Emmanuel Macron: ट्रंप के सत्ता में लौटने पर मैक्रों बोले- यूरोप के लिए जागने का वक्त, अपना रक्षा खर्च बढ़ाएं
Emmanuel Macron: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूरोप से अपना रक्षा खर्च बढ़ाने का आह्वान किया है। उनका यह बयान तब आया है, जब अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी हो रही है।
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अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में लौटते ही सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूरोपीय देशों से आग्रह किया कि वे रक्षा पर अधिक खर्च करें। यह बयान उन्होंने फ्रांसीसी सेना को संबोधित करते हुए दिया।
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से कुछ समय पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को चेतावनी दी कि हथियारों के मामले में यूरोप अब सिर्फ अमेरिका के भरोसे ही नहीं बैठ सकता। यूरोप के देशों को घरेलू रक्षा उद्योगों में निवेश बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, सैन्य बजट पर खर्च किए जाने वाले करदाताओं के अरबों यूरो का इस्तेमाल अब सिर्फ अमेरिकी हथियार खरीदने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
शीर्ष सैन्य अधिकारियों को नए साल के संबोधन में मैक्रों ने शिकायत की कि यूरोपीय नागरिक अपनी रक्षा के लिए पर्याप्त भुगतान नहीं करते हैं, अब महाद्वीप को अपना रक्षा खर्च और अधिक बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा, हम अन्य महाद्वीपों के उद्योग, धन और नौकरियों को सब्सिडी देने के लिए तो खर्च कर सकते हैं, लेकिन अपनी रक्षा के लिए अधिक खर्च नहीं कर सकते हैं। जब हम कहते हैं कि आइए अपनी सेनाओं के लिए अधिक खर्च करें, तो कई देशों में इसका अक्सर मतलब होता है, अधिक अमेरिकी हथियार खरीदें।
गौरतलब है कि फ्रांस के पास एक बड़ा रक्षा उद्योग है। लेकिन उसकी शिकायत है कि यूरोपीय संघ के सदस्य फ्रांसीसी या यूरोपीय विकल्प मौजूद होने के बावजूद अमेरिका से हथियार खरीदने का विकल्प चुनते हैं। 2022 में इटली ने अमेरिकी और इस्राइली हार्डवेयर से युक्त यूरोपीय स्काई शील्ड वायु-रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए फ्रांस की अनदेखी करते हुए अमेरिका का विकल्प चुना था। इस फैसले से मैक्रों नाराज हो गए थे।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति का यह बयान उस समय आया है, जब ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध के लिए अमेरिका की ओर से दी जाने वाली बड़ी सैन्य मदद की आलोचना की है और इस संघर्ष को जल्द ही खत्म करने का वादा किया। साथ ही ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह यूक्रेन के मामले में अधिक आर्थिक बोझ यूरोप पर डालना चाहते हैं। मैंक्रों का मानना है कि यूरोप को अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा आत्मनिर्भर बनना होगा और इसे अमेरिकी निर्भरता कम करनी होगी।
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