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रूस के साथ युद्ध अभ्यास: 'भारत पर दबाव क्यों नहीं डाला गया', अमेरिका बोला- हमारे पास बताने के लिए कुछ नहीं

Wed, 31 Aug 2022 03:07 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 31 Aug 2022 03:07 PM IST
सार

India Russia Military Exercise Vostok 2022 in Hindi: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जीन पियरे कहा है कि यूक्रेन के साथ अकारण एवं बर्बर युद्ध छेड़ने वाले रूस के साथ किसी भी अन्य देश का सैन्य अभ्यास करना उसके लिए चिंताजनक है।

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Vostok 2022: US White house concerned about India Russia Military Exercise News in Hindi
रूस के राष्ट्रपति पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रूस ने जब से भारत के साथ सैन्य अभ्यास ‘वोस्तोक 2022’ की घोषणा की है, अमेरिका बिलबिलाया हुआ है। इसमें भी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस युद्धाभ्यास में भारत और चीन के साथ कई अन्य देशों के 50 हजार सैनिक भाग ले रहे हैं। अब इस युद्धाभ्यास को लेकर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया सामने आई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जीन पियरे कहा है कि यूक्रेन के साथ अकारण एवं बर्बर युद्ध छेड़ने वाले रूस के साथ किसी भी अन्य देश का सैन्य अभ्यास करना उसके लिए चिंताजनक है।

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जब उनसे पूछा गया कि इस मसले पर भारत पर दबाव क्यों नहीं डाला गया? तो उन्होंने कहा, सैन्य अभ्यास में भाग लेने वाले प्रत्येक देश को खुद निर्णय लेना है और मैं यह फैसला उन पर छोड़ती हूं। वहीं इस सैन्य अभ्यास में भाग लेने वाले देशों पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा, मेरे पास इस बारे में बताने लायक कुछ नहीं है।
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सात दिन तक चलेगा युद्धाभ्यास 
रूस की सरकारी समाचार समिति ‘तास’ ने अपनी एक रिपोर्ट में रूसी रक्षा मंत्रालय के हवाले से कहा कि एक से सात सितंबर के बीच सैन्य अभ्यास ‘वोस्तोक 2022’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत, चीन और कई देशों के 50 हजार से अधिक सैनिक हिस्सा लेंगे। यह अभ्यास हिस्सा लेने वाले देशों की सेनाओं को ‘रक्षात्मक और आक्रामक अभियानों के गुर’ सीखने का अवसर प्रदान करेगा। यह अभ्यास सात अलग-अलग स्थानों पर किए जाएंगे।
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रिपोर्ट में कहा गया, यह सामरिक गतिविधि 50 हजार सैनिकों, युद्ध से जुड़े पांच हजार साजो समान व सैन्य उपकरण, 140 विमान, 60 युद्धपोत तथा अन्य जहाजों के साथ होगी। इस सैन्य अभ्यास में चीन, भारत, लाओस, मंगोलिया, निकारागुआ, सीरिया और पूर्व सोवियत देश हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि,  इस सैन्य अभ्यास को लेकर भारतीय सेना या रक्षा मंत्रालय ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।

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