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US: बांग्लादेश में हिंसा के खिलाफ ह्यूस्टन में हिंदुओं का प्रदर्शन, बाइडन सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

Mon, 12 Aug 2024 08:36 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: श्वेता महतो Updated Mon, 12 Aug 2024 08:36 AM IST
सार

विश्व हिंदू परिषद और हिंदूएक्शन का प्रतिनिधित्व करने वाले एक प्रतिनिधि अचलेश अमर ने भीड़ को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश में अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं। हम बांग्लादेशी सरकार से अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने और अपने सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं।

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Violence in Bangladesh Hundreds Join Indian Americans Vigil news in hindi
अमेरिका में प्रदर्शन - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। हिंदुओं के खिलाफ हिंसा में वृद्धि को देखते हुए अमेरिका में हिंदू समुदाय विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार की सुबह ह्यूस्टन के शुगर लैंड सिटी हॉल में 300 से अधिक अमेरिकी-भारतीय और बांग्लादेशी मूल के हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के खिलाफ हिंसा को लेकर तत्काल और निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने बाइडन प्रशासन से अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा की भी मांग की और उनके खिलाफ हो रहे हिंसा पर मूक दर्शक बने रहने से इनकार करने का आग्रह किया।
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ह्यूस्टन में हिंदू समुदाय के लोगों ने किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन
ग्लोबल वॉयस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज ने 'बांग्लादेश में हिंदुओं को बचाएं' शीर्षक के साथ ह्यूस्टन में इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आयोजन किया था। इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और अत्याचार को समाप्त करने की मांग करते हुए तख्तियों में संदेश भी लिखे। इस दौरान हिंदू नरसंहार बंद करो," "अब खड़े हो," "हिंदू जीवन मायने रखता है," और "हम भागेंगे नहीं, हम छिपेंगे नहीं" जैसे नारे भी लगाए गए।
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विश्व हिंदू परिषद और हिंदूएक्शन का प्रतिनिधित्व करने वाले एक प्रतिनिधि अचलेश अमर ने भीड़ को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "हम हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले की निंदा करते हैं। हम बांग्लादेश में अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं। हम बांग्लादेशी सरकार से अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने और अपने सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं।" अचलेश अमर ने हिंदूपैक्ट की सह-संयोजक दीप्ति महाजन का भी एक बयान साझा किया। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में तख्तापलट के साथ, एक करोड़ हिंदू नरसंहार के बम पर बैठे हैं। बांग्लादेश के भीतर से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, हत्याओं और हिंदू मंदिरों में तोड़-फोड़ की घटनाएं सामने आ रही है।
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क्या है बांग्लादेश में हिंसा का कारण? 
बांग्लादेश में 1971 में देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रतता सेनानियों के लिए तय किए आरक्षण के खिलाफ जुलाई में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए और छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की जाने लगी। ये विरोध प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए कि पांच अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। वहीं बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है। इस अंतरिम सरकार की देखरेख में ही अगले कुछ महीनों में चुनाव कराए जाने की बात कही गई है।



 
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