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दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के पत्रकार जी डी ‘रॉबर्ट’ को वी के कृष्ण मेनन पुरस्कार
Mon, 06 May 2019 05:52 PM IST
अमर शर्मा
भाषा, लंदन
भाषा, लंदन
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 06 May 2019 05:52 PM IST
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पत्रकारिता (सांकेतिक तस्वीर)
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दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के पत्रकार जी डी ‘रॉबर्ट’ गोवेंदर को ब्रिटेन में 2019 के वी के कृष्ण मेनन पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। दक्षिण अफ्रीका में जन्मे पत्रकार गोवेंदर को भारतीय राजनयिक एवं नेता वी के कृष्ण मेनन की 123वीं जयंती के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में मरणोपरांत इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
गोवेंदर का पत्रकार एवं लेखक के तौर पर करियर करीब 60 वर्षों का था। इसके साथ ही वह ऐसे पहले पत्रकार थे जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका की केवल श्वेत खेल टीमों के अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का आह्वान किया था।
कार्यक्रम के बाद वी के कृष्ण मेनन इंस्टीट्यूट (वीकेकेएमआई) बोर्ड के सदस्य टोनी स्लेटर ने कहा कि गोवेंदर को मरणोपरांत पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
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स्लेटर ने कहा कि मेनन स्वयं के अलावा किसी अन्य चीज के लिए खड़े हुए और अपना पूरा जीवन उसे हासिल करने में लगाया। गोवेंदर का 60 वर्षों का कार्य नि:स्वार्थता और सही कार्य करने की प्रतिबद्धता दिखाता है।
दक्षिण अफ्रीका में अगस्त 1930 में जन्मे गोवेंदर का 2016 में ब्रिटेन में निधन हो गया था। मेनन लंदन में भारत के पहले उच्चायुक्त थे।
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गोवेंदर का पत्रकार एवं लेखक के तौर पर करियर करीब 60 वर्षों का था। इसके साथ ही वह ऐसे पहले पत्रकार थे जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका की केवल श्वेत खेल टीमों के अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का आह्वान किया था।
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कार्यक्रम के बाद वी के कृष्ण मेनन इंस्टीट्यूट (वीकेकेएमआई) बोर्ड के सदस्य टोनी स्लेटर ने कहा कि गोवेंदर को मरणोपरांत पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
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स्लेटर ने कहा कि मेनन स्वयं के अलावा किसी अन्य चीज के लिए खड़े हुए और अपना पूरा जीवन उसे हासिल करने में लगाया। गोवेंदर का 60 वर्षों का कार्य नि:स्वार्थता और सही कार्य करने की प्रतिबद्धता दिखाता है।
दक्षिण अफ्रीका में अगस्त 1930 में जन्मे गोवेंदर का 2016 में ब्रिटेन में निधन हो गया था। मेनन लंदन में भारत के पहले उच्चायुक्त थे।