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Corona Vaccine: वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर का दावा- पांच साल से कम उम्र के बच्चों को तीन खुराक देना जरूरी

Mon, 23 May 2022 06:44 PM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 23 May 2022 06:44 PM IST
सार

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने सोमवार को बताया कि पांच से कम उम्र के नन्हें बच्चों को कोरोना वैक्सीन फाइजर की तीन खुराक देना जरूरी है। इससे उन्हें सुरक्षा प्रदान होगी।

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Vaccine maker Pfizer claims it is necessary to give three doses to children below five years of age
pfizer - फोटो : social media

विस्तार

कोरोना वायरस का ओमिक्रोन वैरिएंट लोगों को डरा रहा है। बच्चों के लिए यह खतरनाक बताया जा रहा है। इस बीच वैक्सीनमेकर कंपनी फाइजर ने दावा किया है कि उनके द्वारा तैयार की गई वैक्सीन की तीन खुराक बच्चों को सुरक्षा प्रदान करेंगी। अमेरिका में कोरोना के बढ़ते मामले देखते हुए लोग अपने बच्चों को दल्द से दल्द वैक्सीन दिलवाना चाहते हैं।

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रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने सोमवार को बताया कि पांच से कम उम्र के नन्हें बच्चों को कोरोना वैक्सीन फाइजर की तीन खुराक देना जरूरी है। इससे उन्हें सुरक्षा प्रदान होगी। एक ट्रायल में भी यह बात सामने आई है। जिसमें पांच साल से कम उम्र के बच्चों को तीन खुराक दी। जिसके बाद कमाल हो गया। बच्चों में वायरस से लड़ने एंटीबॉडी आ गई। फाइजर इस सप्ताह के बाद अमेरिकी नियामकों डेटा देने की तैयारी में है।
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जानकारी के मुताबिक, अमेरिका में फिलहाल पांच साल से कम उम्रे के 18 मिलियन ऐसे बच्चे हैं जिन्हें वैक्सीन लगाई जा सकती है। पिछले साल नवंबर में 5 से 11 साल के बच्चों के लिए फाइजर की कोरोना वैक्सीन आई थी। तब से अब तक 30 फीसद के करीब ही वैक्सीन लगाई गई है।
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फाइजर ने पहले कहा था कि 6 माह से चार साल के बच्चों को कोरोना के कहर से बचाने के लिए वैक्सीन का दसवां हिस्सा देना है। लेकिन जब बाद में ट्रायल किया तो सामने आया कि बच्चों को वैक्सीन की दो खुराक के बजाय तीन खुराक देना जरूरी है। ट्रायल में करीब 1,600 युवाओं को शामिल किया गया था। इसमें आने वाले बच्चों की उम्र 6 माह से चार साल तक थी। 

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