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श्रीलंका में कड़ी सुरक्षा के बीच मनाया गया वेसाक त्योहार, राष्ट्रपति सिरिसेना ने रिहा किए 762 कैदी
Sat, 18 May 2019 05:24 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sat, 18 May 2019 05:24 PM IST
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श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना (फाइल फोटो)
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने वेसाक (बुद्ध जयंती) के मौके पर 762 दोषियों को क्षमादान दिया। इसके साथ ही ईस्टर धमाकों के चलते श्रीलंका में कड़ी सुरक्षा के बीच यह पर्व मनाया गया।
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21 अप्रैल को हुए सिलसिलेवार धमाकों की वजह से देश में तरीब 260 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 500 घायल हो गए थे। इस कारण से श्रीलंका सरकार ने पांच दिन तक चलने वाले राष्ट्रीय वेसाक पर्व को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दो दिन तक सीमित कर दिया था।
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मई के महीने में आने वाला वेसाक दिवस पूरी दुनिया के बौद्ध मतावलंबियों के लिए सबसे पवित्र दिन माना जाता है। इसी दिन महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था, उन्हें ज्ञान प्राप्ति हुई थी और उनकी मृत्यु हुई थी।
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इस मौके पर राष्ट्रपति सिरिसेना ने 762 कैदियों को रिहा किया। इनमें 26 महिलाएं शामिल थीं। हालांकि, राष्ट्रपति ने बौद्ध भिक्षु गलगोडाटे ज्ञानसारा के बारे में कुछ नहीं किया, जिनकी रिहाई की बौद्ध नेता मांग कर रहे थे। अदालत की अवमानना के लिए जेल में बंद ज्ञानसाना साल 2013 से गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक अभियान में सबसे आगे थे। यह उम्मीद की जा रही थी कि राष्ट्रपति सिरिसेना वेसाक के मौके पर उन्हें रिहा कर सकते हैं।
जिन लोगों को रिहा किया गया वह छोटे अपराधों के लिए दोषी थे। इनमें से कोई भी हत्या, दुष्कर्म और नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों में शामिल नहीं था।