विजय माल्या ने सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ से की अपनी तुलना, सरकारी एजेंसियों पर लगाया आरोप
- विजय माल्या ने कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ की खुद से तुलना की।
- माल्या ने ट्वीट कर कहा है, "मैं परोक्ष रूप से वीजी सिद्धार्थ से संबंधित हूं।"
- माल्या ने कहा "सरकारी एजेंसियां और बैंक किसी को भी निराशा में डाल सकते हैं।"
विस्तार
शराब कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को ट्वीट करते हुए कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ की खुद से तुलना की है। बता दें सिद्धार्थ का शव मंगलूरू के हौजी बाजार के पास नेत्रावती नदी के किनारे से बरामद हुआ है। सिद्धार्थ ने आयकर अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
सिद्धार्थ का तीन दिन पुराना एक खत मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी परेशानियों के बारे में बताया है। इस पत्र में उन्होंने कंपनी को हो रहे भारी नुकसान और कर्ज का भी जिक्र किया है। इतना ही नहीं उन्होंने आयकर विभाग के पूर्व डीजी के दबाव की भी बात कही है।
सिद्धार्थ पर अनियमित्ताओं के आरोप की आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहे हैं। खत में उन्होंने कहा है कि आयकर विभाग का पूर्व डीजी उन्हें प्रताड़ित कर रहा है। सिद्धार्थ ने लिखा है कि दो मौकों पर हमारे शेयर अचैट कर हमारी माइंड ट्री डील को ब्लॉक किया गया। हमने रिवाइज रिटर्न भर दिए थे, लेकिन हमारे कॉफी डे के शेयर पजेस कर लिए गए। यह बहुत गलत था इससे हमारे पास कैश की भारी किल्लत हो गई।
माल्या ने ट्वीट कर कहा है, "मैं परोक्ष रूप से वीजी सिद्धार्थ से संबंधित हूं। श्रेष्ठ व्यक्ति और शानदार उद्यमी। मैं उनके खत में लिखी बातों से दुखी हूं। सरकारी एजेंसियां और बैंक किसी को भी निराशा में डाल सकते हैं। पूरी तरह से दोबारा भुगतान के बाद भी देखें कि वो मेरे साथ क्या कर रहे हैं। शातिर और अविश्वसनीय।"
I am indirectly related to VG Siddhartha. Excellent human and brilliant entrepreneur. I am devastated with the contents of his letter. The Govt Agencies and Banks can drive anyone to despair. See what they are doing to me despite offer of full repayment. Vicious and unrelenting.
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) July 30, 2019
माल्या फिलहाल ब्रिटेन में हैं और उनपर नौ हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। वह वहां प्रत्यर्पण मामले का सामना भी कर रहे हैं। माल्या ने एक अन्य ट्वीट में कहा है, "पश्चिमी देशों में सरकार और बैंक उधारकर्ताओं की ऋण चुकाने में मदद करते हैं। मेरे मामले में वो ऋण चुकाने के मेरे हर प्रयास में बाधा डाल रहे हैं।"
In Western Countries, Government and Banks help borrowers repay their debts. In my case they are obstructing every possible effort for me to repay my debt whilst competing for my assets. As far as the prima facie criminal case goes wait for the appeal granted.
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) July 30, 2019