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ASEAN-India Summit: VP धनखड़ ने कंबोडियाई सीनेट के अध्यक्ष से की मुलाकात, संसदीय प्रणाली पर हुई चर्चा

Sun, 13 Nov 2022 05:16 AM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नोम पेन्ह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नोम पेन्ह Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 13 Nov 2022 05:16 AM IST
सार

आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे उपराष्ट्रपति ने संबोधित करते हुए बड़ा एलान किया। इस दौरान, उन्होंने आसियान-भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी कोष में 5 मिलियन अमरीकी डॉलर का अतिरिक्त योगदान देने की घोषणा की।

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Vice President jagdeep Dhankhar visits historic National Museum in Phnom Penh and meets Cambodian Senate Prez
कंबोडिया के राष्ट्रीय संग्रहालय पहुंचे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इस समय कंबोडिया के दौरे पर हैं। वे आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह पहुंचे थे। इसी क्रम में शनिवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कंबोडियाई सीनेट के अध्यक्ष से चूम से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए दोनों देशों के सांसदों के बीच संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही, उप राष्ट्रपति ने नोम पेन्ह में ऐतिहासिक राष्ट्रीय संग्रहालय का दौरा किया। 

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उपराष्ट्रपति ने की कंबोडियाई सीनेट के अध्यक्ष से मुलाकात
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और कंबोडियाई सीनेट के अध्यक्ष से चुम के बीच हुई मुलाकात और वार्ता की जानकारी उपराष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दी गई। इस ट्वीट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक में भारत और कंबोडिया में संसदीय प्रणाली को लेकर चर्चा हुई। बता दें, दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) एक वैशि्वक संगठन है जिसके 10 सदस्यों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलयेशिया, म्यांमार, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। 
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कंबोडिया के ऐतिहासिक संग्रहालय का दौरा किया
वहीं, एक अन्य ट्वीट में उपराष्ट्रपति ने वहां के ऐतिहासिक राष्ट्रीय संग्रहालय के दौरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुराने समय से भारत और कंबोडिया के बीच घनिष्ठ सभ्यतागत संबंधों को दर्शाते हुए खमेर कला के अद्भुत कार्यों को देखकर खुशी हुई।
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आसियान-भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी कोष में अतिरिक्त योगदान देगा भारत 
आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे उपराष्ट्रपति ने संबोधित करते हुए बड़ा एलान किया। इस दौरान, उन्होंने आसियान-भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी कोष में 5 मिलियन अमरीकी डॉलर का अतिरिक्त योगदान देने की घोषणा की। इस सहायता से सार्वजनिक स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा और स्मार्ट कृषि के क्षेत्रों में सहयोग को लेकर कार्य किए जाएंगे। 

बाद में, विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) सौरभ कुमार ने बताया कि भारत और आसियान दोनों ने समुद्री सुरक्षा सहित समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। गौरतलब है कि आसियान-भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग औपचारिक रूप से 1996 में आसियान भारत एस एंड टी कार्य समूह (एआईडब्ल्यूजीएसटी) की स्थापना के साथ शुरू हुआ था। 

डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाएंगे
एक संयुक्त बयान में भारत और आसियान देशों ने डिजिटल परिवर्तन, डिजिटल व्यापार, डिजिटल कौशल और नवाचार, साथ ही हैकथॉन में क्षेत्रीय क्षमता निर्माण गतिविधियों की एक शृंखला के माध्यम से डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य के लिए लचीली और टिकाऊ खाद्य आपूर्ति विकसित करने के लिए नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान सहित स्मार्ट कृषि में सहयोग बढ़ाएंगे।

चार समझौतों पर हस्ताक्षर
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और कंबोडिया के पीएम हुन सेन के बीच हुई बैठक में संस्कृति, वन्य जीवन और स्वास्थ्य क्षेत्रों में चार समझौता ज्ञापनों पर दस्तखत किए गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, मानव संसाधन, डी-माइनिंग और विकास परियोजनाओं समेत द्विपक्षीय रिश्तों पर दोनों पक्षों में व्यापक बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने वन्यजीव और स्वास्थ्य क्षेत्रों में चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

आसियान से मिलकर काम करेंगे : बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने नॉम पेन्ह में वादा किया कि उनका देश आसियान देशों के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा, हम बेहतर भविष्य बनाने जा रहे हैं जिसे हम सभी साकार होते देखना चाहते हैं। क्षेत्र में चीन भी प्रभाव बढ़ा रहा है। ऐसे में 10 देशों वाला यह संघ मेरे प्रशासन की खुले व स्वतंत्र हिंद-प्रशांत रणनीति के केंद्र में है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था को अमेरिका, चीन के नेतृत्व वाले शिविरों में विभाजित करने से बचना चाहिए: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने शनिवार को कंबोडिया के नॉम पेन्ह में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था दो विरोधी खेमों में विभाजित होने का जोखिम नहीं उठा सकती है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कंबोडिया की राजधानी में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि "जैसा कि मैंने कल की शिखर बैठक में कहा था, हमें दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं - अमेरिका और चीन के नेतृत्व में वैश्विक अर्थव्यवस्था के दो भागों में विभाजन से हर कीमत पर बचना चाहिए।"


उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की दरार, नियमों के दो अलग-अलग सेट, दो प्रमुख मुद्राएं, दो इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर दो परस्पर विरोधी रणनीतियों के साथ, हमारे सामने आने वाली नाटकीय चुनौतियों का जवाब देने की दुनिया की क्षमता को कमजोर कर देगी।"

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