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यूक्रेन युद्ध: मॉस्को जाने पर गिरफ्तारी का खतरा, फिर भी तैयार थे जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ बुदानोव; क्या बोले?
Sat, 05 Sep 2026 07:09 AM IST
निर्मल कांत
एंड्रयू ई क्रेमर, द न्यूयॉर्क टाइम्स, कीव।
एंड्रयू ई क्रेमर, द न्यूयॉर्क टाइम्स, कीव।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 05 Sep 2026 07:09 AM IST
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किरीलो बुदानोव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एक्स/किरीलो बुदानोव
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इस वर्ष के शुरू में में जब शांति वार्ता का एक दौर खत्म हुआ, तो यूक्रेनी वार्ताकारों को रूसियों की तरफ से एक हैरान करने वाला प्रस्ताव मिला। इसमें कहा गया कि यूक्रेनी अधिकारी चाहें तो मॉस्को की उड़ान पकड़ सकते हैं और वार्ता जारी रख सकते हैं। इसका फायदा यह था कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की संभावना थी और नुकसान यह था कि उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता था, या उससे भी बुरा कुछ हो सकता था।
प्रस्ताव ने इससे पहले जिनेवा में वार्ता के दौरान यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले किरीलो बुदानोव के सामने एक गंभीर असमंजस उत्पन्न कर दिया। रूस ने उन पर आतंकवाद के आरोप लगा रखे हैं, जो तब लगाए गए थे जब वह यूक्रेन के सैन्य जासूसी प्रमुख थे। लेकिन वार्ता के माध्यम से शांति हासिल करने के लिए वह कोई भी अप्रत्याशित कदम उठाने के लिए तैयार थे। कभी रूस से डटकर मुकाबला करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल बुदानोव मौजूदा समय में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ हैं और किसी भी कीमत पर शांति चाहते हैं। बुदानोव का कहना है, बातचीत आज नहीं तो कल किसी नतीजे पर जरूर पहुंचेगी।
आप पूरी जिंदगी युद्ध नहीं लड़ सकते। यूक्रेनी सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले बुदानोव ने एक इंटरव्यू में कहा, मैं युद्ध खत्म करने वाले किसी भी कदम के लिए तैयार हूं। बशर्ते यूक्रेन को इसकी शर्तें मंजूर हों। उन्होंने मॉस्को दौरे के प्रस्ताव के बारे में खुलासा किया, जिसकी रिपोर्ट पहले सामने नहीं आई थी। यही नहीं यह दौरान भी परवान नहीं चढ़ सका था, और आगे बातचीत ठप हो गई थी।
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वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीद : जंग लगातार जारी रहने के बीच बुदानोव ने सितंबर के आखिर तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में शांति वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीद जताई है।
ये भी पढ़ें: अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करेंगे यूरोपीय देश: पांच देशों में होगा समझौता; क्या विदेश में बनेंगे वापसी केंद्र?
जुझारू जवान और शांति के पैरोकार
विश्लेषकों का कहना है, शांति की पहल की बुदानोव की मंशा उनके व्यक्तित्व के दो अलग पहलुओं को सामने लाती है। वह एक ऐसे सैनिक के तौर पर अपनी पहचान बनाए रखना चाहते हैं जिसने रूस के खिलाफ जमकर जंग लड़ी।
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प्रस्ताव ने इससे पहले जिनेवा में वार्ता के दौरान यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले किरीलो बुदानोव के सामने एक गंभीर असमंजस उत्पन्न कर दिया। रूस ने उन पर आतंकवाद के आरोप लगा रखे हैं, जो तब लगाए गए थे जब वह यूक्रेन के सैन्य जासूसी प्रमुख थे। लेकिन वार्ता के माध्यम से शांति हासिल करने के लिए वह कोई भी अप्रत्याशित कदम उठाने के लिए तैयार थे। कभी रूस से डटकर मुकाबला करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल बुदानोव मौजूदा समय में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ हैं और किसी भी कीमत पर शांति चाहते हैं। बुदानोव का कहना है, बातचीत आज नहीं तो कल किसी नतीजे पर जरूर पहुंचेगी।
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आप पूरी जिंदगी युद्ध नहीं लड़ सकते। यूक्रेनी सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले बुदानोव ने एक इंटरव्यू में कहा, मैं युद्ध खत्म करने वाले किसी भी कदम के लिए तैयार हूं। बशर्ते यूक्रेन को इसकी शर्तें मंजूर हों। उन्होंने मॉस्को दौरे के प्रस्ताव के बारे में खुलासा किया, जिसकी रिपोर्ट पहले सामने नहीं आई थी। यही नहीं यह दौरान भी परवान नहीं चढ़ सका था, और आगे बातचीत ठप हो गई थी।
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- 2022 में फरवरी में शुरू हुई थी रूस-यूक्रेन जंग
- 10 लाख रूसी सैनिक हताहत, 4.5 लाख मरे
- 2.5 लाख के करीब यूक्रेनी सैनिकों की मौत
- 8,400 रूसी व 16,000 यूक्रेनी नागरिक मरे
वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीद : जंग लगातार जारी रहने के बीच बुदानोव ने सितंबर के आखिर तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में शांति वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीद जताई है।
ये भी पढ़ें: अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करेंगे यूरोपीय देश: पांच देशों में होगा समझौता; क्या विदेश में बनेंगे वापसी केंद्र?
जुझारू जवान और शांति के पैरोकार
विश्लेषकों का कहना है, शांति की पहल की बुदानोव की मंशा उनके व्यक्तित्व के दो अलग पहलुओं को सामने लाती है। वह एक ऐसे सैनिक के तौर पर अपनी पहचान बनाए रखना चाहते हैं जिसने रूस के खिलाफ जमकर जंग लड़ी।
- पूर्वी यूक्रेन में 2014 में लंबे समय से सुलगते रहे युद्ध के दौरान बुदानोव ने दुश्मन की सीमा के पीछे जाकर कमांडो छापों का नेतृत्व किया था, जिसमें एक छापे में रूसी जनरल के बेटे की मौत हो गई थी।
- 2022 में रूसी हमले के बाद उन्होंने यूक्रेन के कुछ सबसे दुस्साहसिक जवाबी हमलों की रूपरेखा तैयार करने में मदद की। अब वह खून-खराबा खत्म करने की पहल में भी सबसे आगे हैं।