकों ने इसकी जांच की थी। इस जांच में पता चला था कि मंगल ग्रह पर 200 करोड़ साल पहले पानी मौजूद था, क्योंकि वहां पर बहते पानी के साथ आने वाले सॉल्ट मिनरल्स पाए गए हैं। इनके निशान मंगल ग्रह की सतह पर सफेद रंग की लकीरों के रूप में मौजूद हैं जिनको देखा जा सकता है। 

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