France: फ्रांस में आगजनी, हिंसा और पथराव, लाइब्रेरी फूंकी और 13 बसों में लगाई आग; आपातकाल की आशंका
प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस की सड़कों पर रात भर उत्पात मचाया। 13 बसें फूंक डाली गईं। अब तक 875 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं जबकि करीब 200 पुलिस अफसर घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने 2024 ओलंपिक के लिए निर्माणाधीन स्विमिंग पूल को भी फूंक दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फ्रांस में अफ्रीकी मूल के एक 17 वर्षीय किशोर को पुलिसकर्मी द्वारा गोली मारकर हत्या करने के बाद भड़की हिंसा शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इस बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को दूसरी बार इमरजेंसी बैठक बुलाई। फ्रांसीसी पीएम एलिजाबेथ बोर्न ने कहा है कि सरकार व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें आपातकाल की घोषणा करना भी शामिल है। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में मार्सिले शहर की सबसे बड़ी लाइब्रेरी में दंगाइयों ने तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस की सड़कों पर रात भर उत्पात मचाया। 13 बसें फूंक डाली गईं। अब तक 875 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं जबकि करीब 200 पुलिस अफसर घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने 2024 ओलंपिक के लिए निर्माणाधीन स्विमिंग पूल को भी फूंक दिया।
टूलूज में आगजनी, ल्योन में ट्रामवे ट्रेन को फूंका
नेनटेरे क्षेत्र में 17 वर्षीय मृतक किशोर नाहेल के सम्मान में एक शांति मार्च निकालने के दौरान टकराव बढ़ गया। बहुत जल्द ही कारों को फूंक डाला गया और कूड़ेदानों में आग लगा दी गई। यह तनाव पूरे फ्रांस में दिन भर कई जगहों पर दिखाई दिया। आमतौर पर शांत रहने वाले फ्रांसीसी शहर पाउ में, एक पुलिस कार्यालय पर मोलोटोव कॉकटेल फेंका गया। टूलूज में भी वाहनों में आग लगा दी गई जबकि ल्योन के एक उपनगर में एक ट्रामवे ट्रेन को आग लगा दी गई। एहतियातन, पेरिस क्षेत्र में बस और ट्राम सेवाएं बंद कर दी गईं, और कई ट्राम लाइनें शुक्रवार सुबह व्यस्त समय के लिए बंद रहीं।