ऑस्ट्रेलिया में आम चुनाव के लिए मतदान संपन्न, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था रहे अहम मुद्दे
- देर रात घोषित होंगे चुनाव परिणाम, मध्य-वाम लेबर पार्टी बढ़त में
- अर्थव्यवस्था, रहन-सहन का स्तर व स्वास्थ्य सेवाएं भी रहे अहम मुद्दे
- 2007 के बाद से कोई भी प्रधानमंत्री कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है
- मतदान अनिवार्य होने से 95 साल में कभी 91% से कम वोटिंग नहीं
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दुनिया में एक तरफ भारत में लोकसभा के चुनाव अंतिम चरण में हैं वहीं ऑस्ट्रेलिया में भी आम चुनाव के लिए शनिवार को मतदान हुआ। यहां चुनावी मुद्दा भ्रष्टाचार या जातिगत ध्रुवीकरण नहीं बल्कि जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था है जिसे मतदाता किसी भी सूरत में सुधारना चाहते हैं।
चुनावी मुद्दों में रहन-सहन का स्तर और स्वास्थ्य सेवाएं भी शामिल हैं। पिछले एक दशक में सियासी मतभेदों के चलते अस्थिर माहौल के चलते इस बार ऑस्ट्रेलिया के चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं। चुनावी नतीजे शनिवार देर रात या रविवार तड़के तक आ जाने की उम्मीद है।
देश में हर तीन साल में होने वाले आम चुनाव में 2007 के बाद से कोई भी प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है। इस बार देश में लंबे समय तक पीएम रहे बॉब हॉक के निधन के सिर्फ दो दिनों बाद मतदान हुए। इसमें रिकॉर्ड 1.64 करोड़ मतदाताओं ने मत डाला।
चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में विपक्षी मध्य-वाम लेबर पार्टी जीत की ओर बढ़ती बताई गई है। प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बिल शॉर्टन ने मेलबोर्न में मतदान के बाद बहुमत की सरकार बनने की उम्मीद जताई है। वह बढ़त हासिल करते दिख रहे हैं जबकि कुछ सप्ताह पूर्व पीएम स्कॉट मोरिसन की कंजर्वेटिव लिबरल्स पार्टी हार की तरफ बढ़ रही है।
मतदान करना अनिवार्य है अन्यथा जुर्माना
ऑस्ट्रेलिया का चुनाव भारत के चुनावों से बहुत हद तक अलग है। ऑस्ट्रेलिया में 1924 से ही मतदान अनिवार्य है और अगर किसी पंजीकृत योग्य मतदाता ने अपना वोट नहीं डाला तो उस पर भारतीय मुद्रा के अनुसार, करीब 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसीलिए मतदान 90 फीसदी से अधिक ही रहता है।
बूथों पर मतदाताओं का विशेष ख्याल
ऑस्ट्रेलिया में चुनाव को खास तवज्जो मिलती है। मतदाताओं की सुविधाएं अहम होती हैं। मतदान केंद्रों पर न सिर्फ वोटरों के लिए खास इंतजाम किए जाते हैं बल्कि शिकायत मिलने पर अधिकारी पर त्वरित कार्रवाई भी होती है। ऐसे मतदाताओं के लिए भी अलग व्यवस्था होती है जो बूथ तक पहुंचने में असमर्थ होते हैं।