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टीके का खेल : वैक्सीन कंपनी ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा, पर बर्बाद किए करोड़ो टीके
Fri, 18 Jun 2021 07:49 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 18 Jun 2021 07:49 AM IST
सार
- मई 2020 में एमर्जेंट बायो सॉल्यूशन की अमेरिकी सरकार से करीब 63 करोड़ डॉलर की डील हुई थी
- खराब प्लांटों की चलते सही मापदंड पर टीके का निर्माण करने में विफल रही इमर्जेंट कंपनी
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covid 19 vaccine
- फोटो : PTI
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विस्तार
अमेरिका में पिछले साल को टीके का उत्पादन बढ़ाने को लेकर मची सरकारी हड़बड़ी का एक कंपनी ने जमकर फायदा उठाया है पता लगा है कि इस ने सरकार से बिना बोली के करोड़ों डॉलर के मोटे अनुबंध तो हासिल कर लिए। लेकिन अपने खराब प्लांटों की चलते सही मापदंड पर टीके का निर्माण करने में विफल रही।
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नतीजतन कोरोना के टीके फेंकने पड़े, पर कंपनी ने न सिर्फ दो दशक में रिकॉर्ड मुनाफा कूटा बल्कि अधिकारियों को हिस्से तगड़ा बोनस भी आया। अब कई अधिकारी कंपनी के चयन को लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
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प्लांट में थीं तकनीकी खामियां
मई 2020 में एमर्जेंट बायो सॉल्यूशन की अमेरिकी सरकार से करीब 63 करोड़ डॉलर की डील हुई थी। इसके तहत सरकार ने कंपनी के विवादास्पद बाल्टीमोर प्लांट को उत्पादन के लिए सुरक्षित रखने के साथ दो अन्य आकस्मिक सुविधा केंद्रों को भी कोरोना दवाओं की पैकेजिंग के लिए बुक कर लिया था। जबकि नियामक पिछले कुछ वर्षों में तकनीकी खामियों के चलते इन केंद्रों की आलोचना कर चुके थे।
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बिना उत्पादन के ही मिला पैसा
एक साल में कंपनी के दोनों सुविधा केंद्रों का नया बराबर इस्तेमाल हुआ है वह जबकि वह उत्पादन तैयारी के नाम पर करोड़ों डॉलर वसूल चुकी है। दस्तावेजों के अनुसार सरकार ने कंपनी को 3 से 20 महीने तक उसके प्लांटों को रिजर्व रखने के लिए कहा था। पर बीते हफ्ते तक इसके निलंबित बाल्टीमोर स्थित प्लांट से इस्तेमाल होने योग्य एक भी टीका नहीं बन पाया। वहीं सरकार एमर्जेंट को उत्पादन से पहले ही सारा पैसा देने पर भी सहमत हो गई थी।
7.5 करोड़ खुराक खराब, 10 करोड़ से ज्यादा जांच में फंसी
खराब गुणवत्ता नियंत्रण को देखते हुए अधिकारियों ने एमर्जेंट से एस्ट्राजेनेका के उत्पादन की जिम्मेदारी छीन ली। साथ ही जॉनसन एंड जॉनसन को टीका का उत्पादन अपने हाथ में लेने को कहा गया। एफडीए ने कहा एवं एमर्जेंट द्वारा बनाए गए जॉनसन एंड जॉनसन के 6 करोड़ टीके संभावित गड़बड़ी के चलते इस्तेमाल नहीं किए जा सकते।
अब तक जॉनसन एंड जॉनसन के कुल 7.5 करोड़ टीके बर्बाद हुए हैं। वहीं जॉनसन एंड जॉनसन और एस्ट्राजेनेका के 10 करोड़ से ज्यादा टीको को नियमों को ने फिलहाल सुरक्षा जांच के लिए रोक रखा है। इन सब के बावजूद इमर्जेंट ने निवेशकों को बताया था